बिलासपुर। जिले में बढ़ते बिजली बिल, लगातार बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या को लेकर शिवसेना ने राज्य सरकार और विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में शिवसेना नेताओं ने आम जनता की परेशानियों को प्रमुखता से उठाते हुए जल्द समाधान की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि बिलासपुर जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोग लंबे समय से लो-वोल्टेज, बार-बार बिजली गुल होने और शिकायतों के निराकरण में हो रही देरी से परेशान हैं। विद्युत विभाग अक्सर स्टाफ की कमी का हवाला देता है, जबकि शिकायतों के लिए जारी टोल-फ्री नंबरों पर भी घंटों तक कोई जवाब नहीं मिलता। इससे उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है।
शिवसेना ने आरोप लगाया कि प्रदेश में हाल ही में बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी का सीधा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। विशेष रूप से ऐसे परिवार, जहां पुरुष सदस्य बाहर काम करते हैं या घर की जिम्मेदारी महिलाओं के कंधों पर है, उन्हें बढ़े हुए बिजली बिल का भुगतान करने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रोजी-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाली महिलाओं पर इसका अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई उपभोक्ता आर्थिक तंगी के कारण समय पर बिजली बिल जमा नहीं कर पाते, जिसके बाद विभाग द्वारा वसूली नोटिस भेजे जाते हैं। इससे आम लोगों की परेशानियां और बढ़ जाती हैं।
शिवसेना नेताओं ने मांग की है कि लो-वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए कर्मचारियों को निर्देश दिए जाएं और बढ़ी हुई बिजली दरों पर पुनर्विचार किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो शिवसेना आम जनता के साथ मिलकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और विद्युत विभाग की होगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश सचिव संतोष कौशल, पूर्व जिला प्रमुख नवीन यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष धनंजय सिंह चौहान, महानगर प्रभारी वमलेश गुप्ता, युवासेना से जुड़े मुकेश देवांगन, जिला प्रमुख मुकेश देवांगन, जिला उपाध्यक्ष अनिल कौशिक, महिला सेना जिलाध्यक्ष रेवती यादव, नगर कार्यकर्ता अय्युब भाई सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।



