00 26 जनवरी के पहले दोनों दल मेयर समेत पार्षदों के टिकट कर देंगे घोषित
00 छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कांग्रेस और भाजपा में चला बैठकों का दौर , सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा या नहीं इसकी चर्चा जोरों पर
Bilaspur। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर नगर निगम चुनाव में मेयर पद और 70 वार्डों के प्रत्याशियों को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों में गहन मंथन अंतिम दौर पर चल रहा है। राजनीतिक समीकरणों और जनाधार को साधने की कवायद जोरों पर है। कांग्रेस में आंतरिक गुटबाजी और संभावित बगावत का खौफ साफ नजर आ रहा है, जिससे पार्टी की रणनीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दूसरी ओर, भाजपा ने संगठनात्मक एकजुटता का परिचय देते हुए 90% वार्डों में लगभग सिंगल नाम तय कर लिए हैं, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है।
बिलासपुर की राजनीति में दोनों दलों के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना है, जहां कांग्रेस अपनी सत्ता बचाने की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतर रही है। जनता की प्राथमिकताओं और मुद्दों को साधने की इस जंग में प्रत्याशियों की घोषणा और चुनाव प्रचार की दिशा अगले कुछ दिनों में नगर निगम चुनाव की तस्वीर को और साफ करेगी।
कांग्रेस : शोर शराबे के बीच हुई कांग्रेस की मीटिंग
बिलासपुर नगर निगम चुनाव के पर्यवेक्षक कांग्रेस भवन में इच्छुक अभ्यर्थियों से वन टू वन कर के चर्चा की , प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त ज़िला प्रभारी सुबोध हरितवाल, पर्यवेक्षक पूर्व विधायक मोतीलाल देवांगन सह पर्यवेक्षक संजीत बनर्जी ने सबसे पहले कांग्रेसजनों की बैठक ली ,
बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रभारी सुबोध हरितवाल ने कहा कि बिलासपुर कांग्रेसजनों में जो जज्बा है वह प्रतिकूल परिस्थिति में भी चुनाव जीतने की आमादा रखते है , पूर्व में बिलासपुर से कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए भाजपा को शिकस्त दीहै, और कांग्रेस से महापौर बना , इस बार भी बिलासपुर से महापौर और पार्षद कांग्रेस के जीतेंगे, स्थानीय चुनाव विधानसभा और लोकसभा चुनाव का लिटमस टेस्ट होता है ,आज हम अच्छा करेंगे तो आगे की चुनाव जीतेंगे ,इसलिए इस चुनाव को कांग्रेस गम्भीरता से लड़ेगी, इसके लिए कार्यकर्त्ताओ को तैयार रहना है । इस दौरान शोर होता रहा।
पर्यवेक्षक पूर्व विधायक मोती लाल देवांगन ने कहा कि कांग्रेस एक प्रजातांत्रिक पार्टी है और प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने अधिकार और विचार का मौका देती है, पर टिकट किसी एक को ही मिलती है ,क्योकि टिकट वितरण के कई मापदण्ड होते है ,इसका मतलब ये नही कि उसमें काबलियत नही है ,वह योग्य है पर परिस्थिति ने निर्णय को प्रतिकूल बना है ,इसलिए जिसे भी पार्टी से टिकट मिलती है उसे बाकी चुनाव जीतने में मदद करे , क्योकि हम सब पार्टी से बंधे है ,और कांग्रेस ही हमारी पहचान है ,
सह पर्यवेक्षक संजीत बनर्जी ने कहा कि इस बार महापौर और पार्षद के चुनाव अलग अलग हो रहा है ,इसलिए हम को अपने लिए वोट मांगने के साथ महापौर के लिए वोट मांगना है अक्सर देखा जाता है कि पार्षद अपने लिए वोट तो मांगता है पर महापौर के लिए जोर नही देता ,इस बात को ध्यान रखना पड़ेगा कि महापौर और पार्षद दोनों के लिये वोट मांगे ।
शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने कहा कि पार्टी उस पर ही विश्वास करती है जिसके जितने की संभावनाएं अधिक लगती है ,
ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि भाजपा फेयर चुनाव नही चाहती क्योकि अधिकांश ईवीएम मशीन में क्लॉक एरर और टाइम एरर दिखाया जा रहा है ,जबकि पूर्व में जिला कांग्रेस कमेटी ने अपनी आपत्ति दर्ज की थी इस पर कोई कार्यवाही नही की गई ,अब निर्वाचन बोल रहा है कि पंचनामा कराया जाएगा एरर वाली मशीनों में ,जब चुनाव आयोग के पास नई मशीन खरीदने के लिए पैसे नही है तो फिर बैलेट पेपर से चुनाव कराने में क्या परेशानी है ?
बैठक के बाद जिला प्रभारी एवं पर्यवेक्षक ने पहले महापौर अभ्यर्थियों से वन टू वन किया जिस्मानी मुख्य रूप से पूर्व महापौर रामशरण यादव, प्रमोद नायक, विनोद साहू, त्रिलोक श्रीवास ,सीमा सोनी, नीलेश यादव,अमित यादव, लक्ष्मी यादव, आदि ने अपना पक्ष रखा ,पश्चात पार्षदों के लिए वन टू वन किया गया ,
बैठक में जिला प्रभारी सुबोध हरितवाल, पर्यवेक्षक पूर्व विधायक मोतीलाल देवांगन, संजीत बनर्जी, शहर अध्यक्ष विजय पांडेय,ज़िला अध्यक्ष विजय केशरवानी, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, पूर्व महापौर रामशरण यादव, पूर्व विधायक सियाराम कौशिक, शैलेष पांडेय,राजेन्द्र शुक्ला,भुवनेश्वर यादव, रविन्द्र सिंह ,प्रमोद नायक,,शेख नजीरुद्दीन, अभय नारायण राय, ऋषि पांडेय, शिवा मिश्रा,त्रिलोक श्रीवास, जगदीश कौशिक, समीर अहमद, स्वप्निल शुक्ला,देवेंद्र सिंह,पंकज सिंह, शिबली मिराज ,नरेंद्र बोलर,महेश दुबे,नीलेश यादव, जावेद मेमन,अरविंद शुक्ल, विनोद साहू, मोती ठारवानी, लक्ष्मी नाथ साहू, झगरराम सूर्यवंशी,सुभाष ठाकुर,गौरव एरी,शिल्पी तिवारी, सन्ध्या तिवारी,पिंकी बतरा,सीमा घृटेश, सीमा पांडेय,शहज़ादी कुरैशी,प्रियंका यादव,सीमा सोनी सहित 70 वार्डो के कांग्रेसजन, महिला कांग्रेस,सेवादल,युवा कांग्रेस,एनएसयूआई एवं अनुषांगिक संगठन के पदाधिकारी उपस्थित थे।


भाजपा : वार्डों में तय किए सिंगल नाम, महापौर पद पर मंथन जारी


नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिलासपुर नगर निगम के 70 वार्डों में से लगभग 90% वार्डों में प्रत्याशियों के नाम लगभग तय कर दिए हैं। पार्टी ने यह रणनीति अपनाई है कि जितना जल्दी हो सके, मजबूत और सर्वमान्य प्रत्याशियों का चयन किया जाए ताकि चुनाव प्रचार में किसी प्रकार की देरी न हो।
38 वार्डों में विधायक अमर अग्रवाल की सक्रियता:
बिलासपुर विधायक और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने बीते दिनों 38 वार्डों में बैठक कर कार्यकर्ताओं से राय ली और संभावित प्रत्याशियों के नामों पर मंथन किया। अमर अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं से यह स्पष्ट किया कि इस चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित करना सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि भले ही कोई भी प्रत्याशी चुना जाए, सभी को एकजुट होकर भाजपा को जीत दिलाने के लिए काम करना होगा।
महापौर पद के लिए 5 नामों का पैनल तैयार
भाजपा ने पार्षद पद के लिए प्रत्याशी चयन लगभग पूरा कर लिया है, लेकिन महापौर पद को लेकर मंथन अभी जारी है। महापौर पद के लिए पार्टी ने 5 नामों का एक पैनल तैयार किया है।
दावेदारी के बावजूद सटीक चयन
भाजपा ने 70 वार्डों में से 65 वार्डों में सिंगल-सिंगल प्रत्याशियों के नाम फाइनल कर लिए हैं। केवल 5 वार्ड ऐसे हैं जहां एक से अधिक दावेदार हैं और अंतिम नाम चयन प्रक्रिया में हैं। पार्टी ने अपनी रणनीति में साफ कर दिया है कि जीतने की क्षमता और कार्यकर्ताओं के समर्थन को प्राथमिकता दी जाएगी।
कार्यकर्ताओं में उत्साह
राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह साफ झलक रहा है। हर वार्ड में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि निवर्तमान पार्षदों की परफॉर्मेंस और जनता की राय को भी ध्यान में रखा जाएगा।
अधिक से अधिक पार्षद जीतें, ऐसी बनी रणनीति
भाजपा का फोकस इस बार महापौर के साथ-साथ अधिक से अधिक पार्षद जीतने पर है। पार्टी ने यह तय किया है कि स्थानीय मुद्दों और प्रदेश सरकार की नीतियों को चुनाव प्रचार का आधार बनाया जाएगा। प्रत्याशियों की सूची जल्द ही जारी होने की संभावना है।



