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सावधान… महाकुंभ मेले के नाम पर हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी: छत्तीसगढ़ में  हाई कोर्ट के दो वरिष्ठ वकीलों से 69,000 का फ्रॉड

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
5 Min Read

00 बिलासपुर की चकरभाठा पुलिस ने किया जुर्म दर्ज

Bilaspur बिलासपुर। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले का आकर्षण सिर्फ श्रद्धालुओं को ही नहीं, बल्कि साइबर अपराधियों को भी अपनी ओर खींच रहा है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हाईकोर्ट के डिप्टी एडवोकेट जनरल सुनील काले और विनय पांडेय से फर्जी वेबसाइट और बैंक अकाउंट के जरिए 69,000 रुपए की ठगी की गई। दोनों वकील महाकुंभ में शामिल होने के लिए कॉटेज बुकिंग करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन यह कदम उन्हें साइबर ठगों के जाल में फंसा गया। इस मामले ने न सिर्फ बिलासपुर बल्कि पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है।

हाई-प्रोफाइल ठगी: महाकुंभ बुकिंग के नाम पर ठगी का जाल

प्रयागराज महाकुंभ 2025 के लिए ऑनलाइन सुविधाओं और सेवाओं का प्रचार-प्रसार जोरों पर है। इसका फायदा उठाते हुए साइबर ठगों ने गूगल पर फर्जी वेबसाइट अपलोड की। हाईकोर्ट के डिप्टी एडवोकेट जनरल सुनील काले और विनय पांडेय ने गूगल पर सर्च कर महाकुंभ मेले के लिए प्रीमियम कॉटेज बुक कराने की कोशिश की।

ऐसे रची गई ठगी की साजिश

1. फर्जी वेबसाइट का इस्तेमाल:
ठगों ने महाकुंभ मेले के नाम से एक असली दिखने वाली फर्जी वेबसाइट बनाई, जिसमें आकर्षक सुविधाओं के ऑफर दिए गए।

2. प्रीमियम सेवाओं का झांसा:
वेबसाइट पर विभिन्न श्रेणी के कॉटेज बुक करने के विकल्प दिखाए गए। दोनों वकीलों ने इसे प्रीमियम सुविधा मानते हुए बुकिंग शुरू की।

3. ऑनलाइन भुगतान:
ठगों ने फर्जी बैंक अकाउंट पर पैसे ट्रांसफर कराने के निर्देश दिए। सुनील काले और विनय पांडेय ने दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 69,000 रुपए जमा कर दिए।

सच्चाई का खुलासा कैसे हुआ?

बुकिंग के बाद जब दोनों वकीलों ने कंफर्मेशन के लिए वेबसाइट और दिए गए नंबर पर संपर्क किया, तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। जांच में पता चला कि उनके नाम पर कॉटेज बुकिंग का कोई रिकॉर्ड ही नहीं है। ठगों ने फर्जी बैंक अकाउंट के जरिए पूरा पैसा उड़ा लिया था।

साइबर पुलिस से शिकायत दर्ज

ठगी का पता चलने के बाद, दोनों वकीलों ने चकरभाठा थाना में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी ओमप्रकाश कुर्रे ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह मामला सुनियोजित साइबर अपराध का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

महाकुंभ के नाम पर साइबर ठगी का नया हथकंडा

प्रयागराज महाकुंभ मेला दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जहां लाखों श्रद्धालु आते हैं। ठग इस आयोजन का फायदा उठाकर फर्जी बुकिंग वेबसाइट और बैंक खातों के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं।

गूगल सर्च का दुरुपयोग:
ठग असली दिखने वाली वेबसाइट बनाते हैं और सर्च इंजनों पर इन्हें प्राथमिकता देते हैं।

लालच भरी पेशकश:
प्रीमियम सेवाओं, सस्ते ऑफर्स, और वीआईपी पास जैसी सुविधाओं का लालच देकर पैसे ठगे जाते हैं।

ऑनलाइन फ्रॉड का बढ़ता दायरा:
महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों में ठगी की संभावना अधिक रहती है क्योंकि लोग बुकिंग और जानकारी के लिए ऑनलाइन माध्यम पर निर्भर रहते हैं।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

> साइबर सेल की गाइडलाइन्स:

1. अधिकृत वेबसाइट का उपयोग करें: बुकिंग या भुगतान के लिए केवल मान्यता प्राप्त पोर्टल का उपयोग करें।

2. गूगल सर्च में सतर्क रहें: अनजान वेबसाइटों और फर्जी नंबरों से बचें।

3. निजी जानकारी साझा न करें: जन्मतिथि, पता, बैंक डिटेल्स आदि सोशल मीडिया पर न डालें।

4. पेमेंट से पहले जांच करें: बैंक अकाउंट और पोर्टल की प्रामाणिकता की पुष्टि करें।


देश में साइबर ठगी का बढ़ता खतरा

इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि साइबर अपराधी कैसे धार्मिक आयोजनों और जनता की भावनाओं का फायदा उठाते हैं। महाकुंभ मेला जैसे आयोजन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को ठगों से बचने के लिए जागरूक रहना होगा।

पुलिस की अपील:
पुलिस ने जनता से अपील की है कि ऑनलाइन बुकिंग या भुगतान के दौरान सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।

आस्था का है प्रतीक

महाकुंभ मेला न केवल आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि अब साइबर अपराध का नया मैदान भी बन गया है। ठगी से बचने का एकमात्र उपाय है सतर्कता और जागरूकता। याद रखें, आपकी सुरक्षा आपके हाथ में है।

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