बिलासपुर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नगरीय निकाय चुनावों में पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। बिलासपुर नगर निगम से करीब एक दर्जन कार्यकर्ता और पदाधिकारी इस कार्रवाई की चपेट में आए हैं। इसके अलावा, अन्य नगरीय निकायों में भी इसी प्रकार की कार्रवाई की गई है।



भाजपा के इस फैसले का उद्देश्य चुनावी अनुशासन बनाए रखना और पार्टी संगठन को मजबूत करना है। प्रदेश नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी स्थिति पर नज़र बनाए हुए है। पार्टी ने संभावित असंतुष्टों और बगावती नेताओं पर वेटिंग वॉच की नीति अपनाई है। यह रणनीति आगामी चुनावी गणित और संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है।
भाजपा और कांग्रेस दोनों की यह नीति आगामी चुनावों में उनके प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है। भाजपा के कठोर कदम जहां अनुशासन का संदेश देते हैं, वहीं कांग्रेस का सतर्क रुख राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश है।



