

11 दिन से बच्चों के जुलूस से शहर में बना माहौल, तालापारा-मसनगंज समेत कई इलाकों में दुल्हन की तरह सजावट; जफर आग़ा और साथी बांटेंगे मिठाई-शिरनी
बिलासपुर। ईद मिलादुन्नबी को लेकर बिलासपुर में उत्साह चरम पर है। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की विलादत की खुशी में बुधवार 26 अगस्त को शहर में मुख्य जुलूस निकलेगा। जुलूस की तैयारियों के बीच मुस्लिम बहुल इलाकों में पिछले 11 दिनों से बच्चों के जुलूस निकाले जा रहे हैं। तालापारा, राजेंद्र नगर, मसनगंज, खबरगंज समेत कई इलाकों में बच्चों की भागीदारी ने मिलाद की रौनक बढ़ा दी है।
शहर के कई मोहल्लों में घरों और प्रतिष्ठानों को आकर्षक रोशनी, धार्मिक झंडों और सजावटी सामान से सजाया गया है। रात होते ही रोशनी से जगमगाते मोहल्ले पर्व की खुशी को और खास बना रहे हैं। कई इलाकों की सजावट ऐसी है, मानो मोहल्लों ने मिलाद के स्वागत में खुद को दुल्हन की तरह सजा लिया हो। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में पर्व को लेकर उत्साह नजर आ रहा है।
देवकीनंदन चौक पर होगा जुलूस का स्वागत
मुख्य जुलूस में शामिल लोगों के स्वागत के लिए देवकीनंदन चौक पर स्पीन शाह दरगाह कमेटी ने विशेष व्यवस्था की है। कमेटी के सदस्य जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत करेंगे। इस दौरान शिरनी और मिठाई वितरण की भी व्यवस्था रहेगी।
कमेटी के सक्रिय सदस्य जफर आग़ा के नेतृत्व में सैयद ज़फ़र, सैयद याकूब, सैयद ज़ाहिद, सैयद समद, खुर्शीद अहमद, शकील क़ादरी, जुनैद रज़ा, सलीम मेमन, इमरान ख़ान, साजिद चौहान, हाजी साहबू, आमिर रज़ा, टीपू बख्श और बंटी बख्श सहित साथी जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत करेंगे और मिठाई वितरित करेंगे।
11 दिन से बच्चों के जुलूस, गलियों में गूंज रहा उत्साह
मुख्य जुलूस से पहले शहर के अलग-अलग इलाकों में लगातार 11 दिनों से बच्चों के जुलूस निकाले जा रहे हैं। तालापारा, राजेंद्र नगर, मसनगंज और खबरगंज सहित विभिन्न मोहल्लों में बच्चे उत्साह के साथ जुलूस में शामिल हो रहे हैं। इससे पर्व का माहौल कई दिन पहले से ही बन गया है।
आयोजकों का कहना है कि बच्चों की भागीदारी का उद्देश्य उन्हें अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना भी है। यही वजह है कि इन छोटे-छोटे आयोजनों में परिवारों की भी बड़ी भागीदारी नजर आ रही है।
आस्था के साथ अमन और भाईचारे का संदेश
ईद मिलादुन्नबी के आयोजन में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं को याद करते हुए प्रेम, इंसानियत, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया जाता है। शहर में होने वाले आयोजनों में भी इसी भावना को प्रमुखता दी जा रही है।
आतिशबाजी, डीजे और हथियार रहेंगे प्रतिबंधित
मुख्य जुलूस को शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से निकालने की तैयारी है। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार जुलूस में आतिशबाजी, डीजे और हथियार प्रतिबंधित रहेंगे। आयोजकों का जोर धार्मिक भावनाओं के अनुरूप मर्यादित और शांतिपूर्ण आयोजन पर है।
26 अगस्त को निकलने वाले मुख्य जुलूस के साथ शहर में पिछले कई दिनों से चल रही मिलाद की तैयारियां अपने चरम पर पहुंचेंगी। सजावट, बच्चों के जुलूस और जगह-जगह स्वागत की तैयारियों के बीच बिलासपुर में ईद मिलादुन्नबी की रौनक दिखाई दे रही है।



