खुद को IPS बताकर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी, वीडियो मीटिंग में रकम ट्रांसफर कराने की थी तैयारी; बिलासपुर पुलिस की तत्परता से टली बड़ी साइबर ठगी
बिलासपुर। साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 68 वर्षीय एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक को अपने जाल में फंसाकर करीब ₹35 लाख की रकम हड़पने की पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन ऐन वक्त पर बिलासपुर पुलिस की तत्परता ने साइबर अपराधियों की पूरी साजिश पर पानी फेर दिया। ठगों ने खुद को “सुनील कुमार गौतम, IPS, बाराबंकी/मुंबई” बताकर वरिष्ठ नागरिक को मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में फंसने का भय दिखाया और लगातार निगरानी व दबाव में रखते हुए उनके अलग-अलग बैंक खातों में जमा रकम को एक ही बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिया था।
मामला 24 अगस्त 2026 का है। वरिष्ठ नागरिक सीपत रोड, सरकंडा, बिलासपुर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। घटना की जानकारी उनके एक मित्र ने सीधे बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं डीआईजी श्री रजनेश सिंह को मोबाइल फोन के माध्यम से दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना समय गंवाए कार्रवाई शुरू कर दी।
अलग-अलग खातों की रकम एक खाते में कराई ट्रांसफर
साइबर ठगों ने पहले वरिष्ठ नागरिक को फोन किया और स्वयं को IPS अधिकारी बताते हुए उन्हें गंभीर आपराधिक मामले में फंसने का डर दिखाया। इसके बाद उन्हें लगातार भयभीत एवं भ्रमित किया गया। ठगों के दबाव में वरिष्ठ नागरिक ने अपने अलग-अलग बैंक खातों में जमा रकम को एक ही बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया।
इस प्रक्रिया के बाद करीब ₹35 लाख की राशि एक बैंक खाते में एकत्रित हो गई थी। साइबर अपराधियों की नजर अब इस पूरी रकम को अपने कब्जे में लेने पर थी।
वीडियो मीटिंग में तैयार हो रहा था रकम उड़ाने का प्लान
ठगी की साजिश यहीं नहीं रुकी। आरोपियों ने वरिष्ठ नागरिक के साथ एक विस्तृत वीडियो मीटिंग आयोजित की और बैंक खाते में जमा पूरी रकम को निकालने अथवा दूसरे खाते में स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही थी। यानी पुलिस तक सूचना पहुंचने तक साइबर ठग पीड़ित को मानसिक रूप से अपने नियंत्रण में लेकर रकम पर कब्जा करने की अंतिम तैयारी में पहुंच चुके थे।
यदि इसी दौरान पुलिस की टीम मौके पर नहीं पहुंचती तो वरिष्ठ नागरिक की करीब ₹35 लाख की जमा पूंजी साइबर अपराधियों के हाथों में जा सकती थी।
SSP रजनेश सिंह ने तत्काल भेजी पुलिस टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने तत्काल थाना प्रभारी सरकंडा को मौके पर भेजकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर वरिष्ठ नागरिक की स्थिति को समझा और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
इसके साथ ही जिस मोबाइल नंबर से वरिष्ठ नागरिक को फोन किया गया था, उसकी भी तत्काल तस्दीक की गई। पुलिस जांच में मोबाइल नंबर 9401274963 फ्रॉड गतिविधियों से संबंधित पाया गया।
खाते में सुरक्षित बची ₹35 लाख की रकम
बिलासपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई का सबसे बड़ा परिणाम यह रहा कि वरिष्ठ नागरिक को ठगी का शिकार होने से बचा लिया गया और उनके बैंक खाते में जमा लगभग ₹35 लाख की पूरी राशि सुरक्षित बच गई।
पुलिस ने घटना की रिपोर्ट National Cyber Crime Reporting Portal (NCCRP) पर भी दर्ज कराई है। मामले में संबंधित मोबाइल नंबर तथा उपलब्ध अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर बना रहे शिकार
साइबर ठगी के इस मामले ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि अपराधी पुलिस, CBI, ED, RBI अथवा अन्य जांच एजेंसियों के अधिकारी बनकर लोगों को डराने और मानसिक दबाव में लेने की रणनीति अपना रहे हैं। पहले पीड़ित को किसी गंभीर अपराध में फंसाने की धमकी दी जाती है, फिर उसे लगातार फोन, वीडियो कॉल अथवा वीडियो मीटिंग के माध्यम से निगरानी में रखने का भ्रम पैदा किया जाता है।
इसके बाद बैंक खाते, रकम और लेन-देन से संबंधित जानकारी लेकर पैसा ट्रांसफर कराने की कोशिश की जाती है। बिलासपुर का यह मामला इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि ठगों ने करीब ₹35 लाख की रकम एक खाते में एकत्रित कराने के बाद उसे निकालने/हस्तांतरित करने की तैयारी तक कर ली थी।
पुलिस की अपील—डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं
बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों से साइबर अपराधों के प्रति जागरूक और सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी व्यक्ति को फोन पर खुद को पुलिस अधिकारी, IPS अधिकारी या किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर धमकाया जाए और बैंक खाते में रकम जमा करने, ट्रांसफर करने या वीडियो कॉल पर बने रहने के लिए कहा जाए तो तत्काल सतर्क हो जाएं।
बिलासपुर पुलिस की अपील है—डरें नहीं, ठगों के दबाव में कोई रकम ट्रांसफर न करें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पुलिस को सूचना दें।
डीआईजी एवं एसएसपी बिलासपुर श्री रजनेश सिंह ने नागरिकों से साइबर जागरूक बनने और सुरक्षित रहने की अपील की है।



