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हमसे की गई अश्लीलता…दुर्ग धर्मांतरण मामले में पलटा घटनाक्रम, पीड़ित युवतियों ने बजरंग दल और कार्यकर्ता पर लगाए गंभीर आरोप, एफआईआर की मांग

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
3 Min Read

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में कथित धर्मांतरण मामले में नया मोड़ आ गया है। गिरफ्तार युवतियों ने अब बजरंग दल और सामाजिक कार्यकर्ता ज्योति शर्मा पर जबरन रोकने, मारपीट और उनके साथ अश्लील व्यवहार करने का आरोप लगाया है। पुलिस से FIR की मांग की गई है।


दुर्ग/नारायणपुर।छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन से कथित धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में पकड़ी गई तीन आदिवासी युवतियों ने अब पूरे मामले पर नया बयान दिया है। नारायणपुर की रहने वाली इन युवतियों ने अपने माता-पिता और रिश्तेदारों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर बजरंग दल और सामाजिक कार्यकर्ता ज्योति शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।

युवतियों ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन स्टेशन पर रोका गया, उनके शरीर के निजी हिस्सों में छेड़छाड़ की गई, गाली-गलौच और हिंसक मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि ये सारी घटनाएं ज्योति शर्मा की मौजूदगी में हुईं। एक पीड़िता ने मीडिया से बात करते हुए रोते हुए यह बयान दिया कि ‘हम अपने मन से नौकरी करने जा रहे थे, लेकिन हमारी गरिमा के साथ खिलवाड़ किया गया।’

🔹 कोर्ट से मिली जमानत को बताया ‘सत्य की जीत’

उधर, बिलासपुर स्थित NIA कोर्ट ने आरोपी दो ननों – प्रीति मैरी, वंदना फ्रांसिस – और आदिवासी युवक सुखमन मंडावी को सशर्त जमानत दे दी है। युवतियों का कहना है कि यह जमानत साबित करती है कि पूरा मामला झूठा और राजनीति प्रेरित था।

🔸 FIR की पावती नहीं, परिजन नाराज़

हालांकि युवतियों द्वारा शिकायत सौंपने के बाद भी अब तक कोई लिखित पावती पुलिस द्वारा नहीं दी गई है। परिजनों ने नाराज़गी जताते हुए पूछा है कि, “इतनी गंभीर शिकायत को लेकर पुलिस कितनी संवेदनशीलता दिखाएगी?”

फैक्ट बॉक्स: पीड़ितों के आरोपों की संक्षिप्त जानकारी

आरोप विवरण 🚫 जबरन रोकना स्टेशन पर रोककर जबरदस्ती पहचान पूछी गई, बैग छीन लिए गए। 🩹 शारीरिक हिंसा गालियाँ, थप्पड़ और हाथापाई का आरोप। ❌ अश्लीलता निजी अंगों में छेड़छाड़ और अपमानजनक भाषा का प्रयोग। 🧾 पुलिस कार्रवाई FIR की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई पावती नहीं दी गई।

जमानत की शर्तें (NIA कोर्ट)

  • ₹50,000 का मुचलका
  • दो गारंटर
  • पासपोर्ट जमा
  • विदेश यात्रा प्रतिबंध

राजनीतिक प्रतिक्रिया

  • चर्च और विपक्ष ने इसे धार्मिक और आदिवासी उत्पीड़न बताया।
  • केरल और बेलगावी में ननों की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन।
  • वहीं VHP का दावा – “जांच में सबूत मिले, CBCI सच छिपा रहा है।”




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