एकता व अखंडता हमारी विशेषता है – प्राचार्य
बिलासपुर। 76 वां गणतंत्र दिवस समारोह स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय पंधी मे बड़े ही उत्साह के साथ सम्पन्न किया गया।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में शाला के प्राचार्य संजय शर्मा, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष श्री राधेश्याम मिश्रा द्वारा संयुक्त रूप से राष्ट्रीय ध्वज की पूजा, अर्चना कर ध्वज फहराकर राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत से किया गया, तत्पश्चात शिक्षकों के द्वारा कक्षा 1 से 12 वी तक के बच्चों को लेकर गांव में प्रभात फेरी निकाली गई।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ कक्षा 12वीं की छात्राओं के द्वारा सरस्वती वंदना से किया गया, इसके बाद शाला प्राचार्य संजय शर्मा के द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर शुभकामना व बधाई देते हुए गणतंत्र दिवस की उपयोगिया व सार्थकता पर उद्बोधन दिया उन्होंने बच्चों को बताया कि एकता व अखंडता हमारी विषेधता है, गणतंत्र दिवस पर हमारे संविधान की विशेषता एवं महत्व को रेखांकित किया।
शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष श्री राधेश्याम मिश्रा जी ने भी अपने भाषण में बच्चों को संविधान के महत्व के बारे में बताया तथा किस प्रकार शाला में अनुशासित रहना चाहिए एवं पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए इसके विषय में समझाया।
प्राथमिक शाला, पूर्व माध्यमिक शाला एवं एवं उच्चतर माध्यमिक शाला के विद्यार्थियों ने देशभक्ति, पंजाबी, मराठी, बंगाली, छत्तीसगढ़ी, रीमिक्स विभिन्न मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन किया, अंत मे राष्ट्रगान के साथ समारोह सम्पन्न हुआ, सभी को प्रसाद वितरण किया गया, समारोह में बड़ी संख्या में नागरिकगण शामिल थे, कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता प्रीति पांडेय व आभार प्रदर्शन व्याख्याता हेमलता वर्मा ने किया।
कार्यक्रम में व्याख्याता हेमलता वर्मा, रोमा सरकार, अर्चना देवांगन, शुभाश्री साहू, हेमंत शर्मा, प्रीति पाण्डेय, मौली गुइन, मधु मनहर, केशनी साहू, माधुरी कौशिक, सुरेश टाइगर, प्रयोगशाला सहायक शिक्षक मनोज गुरुदीवान, ओमप्रकाश दुबे, कमला चंद्रा, पूर्व माध्यमिक शाला से प्रधान पाठक सुनील पोपटानी, विजया कुर्रे, रूबी अरोरा,अनीता साहू, ममता शर्मा,
प्राथमिक शाला से प्रधान पाठक चंद्रकला श्रीवास, नेहा वर्मा, प्रतिभा जायसवाल शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष राधेश्याम मिश्रा एवं सदस्य गण बसंत पुरी गोस्वामी, कृष्ण कुमार भट्ट, नीरज श्रीवास, जोहन वस्त्रकार, अश्विनी वस्त्रकर तथा गांव के गणमान्य नागरिक उपस्थिति थे।






