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ब्रश करते समय फटी दिमाग तक खून पहुंचाने वाली धमनी, मेकाहारा के डॉक्टरों ने किया असंभव को संभव

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Spontaneous Carotid Artery Rupture का छत्तीसगढ़ में पहला सफल उपचार, दुनिया में अब तक सिर्फ 10 केस दर्ज

रायपुर |

रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) के हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने चिकित्सा विज्ञान के इतिहास में एक अत्यंत दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है।


यह मामला Spontaneous Carotid Artery Rupture (SCAR) से जुड़ा है — ऐसी स्थिति, जिसमें बिना किसी चोट, बीमारी या पूर्व लक्षण के गर्दन की मुख्य धमनी अपने आप फट जाती है। मेडिकल जर्नल्स में अब तक विश्वभर में ऐसे केवल 10 मामलों का ही उल्लेख मिलता है। छत्तीसगढ़ में यह पहला सफल उपचार है।
ब्रश करते समय हुआ रप्चर, कुछ ही मिनटों में बिगड़ गई हालत
रायपुर निवासी 40 वर्षीय स्वस्थ पुरुष सुबह अपने घर में दांत साफ कर रहा था। उसी दौरान अचानक उसके गले में तेज दर्द हुआ और देखते ही देखते गर्दन में असामान्य सूजन फैल गई। कुछ ही क्षणों में मरीज बेहोश हो गया।
परिजन तत्काल उसे डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के आपातकालीन विभाग लेकर पहुंचे, जहां स्थिति को देखते हुए तुरंत उच्च स्तरीय जांच की गई।
CT एंजियोग्राफी में सामने आया बेहद दुर्लभ और जानलेवा सच
गर्दन की CT एंजियोग्राफी जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मरीज की दाहिनी कैरोटिड आर्टरी पूरी तरह फट चुकी है और उसके चारों ओर गुब्बारानुमा संरचना बन गई है, जिसे चिकित्सा भाषा में Carotid Artery Pseudoaneurysm कहा जाता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मरीज को तत्काल हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग में डॉ. कृष्ण कांत साहू के नेतृत्व में रेफर किया गया।
हर सेकेंड था जानलेवा, सफलता दर सिर्फ 50–60 प्रतिशत
यह सर्जरी अत्यंत जोखिमपूर्ण मानी जाती है। गर्दन में भारी मात्रा में जमा खून के कारण धमनी की पहचान करना बेहद कठिन था।
जरा सी चूक से:
ऑपरेशन टेबल पर ही मरीज की मृत्यु
मस्तिष्क में थक्का पहुंचने से स्थायी लकवा
या ब्रेन डेड जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती थी
परिजनों को सभी संभावित जोखिमों की विस्तृत जानकारी दी गई और उच्च जोखिम वाली सर्जरी के लिए सहमति प्राप्त की गई।
बोवाइन पेरिकार्डियम पैच से की गई धमनी की जटिल मरम्मत
कई घंटों तक चली इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी में विशेषज्ञ टीम ने Bovine Pericardium Patch की सहायता से फटी हुई कैरोटिड आर्टरी को अत्यंत सूक्ष्मता और सावधानी के साथ रिपेयर किया।
ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। सबसे अहम बात यह रही कि मरीज को:
किसी प्रकार का लकवा नहीं हुआ
मस्तिष्क को कोई क्षति नहीं पहुंची
सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति तेजी से सुधरी और वर्तमान में वह पूरी तरह स्वस्थ है।
स्वतः कैरोटिड आर्टरी का फटना: चिकित्सा जगत की सबसे दुर्लभ स्थितियों में एक
आमतौर पर कैरोटिड आर्टरी रप्चर के कारणों में:
एथेरोस्क्लेरोसिस
गंभीर चोट (ट्रॉमा)
कनेक्टिव टिश्यू डिसऑर्डर
संक्रमण
ट्यूमर
जैसी स्थितियां पाई जाती हैं।
इस मामले की विशेषता यह रही कि मरीज पूरी तरह स्वस्थ था और इनमें से कोई भी जोखिम कारक मौजूद नहीं था। इसी कारण इसे Spontaneous Carotid Artery Rupture (SCAR) की श्रेणी में रखा गया, जिसे चिकित्सा विज्ञान में अत्यंत दुर्लभ माना जाता है।
क्या होती है कैरोटिड आर्टरी
कैरोटिड आर्टरी गर्दन के दोनों ओर स्थित वह प्रमुख धमनी है, जो हृदय से मस्तिष्क तक रक्त की आपूर्ति करती है।
इस धमनी में किसी भी प्रकार की क्षति होने पर:
कुछ ही मिनटों में मस्तिष्क को ऑक्सीजन मिलना रुक सकता है
मरीज की जान को तत्काल खतरा उत्पन्न हो जाता है
स्वास्थ्य मंत्री ने दी बधाई, बताया संस्थान के लिए गौरव
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस दुर्लभ और जटिल सर्जरी की सफलता पर
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी,
मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. संतोष सोनकर,
तथा हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग की पूरी टीम
को बधाई दी और इसे मेकाहारा तथा राज्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
यह सर्जरी न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि भारतीय चिकित्सा जगत में उच्च स्तरीय वैस्कुलर सर्जरी क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने वाला मामला बनकर सामने आई है।

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