कलेक्टर-एसएसपी ने सड़क सुरक्षा को लेकर कसा शिकंजा, फुटपाथ खाली कराने से लेकर हाईवे के 40-75 मीटर दायरे तक नियमों की सख्ती; आवारा पशु भी हादसों की बड़ी वजह
बिलासपुर, 25 अगस्त 2026। बिलासपुर जिले में सड़क हादसों की बढ़ती मौतों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इस साल के शुरुआती आठ महीनों में सड़क दुर्घटनाओं में 212 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 161 मौतें मोटरसाइकिल दुर्घटनाओं में हुई हैं। हादसों के इस भयावह आंकड़े के बाद अब जिला प्रशासन और पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर कार्रवाई का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है।
जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में मंगलवार को कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में दुर्घटनाओं के कारणों की एक-एक कर समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा के लिए तय उपायों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन ने साफ किया कि सड़क सुरक्षा सिर्फ यातायात विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। राजस्व, पुलिस, नगर निगम, राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, परिवहन और अन्य संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा।
212 मौतों ने बढ़ाई चिंता, 161 जान बाइक हादसों में गई
बैठक में सामने आया कि वर्ष 2026 के शुरुआती आठ महीनों में जिले में सड़क दुर्घटनाओं में 212 लोगों की मृत्यु हुई है। इनमें अकेले मोटरसाइकिल दुर्घटनाओं में 161 लोगों की जान गई।
एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि मोटरसाइकिल से जुड़े अधिकांश घातक हादसे आमने-सामने की टक्कर के मामलों से संबंधित हैं। उन्होंने हेलमेट को सड़क सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन बताते हुए कहा कि कई मामलों में हेलमेट का इस्तेमाल जान बचाने में मददगार साबित हो सकता था।
हादसों के आंकड़े ने प्रशासन के सामने चुनौती साफ कर दी है—दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा, हेलमेट का पालन और आमने-सामने की टक्कर रोकने के उपायों पर अब ज्यादा फोकस करना होगा।
फुटपाथ पर कब्जा अब बर्दाश्त नहीं
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बैठक में फुटपाथों पर होने वाले अतिक्रमण को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए बनाए गए हैं और उन पर सबसे पहला अधिकार पैदल यात्रियों का है।
नगर निगम को फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क किनारे अवैध कब्जे, यातायात में बाधा बनने वाली गतिविधियों और सड़क सुरक्षा से जुड़ी अन्य कमियों को चिन्हित कर तत्काल निराकरण करने को कहा गया है।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा और अतिक्रमण से जुड़े मामलों की सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट द्वारा भी निगरानी की जा रही है। ऐसे में नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
अब हर सप्ताह अचानक कार्रवाई करेगी संयुक्त टीम
सड़क किनारे अतिक्रमण और यातायात में बाधा बनने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई को अब नियमित स्वरूप दिया जाएगा। कलेक्टर ने राजस्व, पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग और नगर निगम की संयुक्त टीम गठित कर प्रत्येक सप्ताह आकस्मिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
संयुक्त टीम सड़क किनारे अवैध कब्जों, यातायात में बाधा पैदा करने वाली गतिविधियों और सड़क सुरक्षा से जुड़ी कमियों को चिन्हित करेगी। इसके बाद संबंधित कमियों का तत्काल निराकरण कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
यानी सड़क किनारे अतिक्रमण और यातायात व्यवस्था से जुड़े मामलों में अब केवल कभी-कभार अभियान चलाने के बजाय साप्ताहिक स्तर पर निगरानी और कार्रवाई का सिस्टम बनाया जा रहा है।
सड़क पर बैठे आवारा पशु भी हादसों की बड़ी वजह
बैठक में सड़क हादसों के कारणों में आवारा पशुओं का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि सड़क पर आवारा पशुओं का बैठना दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है।
जिले में पशुओं के लिए सुरक्षित व्यवस्था तैयार करने की दिशा में 8 नए गोधाम स्वीकृत किए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य इन गोधामों के जरिए पशुओं को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराना और उन्हें सड़कों से हटाना है।
संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से सड़क पर घूमने या बैठे पशुओं को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर रखने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जवाली नाला और गुरुनानक चौक पर विशेष नजर
शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर भी बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। एसएसपी ने जवाली नाला और गुरुनानक चौक जैसे क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा।
इन क्षेत्रों में यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं और निगरानी पर जोर दिया गया। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में शहर के यातायात दबाव और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था बेहतर बनाने पर चर्चा हुई।
त्योहारों में मंडपों पर भी नजर, अवैध हुकिंग रोकने के निर्देश
आगामी त्योहारों को देखते हुए विभिन्न स्थानों पर लगाए जाने वाले मंडपों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बैठक में चर्चा हुई।
एसएसपी ने मंडपों में बिजली कनेक्शन के दौरान अवैध हुकिंग नहीं किए जाने की सख्त निगरानी के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य विद्युत दुर्घटनाओं की आशंका को रोकना और त्योहारों के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
हाईवे के आसपास निर्माण और जमीन के इस्तेमाल पर भी सख्ती
राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास भवन निर्माण और भूमि उपयोग के नियमों को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बैठक में अधिकारियों को राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास लागू नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
निर्देशों के मुताबिक राष्ट्रीय राजमार्ग के केंद्र से 40 मीटर के दायरे में आवासीय और 75 मीटर के दायरे में व्यावसायिक उद्देश्य से भूमि उपयोग पर लागू प्रतिबंधों का पालन कराना होगा। नियमों के विपरीत होने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
इसका सीधा उद्देश्य हाईवे के आसपास अनियंत्रित निर्माण और भूमि उपयोग से पैदा होने वाली यातायात एवं सड़क सुरक्षा संबंधी समस्याओं को नियंत्रित करना है।
सड़क सुरक्षा पर विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी तय
कलेक्टर ने बैठक में दोहराया कि सड़क सुरक्षा को केवल यातायात पुलिस या परिवहन विभाग तक सीमित करके दुर्घटनाओं में कमी नहीं लाई जा सकती। सड़क निर्माण, अतिक्रमण, हाईवे प्रबंधन, पशु नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और नियमों के पालन से जुड़े कई विभागों की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण है।
इसी वजह से जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त कार्रवाई पर जोर दिया है।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, एडिशनल एसपी पंकज पटेल, एडिशनल एसपी ट्रैफिक श्री करियारे, आरटीओ, एसडीएम, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
एक नजर में सड़क सुरक्षा के बड़े फैसले
8 माह में सड़क हादसों में 212 मौतें
161 मौतें मोटरसाइकिल दुर्घटनाओं में
मोटरसाइकिल हादसों में अधिकांश मामले आमने-सामने की टक्कर से जुड़े
हेलमेट के उपयोग पर विशेष जोर
फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी
राजस्व, पुलिस, एनएच और नगर निगम की संयुक्त टीम हर सप्ताह करेगी आकस्मिक कार्रवाई
सड़क किनारे अवैध कब्जों और यातायात बाधित करने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई
जिले में 8 नए गोधाम स्वीकृत
आवारा पशुओं को सड़कों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर रखने के निर्देश
जवाली नाला और गुरुनानक चौक की यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी
त्योहारों के मंडपों में अवैध बिजली हुकिंग रोकने के निर्देश
हाईवे के केंद्र से 40 मीटर के दायरे में आवासीय और 75 मीटर के दायरे में व्यावसायिक भूमि उपयोग संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की सड़क सुरक्षा एवं अतिक्रमण संबंधी निगरानी को देखते हुए नियमों के पालन पर जोर



