




मल्हार, मस्तूरी (बिलासपुर)। प्राचीन ऐतिहासिक नगरी मल्हार में 27 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ के युवा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष सिंह परते अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मंच से सामाजिक एकता, समरसता और समाज के हितों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।
हजारों समाजजनों ने निकाली भव्य रैली
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर समाजजनों ने बड़ी संख्या में भव्य रैली निकाली। रैली में युवा, मातृशक्तियां और सामाजिक प्रमुख उत्साह के साथ शामिल हुए। रैली के पश्चात सभी समाजजन माता डिंडेश्वरी मंदिर पहुंचे, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर समाज की सुख-समृद्धि की कामना की गई।
कर्मा-ददरिया की प्रस्तुति ने बांधा समां
पूजा-अर्चना के बाद सामाजिक संगोष्ठी के रूप में विशाल सभा आयोजित की गई। इसमें पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। कर्मा और ददरिया जैसे लोक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुंदर प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली।
युवाओं को शिक्षा के साथ संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश
मुख्य अतिथि सुभाष सिंह परते ने अपने उद्बोधन में सामाजिक एकता और समरसता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने सामाजिक हितों के प्रति सजग रहना चाहिए। युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों से जुड़े रहना होगा। उन्होंने समाज की एकजुटता को मजबूत करने की अपील भी की।
विधायक दिलीप लहरिया रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि राजाराम राजभानु ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इसके अलावा रिखी राम नेताम, दिलेश्वर मरावी, सतकली बावरे (जिला पंचायत सदस्य), धनेश्वरी कैवर्त (अध्यक्ष, नगर पंचायत मल्हार), सुनील मरकाम, मनोज जगत, ननकी राम जगत, लकेश्वर नेताम और फिरतराम नागेश सहित अन्य सामाजिक पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में क्षेत्र के अधिकारी-कर्मचारी भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। युवा, मातृशक्तियों एवं सामाजिक प्रमुखों ने बड़े उत्साह के साथ कार्यक्रम में भागीदारी निभाई और आयोजन को सफल बनाया। पूरे कार्यक्रम के दौरान समाजजनों में उत्साह और उल्लास का माहौल रहा।



