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वार्डों में रोजाना उतरेंगे अफसर, कचरा छंटाई से नालंदा परिसर तक हर मोर्चे पर सख्त

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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नगरीय प्रशासन के नए प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के तेवर: कार्यभार के अगले ही दिन मैराथन बैठक, योजनाओं की फाइल नहीं मौके की हकीकत पर जोर

शहरों की सफाई से पर्यटन सुविधाओं तक बदलेगा फोकस: बोरा ने निगम आयुक्तों और सीएमओ को रोजाना वार्ड भ्रमण कर फोटो रिपोर्टिंग के दिए निर्देश



रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के नए प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कार्यभार संभालने के अगले ही दिन विभागीय अधिकारियों की मैराथन बैठक लेकर कामकाज का एजेंडा साफ कर दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, नालंदा परिसर, शहरी अधोसंरचना, पर्यटन स्थलों और नए नगरीय क्षेत्रों तक योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में कार्यालयी रिपोर्ट के बजाय मैदानी स्थिति पर फोकस रखा गया। नगर निगम आयुक्तों और नगर पालिका-नगर पंचायतों के सीएमओ को वरिष्ठ अधिकारियों की टीम के साथ रोजाना वार्डों में भ्रमण करने और विभागीय वाट्सऐप ग्रुप में मौके के फोटो साझा करने को कहा गया।
फाइल नहीं, मौके पर दिखेगा काम
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ नागरिकों तक समय पर पहुंचाने पर जोर दिया। योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, मैदानी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और तय समय-सीमा में काम पूरा करने को प्राथमिकता में रखा गया।
नगर निगम आयुक्तों के साथ नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को अपर आयुक्त, उपायुक्त, जोन आयुक्त और अन्य अधिकारियों के साथ रोजाना वार्डों का भ्रमण करने को कहा गया। भ्रमण के दौरान सामने आने वाली स्थिति की तस्वीरें विभागीय वाट्सऐप ग्रुप में साझा की जानी हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना पर घटकवार पड़ताल
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत स्वीकृत और पूर्ण आवासों की घटकवार प्रगति की समीक्षा हुई। निर्माणाधीन आवासों की स्थिति, निर्धारित लक्ष्य और बचे हुए कार्यों की जानकारी ली गई।
पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के साथ निर्माण की गुणवत्ता और प्रगति पर लगातार निगरानी रखने तथा शेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया।
अमृत मिशन में रिपोर्ट से ज्यादा साइट निरीक्षण
अमृत मिशन के तहत नगरीय क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति, प्रगति और आगामी चरणों की जानकारी भी बैठक में ली गई। इस दौरान यह स्पष्ट किया गया कि विकास कार्यों की समीक्षा केवल कार्यालय में मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर नहीं होनी चाहिए।
अधिकारियों को नियमित रूप से मौके पर पहुंचकर निर्माण की गुणवत्ता, काम की गति और उससे नागरिकों को मिल रहे लाभ का आकलन करने को कहा गया। निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने और निर्माण एवं विकास कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया।
घर से बाजार तक कचरे की छंटाई पर फोकस
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की समीक्षा में स्वच्छता व्यवस्था और कचरा प्रबंधन प्रमुख मुद्दा रहा। कचरे को स्रोत पर ही अलग करने की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
निकायों में चार डस्टबिन व्यवस्था के क्रियान्वयन, नागरिक जागरूकता, कचरे के संग्रहण और उसके उचित प्रबंधन की स्थिति की जानकारी ली गई। घरों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरा पृथक्करण की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू करने और इसकी नियमित निगरानी करने को कहा गया।
स्वच्छता व्यवस्था में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित करने पर भी जोर दिया गया।
बाजारों की सफाई और समय पर कचरा उठाव
प्रमुख बाजार क्षेत्रों में नियमित सफाई, समय पर कचरा उठाव, व्यवस्थित कचरा संग्रहण और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। स्वच्छता को किसी एक अभियान तक सीमित रखने के बजाय नियमित और सतत व्यवस्था के रूप में संचालित करने की बात कही गई।
निकायों और विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर भी जोर रहा।
38 नालंदा परिसरों पर नजर
राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना नालंदा परिसर—सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन भी बैठक के प्रमुख एजेंडों में रहा। विभिन्न नगरीय निकायों में निर्माणाधीन 38 नालंदा परिसरों के निर्माण कार्यों का सतत निरीक्षण करते हुए तय समय-सीमा में काम पूरा करने पर जोर दिया गया।
खास बात यह रही कि केवल भवन निर्माण पूरा करने तक बात सीमित नहीं रखी गई। परिसर तैयार होने तक लाइब्रेरी के लिए पुस्तकें, कंप्यूटर, पैनल, लाइब्रेरियन और अन्य आवश्यक आनुषंगिक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि निर्माण पूरा होते ही विद्यार्थियों को लाइब्रेरी और रीडिंग की सुविधा उपलब्ध हो सके।
पुराने अनुभवों और नए प्रयोगों पर भी चर्चा
बैठक में सोनमणि बोरा ने अपने पिछले कार्यकाल में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों और नवाचारों के अनुभव साझा किए। काम के दौरान सामने आने वाली समस्याओं और उनके समाधान के तरीकों पर भी चर्चा हुई।
शहरों के विकास और नगरीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इससे जमीनी स्तर पर काम की स्थिति और प्रगति की जानकारी मिलती रहने की बात कही गई।
सीएम हेल्पलाइन और CPGRAMS की शिकायतों पर भी नजर
सीएम हेल्पलाइन और CPGRAMS पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निराकरण को लेकर भी स्पष्टता दिखाई गई। शिकायतों का निराकरण पूरी निष्ठा के साथ निर्धारित समय-सीमा में किए जाने पर जोर दिया गया।
पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं का प्लान
रायपुर नगर निगम के आयुक्त को शहर के पर्यटन स्थलों का चिन्हांकन कर वहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर फोकस करने को कहा गया। शुद्ध पेयजल, सुगम शौचालय, डस्टबिन और पर्याप्त सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
शहरों में अर्बन फॉरेस्ट्री विकसित करने और पब्लिक गार्डन के पुनरोद्धार की कार्ययोजना बनाने को कहा गया। इसके लिए पीपीपी मोड पर फंड की व्यवस्था के विकल्प तलाशने पर भी जोर रहा।
परिसीमन के बाद जुड़े क्षेत्रों के लिए अलग प्लान
नगरीय निकायों के परिसीमन के बाद शामिल हुए नए क्षेत्रों को लेकर भी बैठक में अलग से फोकस किया गया। इन इलाकों में शुद्ध पेयजल, सफाई व्यवस्था, शहरी हरियाली और अर्बन एग्रीकल्चर को प्राथमिकता में रखते हुए योजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
पुराने हाउसिंग प्रोजेक्ट और स्लम रिडेवलपमेंट भी एजेंडे में
नगरीय क्षेत्रों में पहले से निर्मित हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की मरम्मत, स्लम रिडेवलपमेंट और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए उपलब्ध EWS भूमि के बेहतर उपयोग पर भी चर्चा हुई।
EWS भूमि पर व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य नए प्रोजेक्ट्स के विकल्प तलाशने और योजनाओं के क्रियान्वयन में आउट-ऑफ-द-बॉक्स सोच के साथ काम करने पर जोर दिया गया।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक आर. एक्का, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल, नगर निगम रायपुर के आयुक्त संबित मिश्रा, नगर निगम बिरगांव के आयुक्त युगल किशोर उर्वशा, उप सचिव भागवत जायसवाल, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता राजेश शर्मा, संयुक्त संचालक मिथिलेश अवस्थी, उप संचालक अरुण साहू, सूडा के उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील अग्रहरि, सचित साहू और अधीक्षण अभियंता रमेश सिंह मौजूद रहे।

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