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छत्तीसगढ़: पार्षद, सरपंच, भू माफिया से लेकर रसूखदार तक जमीन पर कर रहे हैं कब्जा

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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00नगर निगम सीमा से जुड़े नए वार्डों, तखतपुर, कोटा, मस्तूरी समेत जिले के अन्य क्षेत्रों से लगातार आ रही हैं शिकायतें

00सकरी क्षेत्र के लोगों ने भी लगाया आरोप, पार्षद निजी जमीन पर कब्जा करने बता रहा अपना
0- सामुदायिक भवन बनाने लिया था समाज ने निर्णय
0- ग्रामीणों ने कहा शासन सामुदायिक भवन बनाने में करे मदद
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सरकारी हो या किसी आम आदमी की जमीन, वह अब सुरक्षित नहीं रही गई है। सरपंच,पार्षद, भू माफिया, रसूखदार से लेकर कुछ पूर्व अधिकारियों पर पर कब्जे के आरोप लगे हैं। इसी कड़ी में सकरी तहसील क्षेत्र के जोंकी निवासी वस्त्रकार महरा समाज केे पदाधिकारी व महिलाए कलेक्टर कार्यालय पहुंची। सभी का कहना है कि खसरा नंबर 528, रकबा 0.59 एकड़ में से 10 डिसमिल भूमि पर वस्त्रकार महरा समाज सामुदायिक भवन निर्माणकर रहा है। जिसे क्षेत्र के पार्षद ने अपना बना समुदायिक भवन का काम रूकवा दिया है। समाज के लोगो को कहना है कि उन्हें यह जमीन उस जमीन के मालिक ने दी है।
सकरी क्षेत्र के जोकी से आवेदन लेकर पहुंचे वस्त्रकार महरा समाज के पदाधिकारी व महिलाओँ का कहना है कि जिस भूमि वह सामुयायिक भवन बनवा रहे हैंं, उस जमीन का उपयोग वर्षों से कूड़ा-कर्कट फेकने के लिए होता था। इस जमीन से लगी जमीन के मालिक ने बताया कि उस जमीन की कभी खरीदी बिक्री नहीं हुई है। समाज का यह भी दावा है कि यह जमीन सरकारी है। जिस पर वस्त्रकार महरा समाज के सदस्यों ने सामुदायिक भवन निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री जुटाकर भूमि पूजन कर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया। इस दौरान वार्ड नं. 1 के पार्षद अमित भारते ने जमीन का अपनी बताते हुए काम रुकवा दिया। विवाद के चलते सामुदायिक भवन निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न होने से समाज के लोगो को काफी आक्रोश है। गुरुवार को समाज के पदाधिकारी व महिलाओं ने कलेक्टर अवनीश शरण से मामले में हस्ताक्षेप करते हुए सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए सामुदायिक भवन का निर्माण करने में मदद की गुहार लगाई है।

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