00 महिला सशक्तिकरण की ओर बढ़े एक कदम: बिलासपुर जिला पंचायत और जनपद पंचायतों में आरक्षण प्रक्रिया पूरी



बिलासपुर। जिला पंचायत 2025 के चुनाव में इस बार आधी आबादी यानी कि महिलाओं का दबदबा नजर आएगा। इसकी वजह साफ है कि 17 सीटों में से 10 महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी गई हैं
जिला पंचायत और जनपद पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए 2024-25 की आरक्षण प्रक्रिया जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में संपन्न हुई। इस प्रक्रिया का संचालन अतिरिक्त कलेक्टर शिव कुमार बनर्जी द्वारा किया गया, जिसमें जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इस बार की आरक्षण प्रक्रिया में महिलाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया, जिससे पंचायत राजनीति में उनकी भागीदारी और प्रभाव को बढ़ावा दिया जा सके।
महिलाओं के लिए आरक्षण:
जिला पंचायत बिलासपुर की कुल 17 सीटों में से 10 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। इनमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), और अनारक्षित वर्ग की महिलाएं शामिल हैं। यह आरक्षण प्रक्रिया महिलाओं को सशक्त बनाने और पंचायत चुनावों में उनकी हिस्सेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है।
जिला पंचायत आरक्षण का विवरण:
अनुसूचित जाति (SC) के लिए 4 सीटें, जिनमें से 2 अनुसूचित जाति महिला हेतु।
अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 3 सीटें, जिनमें से 2 अनुसूचित जनजाति महिला हेतु।
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 1 सीट, जो महिलाओं के लिए आरक्षित।
अनारक्षित श्रेणी में 9 सीटें, जिनमें से 5 अनारक्षित महिलाएं चुनी गईं।
महिला आरक्षण के तहत चक्रानुक्रम प्रणाली के माध्यम से सीटों का निर्धारण किया गया। इससे महिला नेतृत्व को प्रोत्साहन मिलेगा और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा।
जनपद पंचायत अध्यक्ष पदों पर आरक्षण:
जनपद पंचायत अध्यक्षों के पदों पर भी आरक्षण प्रक्रिया पूरी हुई। इसका विवरण निम्नानुसार है:
तखतपुर: अनुसूचित जाति महिला
मस्तूरी: अनुसूचित जनजाति महिला
कोटा: अनारक्षित महिला
बिल्हा: अनारक्षित मुक्त
यह आरक्षण प्रक्रिया महिलाओं को ग्राम स्तर पर नेतृत्व प्रदान करने और पंचायत प्रशासन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
लॉटरी से फैसला
इस बार की प्रक्रिया में महिला आरक्षण को लेकर विशेष व्यवस्था की गई, ताकि पंचायत राजनीति में महिला प्रतिनिधित्व को बढ़ावा दिया जा सके। उदाहरण के तौर पर, अनारक्षित महिला सीटों का चयन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष के सामने खड़ी हुई मुश्किल
जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान की वर्तमान सीट का आरक्षण चक्रानुक्रम प्रक्रिया के तहत अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हो गया है। इस बदलाव के बाद उनकी राजनीतिक रणनीति को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, अभी उनकी ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक पहल:
यह आरक्षण प्रक्रिया महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पंचायत चुनावों में महिलाओं की भागीदारी से न केवल उनके नेतृत्व क्षमता को पहचानने का अवसर मिलेगा, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा में भी नए दृष्टिकोण और समाधान सामने आएंगे।
मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधियों का कहना था कि महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की संख्या में वृद्धि एक स्वागत योग्य कदम है, जो स्थानीय शासन में उनके योगदान को बढ़ावा देगा। बिलासपुर जिला पंचायत और जनपद पंचायतों में आरक्षण की यह प्रक्रिया महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है। इससे न केवल महिलाओं को नेतृत्व का मौका मिलेगा, बल्कि समाज में उनके प्रभाव को भी मजबूत किया जा सकेगा।



