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28 जून को जिलेभर में चलेगा राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान, 2.78 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दो बूंद
बिलासपुर। जिले में 28 जून को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. शुभ्रा गढ़ेवाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मस्तूरी का निरीक्षण किया। उन्होंने अभियान की तैयारियों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और उपचार की गुणवत्ता की जानकारी ली। मरीजों से बातचीत कर उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया तथा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
28 जून को बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दो बूंद
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 28 जून को जिले के 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाई जाएगी। अभियान के बाद 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगे जो पहले दिन किसी कारणवश छूट जाएंगे।
1530 पोलियो बूथ बनाए गए
अभियान के सफल संचालन के लिए जिले में कुल 1530 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। ये बूथ जिला अस्पताल, सिम्स, सभी शासकीय अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्रों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित होंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 2 लाख 78 हजार 149 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मोबाइल टीमें भी रहेंगी सक्रिय
बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, ईंट-भट्ठों, कोयला भट्ठों, निर्माण स्थलों, झुग्गी-बस्तियों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विशेष मोबाइल टीमों का गठन किया गया है, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की दवा से वंचित न रहे।
सीएमएचओ की अभिभावकों से अपील
सीएमएचओ डॉ. शुभ्रा गढ़ेवाल ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे 28 जून को अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर अवश्य लेकर आएं और उन्हें “दो बूंद जिंदगी की” पोलियो रोधी खुराक जरूर पिलवाएं।
उन्होंने कहा कि भारत को वर्ष 2014 में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है, लेकिन पड़ोसी देशों में अभी भी पोलियो वायरस की मौजूदगी को देखते हुए सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से हर वर्ष राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का प्रभावी संचालन किया जाता है, ताकि देश पोलियो मुक्त बना रहे।