
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के रामबोर्ड गांव में स्थित कुसुम पावर प्लांट में गुरुवार दोपहर एक गंभीर हादसा हुआ, जिसमें प्लांट की चिमनी गिरने से 7 से 8 कर्मचारी मलबे में दब गए। अब तक 4 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है।
यह घटना सरगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आती है। प्लांट मनियारी नदी के पास, बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे इलाके में स्थित है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्लांट में रखे भारी सैलो (सामान भंडारण टैंक) अचानक गिर गए, जिससे वहां काम कर रहे कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए और दब गए।
घटना की सूचना मिलते ही सरगांव पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस और रेस्क्यू टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। हालांकि, प्लांट प्रबंधन से अंदर के हालातों की सही जानकारी नहीं मिल पाई है।
इस हादसे ने प्लांट की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार को इस घटना की गहन जांच करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही, पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और सहायता प्रदान की जानी चाहिए।
इस घटना के बाद भय और आक्रोश का माहौल है। लोग प्लांट प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर नाराज हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह जल्द से जल्द इस मामले की जांच पूरी करे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर चल रहा काम
इस हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों की पुनः समीक्षा की आवश्यकता को उजागर किया है। सुरक्षा उपायों की अनदेखी न केवल कर्मचारियों की जान के लिए खतरा है, बल्कि इससे स्थानीय समुदाय का विश्वास भी टूटता है। इसलिए, सभी औद्योगिक इकाइयों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना चाहिए और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करना चाहिए।
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