बिलासपुर: फर्जी मुआवजा मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पांच गिरफ्तार


बिलासपुर जिले में एक सनसनीखेज मामले ने पुलिस और प्रशासन को हिला कर रख दिया है। 12 नवंबर 2023 को हुई शिवकुमार घृतलहरे की संदिग्ध मृत्यु के बाद, फर्जी मुआवजा प्राप्त करने के लिए सांप काटने की झूठी कहानी गढ़ी गई थी। मामले की गहन जांच के बाद, पुलिस ने मृतक के परिवार समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि इस तरह के 480 मामले की शिकायत विधानसभा तक पहुंची थी।
मुआवजे के लिए गढ़ी गई झूठी कहानी
मृतक शिवकुमार घृतलहरे (36) को 12 नवंबर को उल्टी और मुंह से झाग निकलने की शिकायत पर बिल्हा सीएचसी और बाद में सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 14 नवंबर को उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने दावा किया कि शिवकुमार की मौत बाएं पैर में सांप काटने से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर ने सांप के काटने का निशान और मृत्यु का कारण सांप काटना बताया।
लेकिन पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि शिवकुमार की मृत्यु जहर और शराब सेवन से हुई थी। सिम्स अस्पताल के डॉक्टरों ने भी इलाज के दौरान शराब और जहर सेवन के लक्षण पाए थे।
वकील के कहने पर गढ़ा गया झूठा मामला
जांच में यह खुलासा हुआ कि शिवकुमार के परिजनों ने वकील कामता प्रसाद साहू के कहने पर सांप काटने की झूठी कहानी बनाई थी। वकील ने बताया था कि यदि मृत्यु का कारण सांप काटना बताया जाए तो सरकार से तीन लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। लालच में आकर परिजनों ने पुलिस और डॉक्टरों को गुमराह किया।
जांच में जुटा बड़ा षड्यंत्र
जांच के दौरान पता चला कि शिवकुमार ने स्वयं जहर का सेवन किया था और अपनी खराब स्थिति के बारे में परिजनों को बताया था। बावजूद इसके, परिजनों ने सच्चाई छिपाई। पुलिस को दिए गए बयान और मुआवजे के लिए तहसीलदार कार्यालय में दाखिल आवेदन में झूठे तथ्य प्रस्तुत किए गए।
पुलिस ने पांच को किया गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में वकील कामता प्रसाद साहू, डॉक्टर प्रियंका सोनी, मृतक के पिता परागदास, पत्नी नीता, और भाई हेमंत को गिरफ्तार कर लिया है। इन सभी पर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने और मुआवजे के रूप में तीन लाख रुपये हड़पने के उद्देश्य से षड्यंत्र रचने का आरोप है।
आरोपियों की सूची
- कामता प्रसाद साहू (36), वकील, ग्राम पेंडारी, थाना सकरी।
- डॉ. प्रियंका सोनी, एमबीबीएस, एमडी (फॉरेंसिक मेडिसिन), सिम्स, बिलासपुर।
- परागदास घृतलहरे (66), मृतक के पिता, साकिन पोड़ी, थाना बिल्हा।
- हेमंत कुमार घृतलहरे (34), मृतक का भाई, साकिन पोड़ी।
- नीता घृतलहरे (35), मृतक की पत्नी, साकिन पोड़ी।
पुलिस अधीक्षक का बयान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि यह मामला प्रशासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने और गलत तरीके से मुआवजा लेने का है। पुलिस ने गहन जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए हैं और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अगला कदम
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या अन्य लोग भी इस षड्यंत्र में शामिल थे। शासन से झूठे मुआवजे का दावा करने वालों पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।



