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छत्तीसगढ़ : महंगे गिफ्ट के झांसे में फंसकर इंजीनियर ने  गंवाए 78 लाख रुपए

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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00  सरगुजा के इंजीनियर से विदेशी ठगों ने ऐंठे लाखों रुपए

सरगुजा।,छत्तीसगढ़। इंस्टाग्राम पर विदेशी दोस्ती और महंगे गिफ्ट का झांसा देकर छत्तीसगढ़ के एक सरकारी इंजीनियर को 78 लाख 37 हजार 999 रुपए की ठगी का शिकार बनाया गया। ठगों ने खुद को डॉक्टर और कोरियर मैनेजर बताकर कई किस्तों में पैसे ऐंठे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कैसे फंसे इंजीनियर ठगी के जाल में

रामाज्ञा सिंह (51), जो मनेंद्रगढ़ वन विभाग में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं, जून 2024 में इंस्टाग्राम पर एक महिला डॉ. मतिल्दा हैरिसन (निवासी यूनाइटेड किंगडम) के संपर्क में आए। सामान्य बातचीत के बाद महिला ने दावा किया कि उसने अपने “सर्विस के 6 साल पूरे” होने की खुशी में रामाज्ञा को गिफ्ट भेजा है।
महंगे गिफ्ट में आईफोन-14, टी-शर्ट, परफ्यूम और विदेशी करेंसी का वादा किया गया। इसके बाद महिला ने रामाज्ञा को वॉट्सऐप पर मैसेज भेजकर गिफ्ट लेने के लिए प्रोसेसिंग और ट्रांसपोर्टिंग फीस जमा करने को कहा।

ठगी का सिलसिला: फीस के नाम पर लूट

कुछ दिनों बाद कथित कोरियर मैनेजर दीपक शर्मा ने रामाज्ञा को फोन कर गिफ्ट की जानकारी दी। गिफ्ट डिलीवरी के लिए उन्हें अलग-अलग शुल्क जैसे डिलीवरी चार्ज, कस्टम ड्यूटी, इंश्योरेंस चार्ज, जीएसटी, मॉनिटरी फंड और आर्म्स कंट्रोल यूनिट फीस के नाम पर पैसे जमा करने को कहा गया।
रामाज्ञा ने 17 जुलाई 2024 से 29 अक्टूबर 2024 के बीच कई बार में कुल 78 लाख 37 हजार 999 रुपए अलग-अलग खातों में जमा किए।

क्यों होती है ऐसी ठगी?

> लालच और भावनात्मक खेल:
साइबर ठगों की चाल अक्सर लालच और भावनात्मक जुड़ाव पर आधारित होती है। वे पीड़ितों को महंगे गिफ्ट, लॉटरी या मदद का झांसा देकर अपने जाल में फंसाते हैं।

डिजिटल जागरूकता की कमी:
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर असली और फर्जी प्रोफाइल की पहचान करना आसान नहीं होता। इसके कारण लोग ठगों के झांसे में आ जाते हैं।

बचाव कैसे करें?

अनजान व्यक्तियों से ऑनलाइन संपर्क में सतर्क रहें।

कोई भी वित्तीय लेनदेन करने से पहले वेरिफिकेशन करें।

किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत साइबर सेल में रिपोर्ट करें।

ढाई महीने बाद हुआ ठगी का एहसास

रामाज्ञा सिंह को बार-बार भुगतान के बावजूद गिफ्ट नहीं मिला, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। ठगों ने कहा था कि भेजा गया गिफ्ट करीब 1 करोड़ 35 लाख रुपए का है। रामाज्ञा से इसे लेने के लिए प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर पैसे मांगे गए। ठगी का पता चलने के बाद उन्होंने साइबर सेल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

सबसे बड़ी ऑनलाइन ठगी

सरगुजा संभाग में यह अब तक की सबसे बड़ी ऑनलाइन ठगी है। पुलिस ने इस मामले में आईटी एक्ट की धारा 66डी, 420 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का मानना है कि यह किसी अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का काम हो सकता है।

पुलिस की अपील और जांच जारी

साइबर सेल पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी ऑनलाइन लेनदेन में सतर्कता बरतें और महंगे गिफ्ट, लॉटरी या अन्य प्रलोभनों से बचें। पुलिस का कहना है कि ठगों ने पीड़ित से संपर्क कर उनके विश्वास को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया।
पुलिस मामले की जांच में जुटी है और संबंधित खातों की ट्रांजैक्शन डिटेल्स निकाल रही है।

बड़ा साइबर अपराध
यह घटना साइबर अपराध के बढ़ते खतरों का जीता-जागता उदाहरण है। ऐसे मामलों से बचने के लिए सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है। महंगे गिफ्ट या किसी भी प्रकार के लालच में फंसने से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचें। आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।

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