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दंतेवाड़ा, बीजापुर और बस्तर जिले में प्रशासन ने हेलीकॉप्टर और नाव से बचाव कार्य तेज किए

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में आई बाढ़ की गंभीर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने राजस्व सचिव एवं आपदा राहत आयुक्त रीना बाबासाहेब कंगाले और बस्तर संभाग आयुक्त डोमन सिंह से दूरभाष पर चर्चा कर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति जानी और आवश्यक निर्देश दिए।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र



राजस्व सचिव ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि दंतेवाड़ा, बीजापुर और बस्तर जिले के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। विशेषकर लोहंडीगुड़ा, दरभा और तोकापाल विकासखंड प्रभावित हैं। प्रशासन लगातार बचाव कार्य संचालित कर रहा है।
- लोहंडीगुड़ा के ग्राम मांदर से 21 ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला गया।
- हेलीकॉप्टर और नाव की मदद से बीते 24 घंटों में 68 से अधिक ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
मुख्यमंत्री के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—
- एसडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रखा जाए।
- राहत कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
- सभी कलेक्टर निचले इलाकों में मुनादी कर लोगों को सतर्क करें और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शीघ्र पहुंचाएं।
प्रशासन की कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि राहत कार्यों में प्रशासन, पुलिस बल और एसडीआरएफ लगातार जुटे हुए हैं। कई गांवों को बाढ़ के कारण अलग-थलग होने से एयरलिफ्ट और नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है।
बचाव कार्य की प्रमुख जानकारी
- मांदर गांव से 21 लोग सुरक्षित निकाले गए
- बीते 24 घंटों में 68 से अधिक ग्रामीणों का रेस्क्यू
- हेलीकॉप्टर और नावों से लगातार राहत कार्य
प्रभावित जिले
- बस्तर
- दंतेवाड़ा
- बीजापुर
मुख्यमंत्री के आदेश
- एसडीआरएफ हाई अलर्ट पर
- निचले इलाकों में मुनादी
- राहत कार्यों में त्वरित कार्रवाई
अन्य हालात
- बस्तर और बीजापुर जिले के 100 से अधिक गांव बाढ़ से कटे
- जगदलपुर-सुकमा हाईवे जेयराम नाले के उफान से बंद
- मौसम विभाग ने कई जिलों में पीली चेतावनी जारी की



