Mohammed israil

बिलासपुर रायपुर।छत्तीसगढ़ के खनिज इतिहास में एक क्रांतिकारी मोड़ आया है। महासमुंद जिले के भालुकोना–जामनीडीह क्षेत्र में निकेल, क्रोमियम और प्लेटिनम समूह के तत्वों (PGEs) की उपस्थिति की पुष्टि के साथ राज्य ने रणनीतिक खनिजों की खोज में ऐतिहासिक छलांग लगाई है।डेक्कन गोल्ड माइनिंग लिमिटेड (DGML) द्वारा की गई इस खोज से न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, बल्कि भारत की हरित ऊर्जा, हाई-टेक तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी रणनीतियों को भी नया संबल प्राप्त होगा।
क्या, कहां, कैसे?
तथ्य विवरण 📍 स्थान महासमुंद जिला, भालुकोना–जामनीडीह क्षेत्र ⛏️ खनिज निकेल (Ni), क्रोमियम (Cr), प्लेटिनम समूह के तत्व (PGEs) 🧪 अन्वेषण एजेंसी डेक्कन गोल्ड माइनिंग लिमिटेड (DGML) 📏 क्षेत्रफल लगभग 3000 हेक्टेयर 🔬 प्रारंभिक सर्वे भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा G4 स्तर पर 🏗️ नीलामी तिथि 6 मार्च 2023 — DGML ने 21% बोली के साथ ब्लॉक प्राप्त किया 📡 तकनीकी सर्वेक्षण ड्रोन मैग्नेटिक सर्वे, IP सर्वे, रॉक चिप सैंपलिंग 📊 खनिजीकृत पट्टी लगभग 700 मीटर लंबाई की पुष्टि, 300 मीटर गहराई तक सल्फाइड उपस्थिति
यह खोज क्यों है रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण?
- 🌍 ग्लोबल टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन में भारत की भूमिका को सुदृढ़ करेगी
- ⚡ हरित ऊर्जा (EVs, बैटरियां) और रक्षा तकनीक में जरूरी कच्चा माल
- 🔋 प्लेटिनम ग्रुप मेटल्स का उपयोग हाइड्रोजन ऊर्जा उत्पादन, स्पेस रिसर्च, इलेक्ट्रॉनिक्स में
- 🛡️ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों के लिए संसाधन आत्मनिर्भरता की ओर कदम

श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़:
“यह खोज छत्तीसगढ़ के खनिज इतिहास की ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएगी और राज्य को वैश्विक खनिज मानचित्र में रणनीतिक पहचान दिलाएगी। हमारी सरकार वैज्ञानिक अन्वेषण को हरसंभव सहयोग दे रही है।”
पॉलिसी और संस्थागत कदम: छत्तीसगढ़ सरकार की सक्रिय भूमिका
पहल विवरण 🧭 क्रिटिकल मिनरल सेल DGM छत्तीसगढ़ द्वारा गठित — अनुसंधान, प्रोसेसिंग और निवेश को बढ़ावा देने हेतु 📑 50%+ अन्वेषण प्रस्ताव 2024-25 में खनिज योजनाओं का आधा हिस्सा रणनीतिक खनिजों पर केंद्रित 🔄 ब्लॉकों की नीलामी अब तक 51 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी (निकेल, क्रोमियम, लिथियम, ग्रेफाइट, फॉस्फोराइट, आदि) 🧳 भारत सरकार को सौंपे गए ब्लॉक 6 टिन ब्लॉकों की नीलामी हेतु केंद्र को सौंपा गया
विशेषज्ञों की राय:
“यह केवल खनिज खोज नहीं — तकनीकी स्वतंत्रता, आर्थिक सुरक्षा और भविष्य की ऊर्जा संरचना की नींव है। निकेल और प्लेटिनम समूह के तत्व EV बैटरियों से लेकर सैटेलाइट टेक तक की रीढ़ हैं।”
— खनिज भू-विशेषज्ञ, प्रो. एस. चक्रवर्ती
भविष्य की दिशा: क्या बदलेगा इस खोज से?
- ✅ महासमुंद को खनिज-आधारित इंडस्ट्री हब के रूप में विकसित करने की संभावनाएं प्रबल
- ✅ निवेश, रोज़गार और आधारभूत संरचना का विस्तार
- ✅ छत्तीसगढ़ का नाम भारत के ‘क्रिटिकल मिनरल नेटवर्क’ में अग्रणी राज्यों में शामिल
- ✅ अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी और माइनिंग कंपनियों की संभावित रुचि
मिट्टी से निकलकर मेटल तक…
छत्तीसगढ़ की यह खोज न केवल राज्य की खनिज संपन्नता की पुष्टि करती है, बल्कि हरित भारत, तकनीकी आत्मनिर्भरता, और राष्ट्रीय सुरक्षा के भविष्य को भी मज़बूत आधार देती है। DGML की सफलता, GSI के पूर्व संकेत और राज्य सरकार की योजनाबद्ध रणनीति ने मिलकर एक नई औद्योगिक क्रांति की नींव रखी है — जो मिट्टी से निकलकर मेटल तक, और खदान से अंतरिक्ष तक भारत को आगे ले जाने की क्षमता रखती है।



