
बिलासपुर। सिम्स (छत्तीसगढ़) के एआरटी सेंटर द्वारा 1 से 7 दिसम्बर तक “विश्व एड्स जागरूकता सप्ताह” मनाया गया, जिसका उद्देश्य HIV/AIDS से संबंधित जागरूकता बढ़ाना और समाज में इसके प्रति सही मानसिकता विकसित करना था। इस सप्ताह की थीम थी: ” मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार।”
समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. रमेश मूर्ति, डीन, सिम्स बिलासपुर, ने कार्यक्रम की शुरुआत की और इसके महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अन्य विशिष्ट अतिथि डॉ. लखन सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, सिम्स बिलासपुर, डॉ. बी.पी. सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, कोनी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, और डॉ. भूपेंद्र कश्यप, दंत चिकित्सा विभाग, सिम्स बिलासपुर, भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन किया गया, जैसे रंगोली, पोस्टर प्रस्तुति और स्लोगन प्रतियोगिता, जिनमें चिकित्सा छात्रों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
एआरटी सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. पंकज टेंभूर्णिकार ने बताया कि सिम्स आर्ट सेंटर की स्थापना 2010 में हुई थी, और आज तक 8700 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है, जिनमें से 4600 मरीजों का उपचार निरंतर चल रहा है। इसके अलावा, सेंटर द्वारा जेलों और अन्य उच्च जोखिम वाले समूहों में भी जागरूकता और चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। जेल में अभी 35 मरीज है जिन्हे वही जाच और उपचार प्रदान किया जाता हैं। एआरटी सेंटर के प्रभारी डॉ. रक्षित जोगी ने बताया कि सेंटर द्वारा स्वास्थ्यकर्मियों के लिए पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्टिक थेरेपी (PEP) भी उपलब्ध कराई जाती है, सिम्स के ओपीडी मे 24 घण्टे दवा उपलब्ध रहता है। जिससे यदि कोई स्वास्थ्यकर्मी किसी या कोई HIV संक्रमित व्यक्ति के रक्त के संपर्क में आता है, तो उसे तुरंत इलाज दिया जाता है। अब तक 105 ऐसे मामले सामने आए हैं, जिन्हें पूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम के अंत में पुरस्कार वितरण समारोह हुआ, जिसमें प्रतियोगिताओं में विजेताओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. भूपेंद्र कश्यप ने भी कार्यक्रम को सराहा और स्वास्थ्य के अधिकारों पर चर्चा की।
यह कार्यक्रम सिम्स बिलासपुर के एआरटी सेंटर द्वारा AIDS से संबंधित जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ और समाज में इसके प्रति गलत धारणाओं को समाप्त करने का प्रयास किया गया।





