बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के अमने गांव में आबकारी विभाग और भारतमाता वाहिनी महिला स्व-सहायता समूह ने संयुक्त रूप से नशा मुक्ति अभियान के तहत अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। कलेक्टर बिलासपुर अवनीश कुमार शरण के निर्देश और प्र. सहायक आयुक्त आबकारी श नवनीत तिवारी के मार्गदर्शन में यह विशेष अभियान चलाया गया।
यह है मामला
दिनांक 8 जनवरी 2025 को ग्राम अमने में अवैध शराब के खिलाफ तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की गई। इस अभियान में 20 लीटर महुआ शराब और 60 किलोग्राम महुआ लहान जब्त किया गया। साथ ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 59(क) के तहत मामला दर्ज किया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रविदास बंजारे के रूप में हुई है, जो ग्राम अमने का निवासी है। अभियुक्त को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। यह प्रकरण अजमानतीय (गैर-जमानती) होने के कारण उसे जमानत का लाभ नहीं दिया गया।
महिला स्व-सहायता समूह की भूमिका
इस अभियान में भारतमाता वाहिनी महिला स्व-सहायता समूह की भूमिका सराहनीय रही। समूह ने गांव में सक्रिय अवैध शराब विक्रेताओं की पहचान कर उन्हें चिन्हित किया। इस जानकारी के आधार पर आबकारी विभाग ने प्रभावी कार्यवाही की। महिला समूह ने नशा मुक्ति अभियान के तहत समाज को नशे से बचाने का जो कदम उठाया है, वह अनुकरणीय है।
अभियान में शामिल अधिकारी
इस कार्रवाई को सफल बनाने में आबकारी उपनिरीक्षक धर्मेंद्र शुक्ला, नेतराम बंजारे, मुख्य आरक्षक जनक राम जगत, और आरक्षक गौरव स्वर्णकार की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन अधिकारियों ने कानून के तहत सटीक और निष्पक्ष तरीके से कार्यवाही सुनिश्चित की।
अवैध शराब के खिलाफ सख्त कदम
छत्तीसगढ़ सरकार और आबकारी विभाग अवैध शराब की बिक्री और नशे के खिलाफ सख्त रवैया अपनाए हुए हैं। इस प्रकार की छापेमारी और कानूनी कार्रवाई से अवैध शराब व्यापारियों के खिलाफ सख्त संदेश गया है। कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण ने कहा कि, “अवैध शराब से समाज में अपराध और नशे की लत बढ़ती है। इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। जनता का सहयोग और महिला समूहों की सक्रियता इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाएगी।”
नशा मुक्ति अभियान की आवश्यकता
नशा मुक्ति अभियान का उद्देश्य समाज को नशे की बुराइयों से बचाना और युवा पीढ़ी को स्वस्थ भविष्य प्रदान करना है। ग्राम अमने जैसे क्षेत्रों में अवैध शराब के कारण कई सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं। महिला स्व-सहायता समूह ने न केवल इन समस्याओं को उजागर किया, बल्कि समाधान के लिए प्रशासन का सहयोग भी किया।
स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और महिला समूह की प्रशंसा की है। एक ग्रामीण ने कहा, “गांव में अवैध शराब के कारण अनेक समस्याएं हो रही थीं। इस कार्रवाई से हमें राहत मिली है। अब हमारा गांव नशा मुक्त होने की दिशा में बढ़ रहा है।”
आगे की योजना
आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन इस प्रकार की कार्यवाहियों को लगातार जारी रखने की योजना बना रहे हैं। महिला स्व-सहायता समूहों को इस दिशा में और अधिक सशक्त बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस अभियान ने यह साबित कर दिया है कि जब प्रशासन और समाज मिलकर काम करते हैं, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। यह कदम न केवल अवैध शराब के खिलाफ लड़ाई का हिस्सा है, बल्कि सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है।
यह रिपोर्ट बताती है कि आबकारी विभाग ने महिला स्व-सहायता समूह के साथ मिलकर नशा मुक्ति अभियान के तहत अवैध शराब के विक्रेताओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की। कार्रवाई में निम्नलिखित विवरण शामिल हैं:
मुख्य जानकारी:
1. तिथि: 08 जनवरी 2025
2. स्थान: ग्राम अमने, थाना कोटा, बिलासपुर
3. कुल छापे: 3
4. प्रकरण दर्ज: 1
5. गिरफ्तार व्यक्ति: 1
6. जप्त सामग्री:
20 लीटर महुआ शराब
60 किलोग्राम महुआ लहान
7. अजमानतीय प्रकरण: 1
आरोपी का विवरण:
नाम: रविदास बंजारे
पिता का नाम: पुराणिक बंजारे
पता: ग्राम अमने, थाना कोटा, बिलासपुर
प्रकरण की धारा: छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 59(क)
कार्रवाई का निष्कर्ष:
महिला स्व-सहायता समूह के द्वारा चिन्हित अवैध शराब विक्रेताओं



