Mohammed israil
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार के लछनपुर मिडिल स्कूल में मिड डे मील में भारी लापरवाही सामने आई है। आवारा कुत्ते द्वारा खाई गई सब्ज़ी को बच्चों को परोस दिया गया, जिससे स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सातवीं-आठवीं कक्षा के 78 बच्चों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन देना पड़ा।

बलौदाबाजार, बिलासपुर, रायपुर, (छत्तीसगढ़)।पलारी ब्लॉक के लछनपुर मिडिल स्कूल में मिड डे मील (मध्यान्ह भोजन) को लेकर घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। स्कूल में खुले में रखी गई सब्ज़ी को एक आवारा कुत्ता खा गया, लेकिन उसके बाद भी वही सब्ज़ी बच्चों को परोसी गई।बच्चों ने आपत्ति जताई और इसकी जानकारी शिक्षकों को दी, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया।
घटना की जानकारी जैसे ही बच्चों ने अपने परिजनों को दी, अभिभावक भड़क उठे और स्कूल में हंगामा कर दिया। सूचना मिलने के बाद एसडीएम, बीईओ (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
78 बच्चों को लगा एंटी-रेबीज टीका
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि स्कूल की कक्षा 7वीं और 8वीं के 78 बच्चों ने वह सब्ज़ी खाई थी, जिसे कुत्ते ने पहले खाया था। इसके बाद सभी को नज़दीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया, जहां एहतियातन एंटी-रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया।
स्व सहायता समूह पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
स्कूल में मिड डे मील की जिम्मेदारी स्थानीय स्व सहायता समूहों (Self Help Groups) के पास है। जांच में यह बात भी सामने आई कि इन्हीं समूहों की कार्यशैली को लेकर पूर्व में भी शिकायतें और सवाल उठते रहे हैं।
हालांकि अब तक इन समूहों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी, जिससे लापरवाही बढ़ती गई।
🟩 प्रशासन ने शुरू की जांच
इस घटना को लेकर प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। संबंधित अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों और समूहों पर जल्द सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के मुख्य बिंदु:
- कक्षा 7वीं-8वीं के 78 बच्चों को परोसी गई संदिग्ध सब्ज़ी
- बच्चों की शिकायत के बावजूद नहीं रोका गया वितरण
- आवारा कुत्ता पहले सब्ज़ी खा चुका था
- सभी बच्चों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए
- जिम्मेदार स्व सहायता समूहों की कार्यप्रणाली पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
👁 प्रशासन की स्थिति:
- मौके पर पहुंचे SDM, BEO और स्वास्थ्य अधिकारी
- जांच टीम गठित
- स्व सहायता समूहों की भूमिका की जांच जारी
बच्चों को क्या हो सकता है नुकसान?
(विशेषज्ञों की राय और मेडिकल रिसर्च पर आधारित) खतरा विवरण 🦠 रेबीज संक्रमण यदि कुत्ते की लार भोजन पर लगी हो और वह रेबीज संक्रमित हो, तो खाने से संक्रमण की आशंका रहती है। हालांकि यह कम संभावना वाला, लेकिन गंभीर और जानलेवा रोग है। 🤢 जीवाणुजनित बीमारियाँ (Bacterial Infections) कुत्तों के मुंह में मौजूद Salmonella, E. Coli जैसे बैक्टीरिया से फूड पॉइज़निंग, उल्टी-दस्त या पेट दर्द हो सकता है। 🦷 कृमि संक्रमण (Worms) संक्रमित कुत्ते के लार में मौजूद टेपवॉर्म या राउंडवॉर्म बच्चों के पेट में जाने से पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं। 😷 त्वचा और एलर्जी संबंधी प्रतिक्रियाएं कुछ बच्चों में कुत्ते की लार से एलर्जिक रिएक्शन या स्किन रैश भी हो सकते हैं। 🧠 मनोवैज्ञानिक असर घटना के बाद बच्चे मानसिक रूप से असहज हो सकते हैं, जिससे भोजन को लेकर डर, घबराहट या स्कूल से दूरी जैसी प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं।
नोट: यदि भोजन में किसी भी प्रकार का संदिग्ध जानवर संपर्क हो तो उसे तुरंत त्यागना चाहिए, और बच्चों को सुरक्षा के तहत चिकित्सा जांच अनिवार्य रूप से करानी चाहिए।



