00 कांग्रेस भवन में प्रेस वार्ता आयोजित कर लगाए कई आरोप
बिलासपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के करीब आते ही छत्तीसगढ़ में ओबीसी आरक्षण को लेकर राजनीति गर्माने लगी है। कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे “ओबीसी विरोधी साजिश” करार दिया है। कांग्रेस ने दावा किया है कि भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण को दुर्भावनापूर्ण तरीके से खत्म करने का प्रयास किया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने न केवल राज्य सरकार पर निशाना साधा है, बल्कि इसे प्रदेशव्यापी आंदोलन का स्वरूप देने की योजना भी बनाई है।
आरक्षण में कटौती का आरोप
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी और शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत ओबीसी आरक्षण में कटौती की है।
अनुसूचित क्षेत्रों में स्थिति: बस्तर और सरगुजा संभाग के जिलों में ओबीसी आरक्षण लगभग समाप्त हो चुका है।
मैदानी इलाकों की स्थिति: कई पंचायतों में 90% से अधिक ओबीसी आबादी होने के बावजूद, वहां ओबीसी को सरपंच पद का आरक्षण नहीं दिया गया है।
आरक्षण की यह दो प्रमुख जिलों में स्थिति
रायपुर जिले में जिला पंचायत की 16 सीटों में केवल 4 ओबीसी के लिए आरक्षित हैं।
बिलासपुर जिले में 17 सीटों में से सिर्फ एक महिला ओबीसी के लिए आरक्षित है, जबकि ओबीसी पुरुषों के लिए एक भी सीट नहीं है।
कांग्रेस के आरोप और दावे
दुर्भावनापूर्ण संशोधन:
कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार ने आरक्षण प्रक्रिया के नियमों में बदलाव कर ओबीसी वर्ग के अधिकारों पर सीधा प्रहार किया है।
. विधेयक में बाधा
विजय केशरवानी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने 2022 में विधानसभा में पारित नवीन आरक्षण विधेयक को जानबूझकर रोकने का काम किया। इस विधेयक में अनुसूचित जनजाति (ST) को 32% और ओबीसी को 27% आरक्षण देने का प्रावधान था। यह विधेयक आज तक राजभवन में लंबित है।
ओबीसी का राजनीतिक हक छीनना:
कांग्रेस का दावा है कि आरक्षण में कटौती के कारण ओबीसी वर्ग के उम्मीदवार चुनाव लड़ने से वंचित हो गए हैं। पहले जिन सीटों पर ओबीसी के लिए आरक्षण था, उन्हें अब सामान्य घोषित कर दिया गया है।
बस्तर और सरगुजा में नुकसान
कांग्रेस ने बस्तर और सरगुजा संभाग में ओबीसी वर्ग को सबसे अधिक नुकसान होने का दावा किया है। इन क्षेत्रों में ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित पद लगभग समाप्त हो गए हैं।
बस्तर संभाग: बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर जिलों में ओबीसी के लिए कोई सीट आरक्षित नहीं है।
सरगुजा संभाग: अंबिकापुर, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया और मनेंद्रगढ़ जैसे जिलों में भी ओबीसी आरक्षण लगभग शून्य हो गया है।
गिरफ्तारी देने को तैयार : विजय
कांग्रेस ने इसे प्रदेशव्यापी मुद्दा बनाने की योजना बनाई है।
जनता के बीच जाना: कांग्रेस इस मुद्दे को ग्रामीण इलाकों में ले जाकर भाजपा सरकार के खिलाफ जनता को लामबंद करेगी।विजय केशरवानी ने कहा कि पार्टी आरक्षण में हुई कटौती के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। साथ ही गिरफ्तारी देने को भी तैयार हैं।



