
बिलासपुर। सिम्स के कम्युनिटी मेडिसीन विभाग द्वारा राष्ट्रीय फाईलेरिया उन्मुलन कार्यक्रम के अंतर्गत सामुहिक दवा सेवन (MDA) विषय पर प्रशिक्षण एवं संवेदीकरण का कार्यकम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना एवं दीप प्रजलित कर की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सिम्स अधिश्ठाता डॉ. रमणेश मुर्ति व विशिष्ट अतिथि डॉ. बी.पी. सिंह (चिकित्सा अधीक्षक, सुपर स्पेशिलिटी) व डॉ. लखन सिंह (चिकित्सा अधीक्षक, सिम्स) उपस्थित रहे। सामूहिक दवा सेवन विषय पर व्याख्यान WHO प्रतिनिधि डॉ. स्नेहा श्री द्वारा दिया गया, इस कार्यकम से सिम्स संस्थान के चिकित्साक्षक डॉ पंकज, डॉ संगीता जोगी, डॉ ए आर बेन, डॉ अर्चना सिंह एवं जूनियर डॉक्टर, इंटर्न लाभान्वित हुए।
छत्तीसगढ में हाथीपॉव उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सामूहिक दवा सेवन 10 फरवरी से 28 फरवरी 2025 तक किया जाना है, जिसमें भारत सरकार द्वारा हाथीपॉव रोग जैसी घातक बीमारी से बचने के लिए दवा वितरण एवं इस बीमारी से बचने के उपायों एवं बीमारी होने के कारणों को भी बताया जाता है। हाथीपॉव रोग मच्छरो के काटने से होता है।
कार्यक्रम के अंत में कम्युनिटी मेडिसीन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीमती हेमलता ठाकुर ने इस घातक बीमारी से बचने के लिए जन सहयोग एवं बीमारी के प्रति जन-जागरूकता पर बल दिया। राज्य स्तरीय कार्यकम के अंतर्गत कम्युनिटी मेडिसीन विभाग सिम्स के द्वारा सामुहिक दवा सेवन बुथ 10 फरवरी से 28 फरवरी 2025 तक यू.एच.टी.सी. यदुनंदन नगर/आर.एच.टी.सी. सीपत एवं सिम्स अस्पताल परिसर में संचालित किया जावेगा। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विभाग के डॉ विवेक, डॉ समीर, डॉ सुचिता, डॉ श्रुति, डॉ डार्विन, डॉ नसरीन, डॉ सचिन, डॉ प्रवीण, डॉ नथानी डॉ मधु, डॉ रवि, डॉ विनोद का महत्तवपूर्ण योगदान रहा।



