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विश्व हृदय दिवस पर अपोलो अस्पताल का ‘डॉन्ट मिस ए बिट’ अभियान, हर भारतीय से स्वस्थ दिल की अपील

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Mohammed israil

नई दिल्ली। विश्व हृदय दिवस 2025 के अवसर पर अपोलो अस्पताल ने “डॉन्ट मिस ए बिट” कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए सभी भारतीयों से अपने हृदय की देखभाल करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया है। अपोलो का कहना है कि अनुशासित दिनचर्या, समय पर जांच, सही खानपान और जागरूकता से लाखों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। इस अवसर पर अस्पताल समूह ने विभिन्न आयु वर्गों, महिलाओं, किशोरों और समुदायों के लिए स्क्रीनिंग व प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर जोर दिया।


दिल की सेहत पर चेतावनी और थीम

अपोलो अस्पताल ने बताया कि कार्डियोवैस्कुलर बीमारी हर साल लाखों लोगों का जीवन छीन लेती है, जबकि इनमें से अधिकांश नुकसान समय पर पहचान, उपचार और जीवनशैली में बदलाव से रोके जा सकते हैं। इस वर्ष की थीम “डॉन्ट मिस ए बिट” है, जिसके तहत अपोलो प्रीवेंटिव हेल्थकेयर, गहन देखभाल और सभी आयु वर्गों में समय पर स्क्रीनिंग पर बल दे रहा है।
विशेषज्ञों ने बताया कि पोस्ट-मेनोपॉज़ल महिलाओं को उच्च कार्डियोवैस्कुलर जोखिम का सामना करना पड़ता है, इसलिए उन्हें नियमित जांच आवश्यक है। वहीं, विटामिन डी और बी12 की कमी तथा एनीमिया से ऊर्जा स्तर प्रभावित होता है, जिससे व्यायाम की आदत बनाए रखना कठिन हो जाता है। चिंताजनक बात यह है कि किशोरों में निष्क्रिय जीवनशैली और अस्वस्थ खानपान 25 वर्ष की आयु से पहले ही भविष्य के हृदय रोगों की नींव डाल देता है।


देशभर से क्षेत्रीय रुझान

अपोलो नेटवर्क द्वारा जारी आंकड़ों में अलग-अलग शहरों में हृदय रोग से जुड़े गंभीर रुझान सामने आए हैं –

  • दिल्ली-एनसीआर : उच्च रक्तचाप का प्रसार लगातार बढ़ रहा है, फैटी लिवर वाले 65% मरीजों में ब्लड प्रेशर पाया गया।
  • मुंबई : 46% बिना लक्षण वाले व्यक्तियों में कोरोनरी कैल्शियम, 25% में अवरोधक सीएडी और 2.5% मामले 40 वर्ष से कम आयु में मिले।
  • चेन्नई : 29% मधुमेह और 37% पूर्व-मधुमेह की स्थिति में पाए गए।
  • बेंगलुरु : लंबे इनडोर कार्य घंटों के चलते युवाओं में जल्दी हाई ब्लड प्रेशर और डिस्लिपिडेमिया देखने को मिला।
  • हैदराबाद : फैटी लिवर वाले 80% लोग मधुमेह ग्रसित, वहीं तीन-चौथाई उच्च रक्तचाप पीड़ितों में फैटी लिवर भी पाया गया।
  • कोलकाता : उच्च रक्तचाप और मधुमेह के साथ एनीमिया व माइक्रोन्यूट्रिएंट की कमी सह-अस्तित्व में।
  • लखनऊ : 28% कॉलेज छात्र अधिक वजन के शिकार, जबकि 19% प्री-हाईपरटेंशन की स्थिति में पाए गए।

अपोलो अस्पताल का योगदान और उपलब्धियां

1983 में डॉ. प्रताप सी. रेड्डी द्वारा स्थापित अपोलो अस्पताल समूह भारत में हृदय देखभाल का अग्रणी रहा है। अब तक 3 लाख से अधिक हृदय सर्जरी 99.6% सफलता दर के साथ, 500 से अधिक रोबोटिक कार्डियक प्रक्रियाएं, 500+ TAVI हस्तक्षेप और 375 से अधिक कार्डियोलॉजिस्ट की टीम के साथ अपोलो ने लगातार नवाचार और उपचार में बेंचमार्क स्थापित किए हैं।

अपोलो अस्पताल समूह के चेयरमैन डॉ. प्रताप सी. रेड्डी ने कहा –
“जब हमने अपोलो अस्पताल की स्थापना की, हमारा उद्देश्य स्पष्ट था – दिल और जीवन को बचाना और जीवन आशा बहाल करना। हर भारतीय परिवार को अपने रक्तचाप और अन्य स्वास्थ्य संकेतकों की जानकारी होनी चाहिए। पर्याप्त नींद लें, सक्रिय रहें और समय पर चिकित्सा सलाह अवश्य लें।”


अपोलो की आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं

अपोलो अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवा को नई दिशा दी है। चेन्नई से शुरू होकर आज यह दुनिया का सबसे बड़ा एकीकृत हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म बन चुका है। इसमें –

  • 73 अस्पतालों में 10,400+ बेड
  • 6,600 से अधिक फार्मेसियां
  • 264 क्लीनिक
  • 2,182 डायग्नोस्टिक सेंटर
  • 800+ टेलीमेडिसिन केंद्र

शामिल हैं।
अपोलो ने अब तक 3,00,000 से अधिक एंजियोप्लास्टी और 2,00,000 हृदय सर्जरी की हैं। लगातार अनुसंधान और नवाचार के जरिए अपोलो नवीनतम तकनीक और प्रोटोकॉल लाकर विश्व स्तरीय उपचार उपलब्ध करा रहा है।


हर धड़कन की सुरक्षा का संकल्प

विश्व हृदय दिवस पर अपोलो अस्पताल ने यह संकल्प दोहराया कि वह प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और उन्नत उपचार के माध्यम से “हर दिल की धड़कन की रक्षा” के लिए प्रतिबद्ध है। अपोलो परिवार के 1,20,000 सदस्य देशभर में असाधारण देखभाल देने के लिए समर्पित हैं।

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