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बीजेपी से मेयर पद के लिए पूजा विधानी का नाम तय, महतारी वंदन का खेला दांव

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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00 अधिकृत प्रत्याशी की घोषणा जल्द ही

00 लक्ष्मी बबलू कश्यप और शैलेंद्र यादव का नाम रात तक रेस में था आगे

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर नगर निगम के मेयर पद के लिए भाजपा ने पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल के गरीबी और नेता प्रतिपक्ष रहे अशोक विधानी की पत्नी एल पद्मजा पूजा विधानी का नाम लगभग तय कर लिया है। इसकी अधिकृत घोषणा जल्द होने की चर्चा  है। रात तक इस पद के लिए लक्ष्मी कश्यप और शैलेंद्र यादव का नाम आगे चल रहा था। बिलासपुर में भाजपा महतारी वंदन योजना का लाभ लेना चाहती है ।

भाजपा ने आगामी नगर निगम चुनावों के लिए अपनी रणनीति तेज कर दी है। चर्चा है कि भाजपा पूजा विधानी के नाम को लगभग फाइनल कर चुकी है। हालांकि, अन्य दावेदारों के नाम पर भी विचार-विमर्श हुआ, जिनमें बबलू कश्यप और शैलेंद्र यादव का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा था। 

पूजा विधानी: भाजपा की प्राथमिक पसंद

पूजा विधानी का नाम महतारी वंदना कार्यक्रम से जोड़कर चर्चा में आया है। वे पार्टी के एक भरोसेमंद चेहरा मानी जा रही हैं, जिनका महिलाओं और युवा वर्ग के बीच अच्छा प्रभाव है। भाजपा का मानना है कि उनकी लोकप्रियता और उनकी सुलभ छवि पार्टी को चुनावों में मजबूती दे सकती है।

बबलू कश्यप और शैलेंद्र यादव है मजबूत विकल्प

भाजपा के लिए बबलू कश्यप और शैलेंद्र यादव भी मजबूत विकल्प थे ।बबलू कश्यप एक अनुभवी नेता हैं, जो जातिगत समीकरणों को साधने में माहिर माने जाते हैं। वहीं, शैलेंद्र यादव अपनी मेहनत और कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रियता के कारण चर्चा में हैं। भाजपा के भीतर इन नामों पर गहन चर्चा हो रही है ताकि सबसे उपयुक्त उम्मीदवार का चयन किया जा सके।

कांग्रेस की रणनीति और चुनौती

दूसरी ओर, कांग्रेस भी अपने मजबूत उम्मीदवार के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस ने हाल के वर्षों में नगर निगम में अपनी पकड़ को मजबूत किया है और भाजपा को कड़ी टक्कर दी है। कांग्रेस की रणनीति यह है कि वह स्थानीय मुद्दों को उठाकर भाजपा को घेरने की कोशिश करेगी। महंगाई, बेरोजगारी और विकास के अभाव जैसे मुद्दे उनके प्रमुख हथियार होंगे।

भाजपा की रणनीति में जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों का भी ध्यान रखा जा रहा है। बबलू कश्यप और शैलेंद्र यादव जैसे नेताओं के नाम पर विचार करना इसी दिशा में एक कदम था। दूसरी ओर, कांग्रेस का जोर युवा मतदाताओं और कमजोर वर्गों को अपनी ओर खींचने पर रहेगा।

नतीजों पर असर डालेंगे यह मुद्दे

  1. स्थानीय मुद्दे: भाजपा और कांग्रेस दोनों को यह समझना होगा कि नगर निगम चुनावों में स्थानीय समस्याएं बड़ी भूमिका निभाती हैं।
  2. उम्मीदवार की छवि: पूजा विधानी जैसे चेहरे भाजपा के लिए फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि अन्य दावेदारों का सही उपयोग कैसे हो।
  3. वोट प्रतिशत: दोनों पार्टियों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वे किस तरह अपने कोर वोट बैंक को सक्रिय रख पाती हैं।

रोचक होगा मुकाबला

बिलासपुर में भाजपा और कांग्रेस के बीच नगर निगम चुनावों की लड़ाई दिलचस्प होती जा रही है। पूजा विधानी का नाम चर्चा में है, लेकिन बबलू कश्यप और शैलेंद्र यादव जैसे दावेदारों पर भी भाजपा गंभीरता से विचार कर रही है। कांग्रेस भी अपनी ओर से मजबूत रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। आगामी चुनाव बिलासपुर में दोनों पार्टियों की राजनीतिक ताकत और उनकी रणनीति का सही मूल्यांकन करने का अवसर प्रदान करेगा।

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