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सिम्स में नसबंदी प्रोत्साहन राशि से लेकर संक्रमण नियंत्रण तक पर मंथन, स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने होंगे नए कदम

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में मरीजों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में शनिवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई। चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में आयोजित बैठक में एक ओर वर्ष 2025-26 में नसबंदी कराने वाले पात्र हितग्राहियों को शासन की ओर से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के वितरण की प्रक्रिया की समीक्षा की गई, वहीं दूसरी ओर अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण और स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए जरूरी उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में स्पष्ट रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे और अस्पताल की स्वच्छता एवं संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था में किसी स्तर पर लापरवाही न हो। संबंधित विभागों के बीच समन्वय के साथ दोनों विषयों पर समयबद्ध कार्रवाई पूरी करने पर सहमति बनी।
नसबंदी कराने वाले हितग्राहियों को समय पर मिलेगी प्रोत्साहन राशि
बैठक में वर्ष 2025-26 के दौरान नसबंदी कराने वाले पात्र हितग्राहियों को शासन द्वारा निर्धारित प्रोत्साहन राशि के वितरण की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। इसमें संबंधित दस्तावेजों की जांच, हितग्राहियों के सत्यापन और भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया।
बैठक में इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि पात्र हितग्राहियों को प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही परिवार नियोजन कार्यक्रम को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने तथा शासन की ओर से उपलब्ध सुविधाओं एवं प्रोत्साहन राशि की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने पर भी चर्चा हुई।
संक्रमण नियंत्रण में छोटी लापरवाही भी नहीं होगी नजरअंदाज
बैठक का दूसरा प्रमुख विषय सिम्स की संक्रमण नियंत्रण और स्वच्छता व्यवस्था रहा। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर संक्रमण की रोकथाम को लेकर अपनाई जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
अस्पताल में पोछा लगाने की निर्धारित और वैज्ञानिक प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया। संक्रमणकारी पदार्थ के फैलाव की स्थिति में उसकी सफाई और सुरक्षित प्रबंधन की प्रक्रिया को भी व्यवस्थित करने की जरूरत पर चर्चा हुई।
इसके अलावा अस्पताल में इस्तेमाल होने वाले कपड़ों और चादरों की धुलाई, रखरखाव और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया, ताकि मरीजों और अस्पताल में आने वाले लोगों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
हैंड हाइजीन की होगी नियमित निगरानी
बैठक में हाथों की स्वच्छता यानी हैंड हाइजीन को संक्रमण की रोकथाम का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए इससे जुड़े उपायों की नियमित निगरानी करने पर जोर दिया गया। अस्पताल के अलग-अलग क्षेत्रों में स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी नियमित समीक्षा करने पर भी सहमति बनी।
इसका उद्देश्य अस्पताल में संक्रमण के जोखिम को कम करना और मरीजों के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भी सुरक्षित वातावरण तैयार करना है।
उत्कृष्ट नर्स और कर्मचारी को मिलेगा प्रोत्साहन
सिम्स में बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए बैठक में एक नई पहल पर भी सहमति बनी। इसके तहत हर माह ‘उत्कृष्ट नर्स’ और ‘उत्कृष्ट कर्मचारी’ का चयन किया जाएगा।
चयनित कर्मचारियों के बेहतर कार्य और उपलब्धियों को अस्पताल में प्रदर्शित किया जाएगा। माना गया कि इससे कर्मचारियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होगी और अन्य कर्मचारी भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
बैठक के अंत में संबंधित सभी विभागों के बीच समन्वय के साथ दोनों विषयों पर आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध रूप से पूरी करने पर सहमति बनी। अस्पताल प्रशासन का फोकस ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर रहा, जिसमें एक ओर पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिले और दूसरी ओर अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण एवं स्वच्छता के मानकों को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।
बैठक में सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह के साथ डॉ. समीर पैकरा, डॉ. संगीता रमन जोगी, डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. रेखा बरापात्रे, डॉ. सागरिका प्रधान, डॉ. रचाना जैन, डॉ. सुचिता सिंह, नर्सिंग अधीक्षक स्वाती कुमार, सरिता बहादुर, उज्ज्वला दास, पुष्पलता शर्मा, ग्रेसी ममता लाल, योगेश्वरी, आहार विशेषज्ञ प्रांजुल श्रीवास्तव, गरिमा पाण्डेय, उत्कर्ष शर्मा एवं कमलेश दीवान उपस्थित रहे।

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