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छत्तीसगढ़ के ठग बाप बेटे… नौकरी लगने का झांसा देकर बेरोजगारों से वसूल करते थे मोटी रकम, जानिए कहां का है पूरा मामला…

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
3 Min Read

Mohammed israil


70 लाख की सरकारी नौकरी ठगी का भंडाफोड़: पिता-पुत्र गिरफ्तार, तीसरा आरोपी फरार

मंत्रालय में नौकरी लगाने का झांसा देकर 12 बेरोजगारों से वसूले 2.50 से 4 लाख रुपये तक, रकम से खरीदा प्लॉट

रायपुर, दुर्ग। बेरोजगारों के सपनों को चूर कर देने वाले नौकरी रैकेट का दुर्ग पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मंत्रालय में चपरासी और बाबू पद पर नियुक्ति दिलाने का झांसा देकर पिता-पुत्र की जोड़ी ने अब तक 12 लोगों से लगभग 70 लाख रुपये हड़प लिए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि तीसरा आरोपी फरार है।


गिरफ्तार आरोपी

  • भेषराम देशमुख (62 वर्ष) – पिता
  • रविकांत देशमुख (32 वर्ष) – पुत्र
    📍 निवासी: ग्राम कुथरेल, जिला दुर्ग
    🚔 अंजोरा थाना पुलिस ने बस स्टैंड दुर्ग से पकड़ा

फरार आरोपी: अरुण मेश्राम, निवासी राजनांदगांव


कैसे लूटी बेरोजगारों की गाढ़ी कमाई

  • मंत्रालय में चपरासी की नौकरी: ₹2,50,000
  • बाबू (क्लर्क) की नौकरी: ₹4,00,000
    ➡️ कुल 12 लोगों से मोटी रकम वसूली गई
    ➡️ आरोपी ने ठगी की रकम से ग्राम कुथरेल में 12 लाख रुपये का प्लॉट खरीदा
    ➡️ शेष राशि पिता-पुत्र ने व्यक्तिगत खर्च में उड़ा दी

जप्त सामान

  • प्लॉट की रजिस्ट्री
  • बैंक पासबुक
  • डायरी (रिकॉर्ड और लेन-देन का ब्योरा)

पीड़ितों के सपनों से किया खिलवाड़

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बेरोजगार युवाओं को “मंत्रालय में गारंटीड नौकरी” का झांसा दिया। भरोसा जमाने के लिए वे लोगों को कहते थे कि “हमारे मंत्रालय में कनेक्शन हैं, बस पैसे जमा करो, नौकरी पक्की।” कई पीड़ितों ने अपनी जमापूंजी, गहने गिरवी रखकर या कर्ज लेकर रकम दी।


पुलिस की कार्रवाई

दुर्ग एसपी के निर्देश पर अंजोरा थाना पुलिस ने दबिश देकर दोनों आरोपियों को बस स्टैंड दुर्ग से दबोच लिया। अदालत में पेशी के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस फरार आरोपी अरुण मेश्राम की तलाश में दबिश दे रही है।


कानूनी कार्रवाई

  • आरोपियों पर धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में केस दर्ज
  • पुलिस ने कबूलनामे के आधार पर ठगी का पूरा नेटवर्क खंगालना शुरू किया
  • जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल है

🔎 बेरोजगारों से ठगी के मामले प्रदेशभर में लगातार सामने आ रहे हैं।

  • विशेषज्ञों का कहना है कि “सरकारी नौकरी दिलाने का कोई शॉर्टकट नहीं होता। ऐसे फर्जी दलाल युवाओं की लाचारी का फायदा उठाते हैं।”
  • पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगे तो तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

🚨 अब तक क्या-क्या सामने आया

✔️ 12 लोगों से वसूले ₹70 लाख
✔️ नौकरी के नाम पर 2.50–4 लाख तक की ठगी
✔️ रकम से खरीदा गया 12 लाख का प्लॉट
✔️ पिता-पुत्र गिरफ्तार, तीसरा आरोपी फरार

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