00 छत्तीसगढ़ में राजनीतिक तंज: भूपेश बघेल का स्वास्थ्य मंत्री के निरीक्षण पर सवाल
Bilaspur बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान ने हलचल मचा दी है। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा पेंड्रा स्थित एक शराब दुकान का औचक निरीक्षण किए जाने पर बघेल ने तंज कसा है। उन्होंने इसे राज्य में सुशासन का एक चकाचक उदाहरण बताते हुए कहा कि “शिकायतें दवा की हैं, दवा में कमीशन की हैं, पर स्वास्थ्य मंत्री दारू दुकान का औचक निरीक्षण कर रहे हैं!” बघेल के इस बयान से राज्य की राजनीति में एक नई बहस शुरू हो गई है।
भूपेश बघेल के इस ट्वीट से यह सवाल उठता है कि स्वास्थ्य मंत्री का प्राथमिक कार्य क्या होना चाहिए। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जनता की ओर से अक्सर शिकायतें आती रही हैं, जिनमें दवाओं की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं में भ्रष्टाचार की बात सामने आती है। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री का एक शराब दुकान का निरीक्षण करना उनके कार्यक्षेत्र से कितना प्रासंगिक है, यह चर्चा का विषय बन गया है।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी के नेता श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस निरीक्षण को एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह निरीक्षण शराब दुकानों में पारदर्शिता और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी है।
यह मामला स्वास्थ्य और प्रशासन से जुड़ी प्राथमिकताओं को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है। क्या राज्य के स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान अपने विभाग की समस्याओं की ओर होना चाहिए, या ऐसे निरीक्षणों में? इस सवाल पर राज्य की जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें टिकी हुई हैं।



