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कीटशास्त्र परीक्षा का पेपर लीक: प्रोफेसर समेत 6 गिरफ्तार36 घंटे में रायपुर पुलिस ने किया खुलासा, भारती एग्रीकल्चर कॉलेज दुर्ग के प्रोफेसर को मास्टरमाइंड बताया; 11 हजार रुपए में छात्रों को बेचा था पेपर

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर की कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में रायपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले का खुलासा महज 36 घंटे के भीतर करते हुए मुख्य आरोपी एवं मास्टरमाइंड सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग का 38 वर्षीय प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार आरोपी प्रोफेसर ने प्रश्नपत्र वाले सीलबंद लिफाफे में सुई और नुकीले उपकरण की मदद से छोटा छेद किया। इसके बाद मोबाइल कैमरा लिफाफे के अंदर डालकर प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग की। प्रश्नपत्र की सामग्री की नकल तैयार कर उसे कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों को 11 हजार रुपए में बेच दिया गया। बाद में यही प्रश्नपत्र अन्य छात्रों तक पहुंचा और परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
कार्रवाई पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन तथा पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) तारकेश्वर पटेल की सतत मॉनिटरिंग में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
परीक्षा शुरू होने से पहले सामने आया पेपर लीक
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं स्नातक परीक्षा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. एन. आर. रंगारे ने थाना तेलीबांधा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विश्वविद्यालय के अंतर्गत सभी 28 कृषि महाविद्यालयों में 20 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर के एजीसीएच-221 (कीटशास्त्र) विषय की परीक्षा निर्धारित थी।
परीक्षा शुरू होने से पहले ही 20 अगस्त को सुबह करीब 8:41 बजे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कवर्धा के ई-मेल पर प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना पहुंची। इसके करीब 13 मिनट बाद, 8:54 बजे संबंधित अधिकारियों के ई-मेल पर भी इसकी जानकारी मिली।
इसी दौरान छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय को व्हाट्सऐप के माध्यम से प्रश्नपत्र के कुछ प्रश्नों के कंटेंट के साथ उसके वायरल होने की जानकारी दी। उपलब्ध सामग्री और सूचना की जांच में प्रश्नपत्र सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 360/2026 दर्ज किया गया। मामले में धारा 4, 5 एवं 10 छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2008 तथा धारा 316 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
100 से अधिक पुलिसकर्मी जांच में जुटे
घटना को गंभीर और संवेदनशील मानते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अज्ञात आरोपी की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, थाना तेलीबांधा पुलिस और अन्य पुलिस बल को मिलाकर 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम गठित की गई।
पुलिस टीमों ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ की। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्नपत्र, स्क्रीनशॉट, फोटो, मैसेज और पोस्ट का तकनीकी विश्लेषण किया गया।
साइबर टीम ने यह पता लगाने का प्रयास किया कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल नंबर या डिजिटल माध्यम से प्रसारित हुआ। इसके लिए वायरल सामग्री की पूरी टाइमलाइन तैयार कर प्रसारण की श्रृंखला का विश्लेषण किया गया।
संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल नंबर, ग्रुप और आपसी डिजिटल संपर्कों की तकनीकी जांच के साथ संबंधित व्यक्तियों की गतिविधियों और लोकेशन का भी परीक्षण किया गया।
अनुज मिंज तक पहुंची पुलिस, फिर खुलती गई पूरी कड़ी
तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ से मिली जानकारी का आपस में मिलान करते हुए पुलिस टीम ने लगातार मैदानी और तकनीकी जांच जारी रखी। प्रश्नपत्र लीक होने के स्रोत तक पहुंचते हुए पुलिस को दुर्ग निवासी अनुज मिंज के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस टीम दुर्ग रवाना हुई और अनुज मिंज को पकड़ लिया गया। उससे पूछताछ और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर तथा आसपास के जिलों में अलग-अलग टीमें भेजीं।
लगातार 36 घंटे की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने प्रश्नपत्र लीक होने के स्रोत की पहचान कर पूरी कड़ी का खुलासा किया और मामले में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे रची गई पेपर लीक की पूरी साजिश
पुलिस के अनुसार मामले का मुख्य आरोपी योगेश सोनकेसरिया है। वह भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, जिला दुर्ग में वर्ष 2019 से प्रोफेसर के पद पर पदस्थ है।
पिछले करीब एक वर्ष से वह अपने कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्राप्त कर उन्हें अपने कॉलेज तक ले जाने का काम कर रहा था।
17 अगस्त 2026 को योगेश सोनकेसरिया भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के लिए जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय, रायपुर आया था। उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के बाद उसने आगामी एक सप्ताह में आयोजित होने वाली परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्राप्त किए।
प्रश्नपत्र अपने कॉलेज ले जाने के बाद आरोपी ने सभी प्रश्नपत्रों के लिफाफे कॉलेज में रख दिए। लेकिन 20 अगस्त को होने वाली एजीसीएच-221 की कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र वाला लिफाफा वह अपने घर ले गया।
पुलिस के मुताबिक घर पहुंचने के बाद आरोपी ने सीलबंद लिफाफे के साथ छेड़छाड़ की। उसने सुई और नुकीले उपकरण की मदद से लिफाफे में छोटा छेद किया। इसके बाद उसी छेद के जरिए मोबाइल कैमरा अंदर डालकर प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग की।
आरोपी ने वीडियो से प्रश्नपत्र की सामग्री की नकल तैयार की और इसे अपने कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र अजय नायक एवं अन्य दो छात्रों को कुल 11 हजार रुपए में बेच दिया।
इसके बाद अजय नायक ने प्रश्नपत्र त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू को उपलब्ध कराया। इसी पूरी श्रृंखला के दौरान प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
पेपर खरीदने वाले सभी आरोपी भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के छात्र
पुलिस के मुताबिक प्रश्नपत्र खरीदने वाले आरोपी सभी भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग के छात्र हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा प्रश्नपत्र कितने लोगों तक पहुंचा।
11 हजार रुपए, मोबाइल और पेपर लीक में इस्तेमाल सामान जब्त
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से मामले से संबंधित सामग्री बरामद की है। इनमें—
11 हजार रुपए नगद
6 मोबाइल फोन
वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस
केबल तार
मोबाइल कनेक्टर
सुई
सुजा
कॉपी
फेविकोल
शामिल हैं।
इन सभी सामग्रियों को पुलिस ने प्रकरण में जब्त किया है।
दो आरोपी अभी फरार
पुलिस के अनुसार प्रकरण में संलिप्त 2 अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी लगातार पतासाजी की जा रही है और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीमें प्रयासरत हैं।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस उनसे मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों के संबंध में जानकारी जुटाने के साथ-साथ प्रत्येक आरोपी की भूमिका की भी विस्तृत जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पूरी सूची
1. योगेश सोनकेसरिया, पिता गुलाब चंद सोनकेसरिया, उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम भैरोगंज, तहसील, थाना एवं जिला सिवनी (मध्यप्रदेश)। वर्तमान पता—चंदखुरी दुर्गा चौक, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग।
भूमिका: भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग का प्रोफेसर और पुलिस के अनुसार मामले का मुख्य आरोपी/मास्टरमाइंड।
2. अजय नायक, पिता वीरेन्द्र कुमार नायक, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम कुशभाटा, पोस्ट नगरदा, जिला बलौदाबाजार। वर्तमान पता—मीनाक्षी नगर, बोरसी, जिला दुर्ग।
भूमिका: पुलिस के अनुसार योगेश से प्रश्नपत्र प्राप्त कर अन्य छात्रों तक पहुंचाने वाला आरोपी।
3. त्रिदेव पटेल, पिता जगदीश पटेल, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम कनकेवा, थाना सरायपाली, जिला महासमुंद। वर्तमान पता—फेस-02, ब्लॉक ई-107, आनंद विहार, जिला दुर्ग।
4. नितिन पाण्डेय, पिता कुशल प्रसाद पाण्डेय, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम आसना तामाकोनी, थाना कोतवाली, जिला बस्तर। वर्तमान पता—मीनाक्षी नगर, बोरसी, जिला दुर्ग।
5. अनुज मिंज, पिता रेनू मिंज, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम पाकरगांव, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर। वर्तमान पता—संजय साहू हॉस्टल, पोटिया चौक, जिला दुर्ग।
6. आदित्य साहू, पिता लेखराम साहू, उम्र 20 वर्ष, निवासी हथौद, थाना बालोद, जिला बालोद। वर्तमान पता—मीनाक्षी नगर, बोरसी, जिला दुर्ग।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
रायपुर पुलिस ने इस पूरे मामले में 36 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर यह स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दो फरार आरोपियों की तलाश के साथ पूरे नेटवर्क और प्रश्नपत्र के आगे प्रसार की जांच जारी है।

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