बिलासपुर। विश्व हृदय दिवस 2025 पर अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर ने अंचल के हृदय रोगियों को नई तकनीकी सुविधा का उपहार दिया है। अस्पताल ने “मेक इन इंडिया” पहल के अंतर्गत विकसित अत्याधुनिक वायरलेस हॉल्टर मॉनिटरिंग सुविधा शुरू की है, जो कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में एक नई क्रांति साबित हो रही है। अब मरीज 3 दिन और 7 दिन तक लगातार दिल की धड़कन की जांच करवा सकेंगे, वह भी बिना तारों और अस्पताल के चक्कर लगाए।

परंपरागत हॉल्टर की तुलना में अत्याधुनिक सुविधा
पुराने हॉल्टर मॉनिटरिंग सिस्टम में मरीज को तारों से जुड़े भारी उपकरण को 24-48 घंटे तक शरीर पर लगाना पड़ता था। नहाने-धोने और सामान्य दिनचर्या से वंचित मरीजों को जांच पूरी होने के बाद अस्पताल जाकर रिकॉर्डिंग डाउनलोड करवानी पड़ती थी। वहीं नई वायरलेस हॉल्टर मशीन हल्की, डिस्पोजेबल और पूरी तरह वायर-फ्री है। मरीज इसे पहनकर नहाने, काम करने, चलने या सोने जैसी अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या आसानी से पूरी कर सकता है।
वेबकार्डियो तकनीक से त्वरित रिपोर्ट
नए हॉल्टर मॉनिटरिंग सिस्टम वेबकार्डियो की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह डिवाइस इंटरनेट के माध्यम से मरीज के हृदय की सभी गतिविधियां सीधे चिकित्सक या अस्पताल के ईमेल पर भेज देता है। जांच पूरी होने के बाद मरीज को अस्पताल जाकर रिपोर्ट डाउनलोड करवाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। डॉक्टरों को मरीज के दिल की धड़कन की सटीक और विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त होती है, जिससे समय रहते उपचार शुरू किया जा सकता है।
लकवाग्रस्त मरीजों के लिए वरदान
यह सुविधा लकवाग्रस्त (पैरालाइज़्ड) और चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों के लिए भी राहतभरी साबित हो रही है। अब उन्हें अस्पताल के बार-बार चक्कर लगाने की परेशानी से छुटकारा मिल गया है।
‘मेक इन इंडिया’ का गर्व और भरोसे की तकनीक
‘मेक इन इंडिया विज़न’ के अनुरूप भारत में ही डिजाइन और विकसित वेबकार्डियो अब तक देशभर में 2 लाख से अधिक मरीजों द्वारा इस्तेमाल किया जा चुका है। डॉक्टर इसकी तकनीकी गुणवत्ता की सराहना करते हैं, जबकि मरीज इसे अपनी सुविधा और स्वतंत्रता के लिए अपनाते हैं।
अपोलो हॉस्पिटल समूह में पिछले दो वर्षों से हजारों मरीज इस नई तकनीक का लाभ उठा चुके हैं और उन्हें सटीक परिणामों के आधार पर सही उपचार मिल पाया है।



