बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में विगत दिनों भारत माता स्कूल के जीनियस सहपाठियों का रियूनियन शहर के स्थानीय होटल में एकजुट हुआ।देश की कोने कोने से आए बचपन के सहपाठियों के मध्य गर्मजोशी और नम आंखों के साथ उनका कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
४३ वर्षों बाद जब ये बिछड़े दोस्त मिले तो बेहद भावुक और नम आंखों से अपनी बीती दिनों को याद करते नहीं थके।
आओ पचपन में ,चले बचपन में के इस शीर्षक को चरितार्थ करते वर्ष १९७१,७२ में के जी क्लास में पहली बार के जी कक्षा में अपनी पढ़ाई की शुरुवात करने वाले सहपाठी वर्ष १९८१,८२ के आते आते जो बिछड़ गए थे गत दिनों आयोजित रियूनियन कार्यक्रम में खूब मस्ती और जोश के साथ देश के विभिन्न स्थलों से आकर दो दिनों तक साथ रहकर अपनी शाला भारत माता स्कूल में गए वहां उन्होंने स्कूल परिसर में जाकर प्रार्थना और राष्ट्रीय गीत गाया फिर क्लास की बेंच में जाकर बैठ बचपन की यादें ताजा की शाम होते होते पूरे शहर का चक्कर लगाकर संध्या गीत संगीत, गेम और डांस तथा लजीज भोजन का खूब आनंद उठाया इस अवसर पर सभी सहपाठियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया एक एक मित्र ने अपने बीते दिनों बाते अपने उद्बोधन में कही जो हसी ठिठोली और कई बार बड़ी भावुक थी कुल २५ मित्रो ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया जो देर रात तक चलता रहा जिनमें,रामलू ,उषा,सुनीता,जसबीर,पी लक्ष्मी,रबेका,सुधीर,राजू,उमाभारती,जगजीत,लीना,भारत सुरजीत,सविता,संजीव,शिवा,देवेंद्र ,पी जी,गिरीश ,मोहन,मोहन थापा,शारदा,प्रताप,वासुदेव शामिल हुए।



