बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में हाल ही में घोषित निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग एवं परिषदों के अध्यक्ष व उपाध्यक्षों की सूची को लेकर कांग्रेस पार्टी के संयुक्त महामंत्री अमित यादव ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इस सूची में यादव समाज के किसी भी व्यक्ति को प्रतिनिधित्व न दिया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
कांग्रेस नेता अमित यादव ने कहा, “मैं स्वयं यादव समाज से आता हूं और जब मैंने पूरी सूची देखी तो यह देखकर गहरा दुख हुआ कि इतने महत्वपूर्ण पदों पर हमारे समाज से एक भी प्रतिनिधि नहीं है। छत्तीसगढ़ में यादव समाज ओबीसी की दूसरी सबसे बड़ी आबादी है, फिर भी सरकार की इस उपेक्षा ने यह साबित कर दिया है कि भाजपा को हमारी भागीदारी की कोई परवाह नहीं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल यादव समाज ही नहीं, बल्कि पूरे पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय है। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार सामाजिक संतुलन और समान भागीदारी के सिद्धांतों को दरकिनार कर रही है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि केवल कांग्रेस पार्टी ही वह मंच है जहाँ यादव समाज को उचित सम्मान और भागीदारी मिल सकती है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने हमेशा सभी वर्गों को, विशेष रूप से पिछड़ा वर्ग और यादव समाज को संगठनात्मक और प्रशासनिक स्तर पर प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है। हम आने वाले चुनावों में इसी न्याय की लड़ाई को और तेज़ी से लड़ेंगे।”
अमित यादव ने यादव समाज से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि समाज अपने हक के लिए आवाज़ बुलंद करे और ऐसे राजनीतिक दलों को जवाब दे जो केवल उपयोग कर उपेक्षा करते हैं।भाजपा द्वारा की जा रही अनदेखी अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संपूर्ण पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय
भारतीय जनता पार्टी ने अपने फैसले से यह स्पष्ट कर दिया है कि वह यादव समाज को सत्ता में भागीदारी देने के लिए गंभीर नहीं है। “यह केवल यादव समाज ही नहीं, बल्कि समूचे पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय है,” अमित यादव ने जोड़ा।
अमित यादव ने आगे कहा कि यदि छत्तीसगढ़ में यादव समाज को कहीं सम्मान और भागीदारी मिल सकती है तो वह कांग्रेस पार्टी ही है। “कांग्रेस पार्टी ने हमेशा पिछड़ा वर्ग और यादव समाज को महत्व दिया है। चाहे वह संगठनात्मक ढांचा हो या सरकार की नीतियां—कांग्रेस ने हर स्तर पर सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है।



