
पंजाब के संगरूर से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार, कपड़ों की पोटलियों में छिपाकर ले जा रहे थे नशीले पदार्थ की खेप | 7.77 लाख रुपये के गांजे की बरामदगी | ऑपरेशन ‘नारकोस’ के तहत बिलासपुर मंडल RPF की बड़ी कार्रवाई
बिलासपुर, 24 अगस्त 2026। रेलवे के रास्ते नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों के खिलाफ चल रही कार्रवाई में बिलासपुर मंडल RPF ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। निगौरा रेलवे स्टेशन पर भेष बदलकर घूम रहे दो संदिग्धों की तलाशी ने गांजे की बड़ी खेप का राज खोल दिया। RPF टास्क टीम ने दोनों आरोपियों के कब्जे से 15.540 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7.77 लाख रुपये बताई गई है।
कार्रवाई की खास बात यह रही कि आरोपी सामान्य यात्रियों की तरह नहीं, बल्कि भेष बदलकर कपड़ों की पोटलियों में गांजा छिपाकर तस्करी कर रहे थे। RPF की सतर्क निगाहों ने उनकी संदिग्ध गतिविधियों को पकड़ लिया और तलाशी के बाद पूरा मामला सामने आ गया।
रात के अंधेरे में चल रहा था तस्करी का खेल
जानकारी के मुताबिक 24 अगस्त की रात करीब 1:15 बजे सहायक उप निरीक्षक अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व में RPF टास्क टीम निगौरा स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में संदिग्ध व्यक्तियों और सामान की जांच कर रही थी। इसी दौरान टीम की नजर दो ऐसे व्यक्तियों पर पड़ी, जिनकी गतिविधियां सामान्य नहीं लग रही थीं।
RPF ने दोनों को रोककर पूछताछ की। उनके पास मौजूद कपड़ों की पोटलियों की तलाशी ली गई तो उसमें छिपाकर रखा गांजा बरामद हुआ। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर बरामद नशीले पदार्थ का वजन कराया गया।
एक के पास 7.280, दूसरे की पोटली में 8.260 किलो
RPF के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हंसा नाथ (40), निवासी जिला संगरूर, पंजाब और मनता नाथ उर्फ लंबू (39), निवासी जिला संगरूर, पंजाब के रूप में हुई है।
तलाशी में—
हंसा नाथ के कब्जे से 7.280 किलोग्राम गांजा
मनता नाथ उर्फ लंबू के कब्जे से 8.260 किलोग्राम गांजा
बरामद हुआ। दोनों के पास से कुल 15.540 किलोग्राम गांजा मिला, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7.77 लाख रुपये है।
RPF ने पकड़ा, अब पुलिस खोलेगी तस्करी का नेटवर्क
RPF ने दोनों आरोपियों और बरामद गांजे को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस थाना जैतहरी के सुपुर्द कर दिया। मामले में अपराध क्रमांक 285/2026, धारा 8/20(ख) NDPS Act के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
अब पुलिस की जांच का सबसे अहम बिंदु यह होगा कि गांजे की यह खेप कहां से लाई गई थी, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं। दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
550 किलो से ज्यादा गांजा पकड़ चुका है बिलासपुर मंडल
यह कार्रवाई किसी एक खेप तक सीमित नहीं है। नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बिलासपुर मंडल RPF की लगातार कार्रवाई का यह सिलसिला है। वर्ष 2026 में अब तक बिलासपुर मंडल RPF करीब 550 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त कर चुकी है। इसकी अनुमानित कीमत 3 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है।
रेलवे स्टेशन, ट्रेनों और रेलवे परिसर को तस्करों द्वारा नशीले पदार्थों की आवाजाही के लिए इस्तेमाल किए जाने की आशंका के बीच RPF ने निगरानी और संदिग्ध यात्रियों की जांच बढ़ा दी है। ऑपरेशन ‘नारकोस’ के तहत चल रही कार्रवाई में निगौरा की यह बरामदगी तस्करों के लिए एक और बड़ा झटका मानी जा रही है।
अब असली सवाल—गांजे की सप्लाई लाइन कहां तक फैली है?
15.540 किलो गांजा कोई मामूली खेप नहीं है। इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ के साथ पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद सप्लाई चेन, स्रोत, गंतव्य और संभावित नेटवर्क की तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल RPF की कार्रवाई के बाद गेंद पुलिस के पाले में है और जांच यह तय करेगी कि दोनों केवल कैरियर थे या इस पूरे तस्करी नेटवर्क की कोई बड़ी कड़ी भी उनके जरिए सामने आती है।



