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छत्तीसगढ़: नशे के सौदागर की 2 करोड़ की संपत्ति जब्त

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस ने अंतरराज्यीय नशा तस्कर संजीव कुमार छाबड़ा उर्फ ‘सूच्चा’ को जबलपुर से गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि आरोपी की 2 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की है।

20 वर्षों से सक्रिय तस्करी नेटवर्क

संजीव छाबड़ा पिछले 20 वर्षों से नशीले इंजेक्शन और टेबलेट की तस्करी में संलिप्त था। उसका नेटवर्क छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों में फैला हुआ था, जहां उसने करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की थी। इन संपत्तियों की जब्ती के लिए सफेमा (SAFEMA) कोर्ट, मुंबई को प्रतिवेदन भेजा गया था।

वित्तीय जांच में करोड़ों का लेन-देन उजागर

बिलासपुर पुलिस की वित्तीय जांच में आरोपी के बैंक खातों और संपत्तियों में करोड़ों रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है। छाबड़ा ने तस्करी से अर्जित धनराशि को जमीन, दुकान और शेयर बाजार में निवेश किया था। पुलिस ने इंड-टू-इंड कार्रवाई करते हुए आरोपी की संपत्तियों पर शिकंजा कसा है और मामले की आगे जांच जारी है।

नशीली दवाओं के अवैध कारोबार से जुड़े आरोपित ने दो करोड़ से अधिक की संपत्ति अर्जित की थी, जिसे पुलिस ने सीज कर दिया है। आरोपित ने मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा में जमीन, दुकानें और अन्य संपत्तियां खरीदी थीं। पुलिस ने संपत्ति की जांच के बाद जमीन, बैंक खातों और शेयर को जब्त कर लिया है। मामला अब सफेमा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
एसपी रजनेश सिंह ने बताया कि सिविल लाइन पुलिस ने नशीली दवाओं की तस्करी में शामिल सृष्टि कुर्रे को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह गिन्नी जांगड़े और संजीव उर्फ सुच्चा सिंह छाबड़ा से नशीली दवाएं मंगाती थी। पुलिस ने संजीव सिंह को जबलपुर (मध्यप्रदेश) से गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा। इसके बाद आरोपित की संपत्ति की जांच शुरू की गई।
जांच में पता चला कि लंबे समय से नशीली दवाओं के अवैध कारोबार से अर्जित धन का उपयोग कर आरोपित ने मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा में संपत्तियां खरीदीं। इनमें जबलपुर में 4190 वर्गफुट जमीन, महाराष्ट्र के नागपुर में चार दुकानें और जमीन तथा हरियाणा के फरीदाबाद में जमीन खरीदने के लिए 20 लाख रुपये एडवांस शामिल हैं।

फर्जी कंपनी बनाकर संपत्ति को वैध करने की कोशिश
एएसपी अनुज कुमार ने बताया कि आरोपित ने फर्जी कंपनी “छाबड़ा कंस्ट्रक्शन” बनाई थी, जिसके जरिए वह अवैध कमाई को वैध दिखाता था। आरोपित ने रिश्तेदारों के खातों में पैसा जमा कर उसे फर्म के खाते में ट्रांसफर किया और अलग-अलग जगहों पर निवेश किया। पुलिस ने आरोपित और उसकी बहू के बैंक खातों में जमा सात लाख 77 हजार रुपये को भी होल्ड करा दिया है।

नशे का नेटवर्क और सप्लाई चेन
सीएसपी निमितेष सिंह के अनुसार, आरोपित ने नशे का एक व्यापक नेटवर्क बना लिया था। वह पार्सल और बसों के माध्यम से नशीली दवाएं सप्लाई करता था। ऑनलाइन माध्यम से रकम का लेन-देन कर वह खुद को बचाने की कोशिश करता था। पुलिस की कार्रवाई के डर से वह अलग-अलग शहरों में छिपकर रह रहा था।

संपत्तियों का विवरण

जबलपुर में 4190 वर्गफुट जमीन और निर्माणाधीन मकान-दुकान: 65 लाख

नागपुर (महाराष्ट्र) में चार दुकानें और जमीन: 1.08 करोड़

फरीदाबाद (हरियाणा) में जमीन खरीदने के लिए 20 लाख एडवांस

शेयरों में निवेश: 4.96 लाख

बैंक खातों में जमा: 7.77 लाख

पुलिस की निरंतर कार्रवाई

बिलासपुर पुलिस नशे के अवैध व्यापार के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के नेतृत्व में टीम ने नशे के तस्करों पर कड़ी कार्रवाई की है। इससे पहले भी पुलिस ने अफीम तस्करी करने वालों पर प्रहार करते हुए 2 किलो अफीम जब्त की थी, जिसकी कीमत 60 लाख रुपये आंकी गई थी।

निजात अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम

बिलासपुर पुलिस ‘निजात’ अभियान के तहत नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम भी चला रही है। इस अभियान के माध्यम से पुलिस समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक कर रही है और नशे के अवैध व्यापार के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है।

नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कदम

बिलासपुर पुलिस की यह कार्रवाई नशा तस्करी के खिलाफ सख्त संदेश देती है। अंतरराज्यीय तस्कर की गिरफ्तारी और उसकी अवैध संपत्तियों की जब्ती से स्पष्ट होता है कि पुलिस नशे के अवैध व्यापार को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ेगी और तस्करों के हौसले पस्त होंगे।

आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया

पुलिस अब आरोपी के खिलाफ सबूत इकट्ठा कर न्यायालय में प्रस्तुत करेगी, ताकि उसे सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। इसके साथ ही, पुलिस अन्य तस्करों और उनके नेटवर्क की भी जांच कर रही है, ताकि नशे के अवैध व्यापार को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके।

पुलिस ने कहा लोगों का जागरूक होना जरूरी

नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक होना चाहिए और यदि वे किसी भी प्रकार की नशा तस्करी या अवैध गतिविधि के बारे में जानकारी रखते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए। सामूहिक प्रयासों से ही नशे के अवैध व्यापार को रोका जा सकता है और समाज को सुरक्षित बनाया जा सकता है।

सौदागरों के चेन को तोड़ने की कोशिश

बिलासपुर पुलिस की यह कार्रवाई नशा तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। अंतरराज्यीय तस्कर की गिरफ्तारी और उसकी अवैध संपत्तियों की जब्ती से न केवल तस्करों के नेटवर्क को धक्का लगा है, बल्कि समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता भी बढ़ी है। आशा है कि पुलिस की यह मुहिम जारी रहेगी

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