00 टिकट से वंचित होने पर झलकी नाराजगी
00 कई पार्षदों के टिकट पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता तैयब हुसैन
बिलासपुर। कांग्रेस के भीतर आंतरिक कलह अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं, त्रिलोक श्रीवास और तैयब हुसैन, ने जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केसरवानी और शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय पांडे पर कई सनसनीखेज और गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी की संगठनात्मक कमजोरी और टिकट वितरण में अनियमितताओं को उजागर किया है। त्रिलोक श्रीवास ने जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केसरवानी पर भाजपा से मिलीभगत और पार्टी को कमजोर करने का आरोप लगाया है, तो वहीं तैयब हुसैन ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय पांडे पर संगठन को भाजपा की “बी टीम” की तरह चलाने और गुटबाजी बढ़ाने के आरोप लगाए हैं।
दोनों नेताओं का कहना है कि टिकट वितरण में पारदर्शिता की कमी ने निष्ठावान कार्यकर्ताओं को हाशिए पर धकेल दिया है, जिससे पार्टी का जनाधार कमजोर हो रहा है। इन बयानों ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में गहरी दरार को उजागर कर दिया है। जहां एक तरफ पार्टी को एकजुटता की जरूरत है, वहीं दूसरी तरफ इन आरोपों ने संगठनात्मक क्षमताओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आगामी चुनावों से पहले ये विवाद पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
00 कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास के आरोपों से पार्टी के भीतर मची हलचल
जिले की राजनीति में कांग्रेस के भीतर कलह एक बार फिर सतह पर आ गई है। कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास ने जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केसरवानी पर कई गंभीर आरोप लगाकर पार्टी में हलचल मचा दी है। श्रीवास ने आरोप लगाया कि विजय केसरवानी की भाजपा नेताओं के साथ मिलीभगत है, जिसके चलते कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।त्रिलोक श्रीवास ने कहा कि जिला अध्यक्ष पार्टी के मूल सिद्धांतों और कार्यकर्ताओं की भावना के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने केसरवानी पर पार्टी में गुटबाजी बढ़ाने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को दरकिनार करने का आरोप लगाया। श्रीवास ने दावा किया कि विजय केसरवानी का भाजपा नेताओं से संपर्क है, और यह कांग्रेस की छवि को कमजोर कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि केसरवानी की कार्यशैली के कारण जिले में कांग्रेस का जनाधार लगातार घट रहा है। “पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा पर सवाल उठाना अब जरूरी हो गया है। अगर समय रहते यह मुद्दा हल नहीं किया गया, तो इसका नुकसान आगामी चुनावों में साफ दिखेगा,” श्रीवास ने कहा।
श्रीवास ने जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेतृत्व से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है और उचित जांच की अपील की है। उन्होंने कहा कि पार्टी की एकता और कार्यकर्ताओं का विश्वास बहाल करने के लिए निर्णायक कदम उठाने होंगे।
जिला अध्यक्ष विजय केसरवानी ने इन आरोपों पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, कांग्रेस के अंदरूनी विवाद को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब देखना यह है कि पार्टी नेतृत्व इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है।
कांग्रेस नेता तैयब हुसैन ने कहा कमजोर नेतृत्व के कारण कांग्रेस को हो रहा नुकसान
शहर कांग्रेस कमेटी में अंदरूनी विवाद एक बार फिर सामने आया है। कांग्रेस नेता एवं पूर्व पार्षद तैयब हुसैन ने शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय पांडे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हुसैन ने दावा किया है कि विजय पांडे पार्टी के सिद्धांतों के विपरीत काम कर रहे हैं और उनकी कार्यशैली भाजपा की “बी टीम” जैसी दिखाई देती है।
तैयब हुसैन ने कहा कि हाल ही में टिकट वितरण प्रक्रिया में यह साफ झलकता है कि पांडे ने कांग्रेस के हितों को नजरअंदाज किया है। “उन्होंने ऐसे फैसले लिए हैं जो भाजपा को सीधे तौर पर फायदा पहुंचाते हैं। यह न केवल कांग्रेस के लिए नुकसानदायक है, बल्कि कार्यकर्ताओं के मनोबल को भी प्रभावित कर रहा है,” हुसैन ने आरोप लगाया।
हुसैन ने यह भी कहा कि विजय पांडे की संगठन क्षमता पर गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर कांग्रेस में गुटबाजी बढ़ रही है और यह अध्यक्ष की कमजोर नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। “पार्टी को एकजुट रखने में उनकी विफलता साफ दिख रही है, और अगर यही स्थिति रही तो कांग्रेस का जनाधार और कमजोर हो जाएगा,” हुसैन ने कहा।
इसके अलावा, तैयब हुसैन ने वरिष्ठ नेतृत्व से इस मामले में हस्तक्षेप करने और विजय पांडे की भूमिका की समीक्षा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मजबूत और प्रभावी नेतृत्व की जरूरत है, जो पार्टी को नई दिशा दे सके।
विजय पांडे ने इन आरोपों पर अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। कांग्रेस के भीतर उठे इस विवाद से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। अब देखना यह है कि पार्टी नेतृत्व इन आरोपों पर क्या कदम उठाता है और स्थिति को संभालने के लिए क्या रणनीति अपनाई जाती है।



