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बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत: सुशासन, विकास और सुरक्षा पर जनता की मुहर — ‘जंगल राज नहीं, परफॉर्मेंस की सरकार चाहिए’

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Bilaspur, 14 नवंबर (शुक्रवार)बिहार की जनता ने एक बार फिर स्पष्ट और प्रचंड जनादेश देकर एनडीए को सत्ता सौंप दी है। यह जनादेश न सिर्फ़ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त विकास नीति पर जनता के भरोसे को दर्शाता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि राज्य अब किसी भी रूप में ‘‘जंगल राज’’ या तुष्टिकरण की राजनीति स्वीकार नहीं करेगा।


एनडीए पर जनता का भरोसा — विकास, महिलाओं की सुरक्षा और सुशासन को मिला समर्थन

11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिहार के लिए बड़े पैमाने पर की गई घोषणाओं, निवेश और योजनाओं के क्रियान्वयन ने राज्य की दिशा बदलने का काम किया है। साथ ही, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘‘जंगल राज’’ के दौर से निकलकर बिहार को सुशासन और बुनियादी सुविधाओं की पटरी पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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Bilaspur, 14 नवंबर (शुक्रवार)बिहार की जनता ने एक बार फिर स्पष्ट और प्रचंड जनादेश देकर एनडीए को सत्ता सौंप दी है। यह जनादेश न सिर्फ़ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त विकास नीति पर जनता के भरोसे को दर्शाता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि राज्य अब किसी भी रूप में ‘‘जंगल राज’’ या तुष्टिकरण की राजनीति स्वीकार नहीं करेगा।एनडीए पर जनता का भरोसा — विकास, महिलाओं की सुरक्षा और सुशासन को मिला समर्थन“घुसपैठियों और उनके संरक्षकों को करारा जवाब” — वोट बना सुरक्षा नीति में विश्वास का प्रतीककांग्रेस का ध्वंस — ‘नेगेटिव पॉलिटिक्स’ पर जनता का प्रहार“जनता अब परफॉर्मेंस आधारित राजनीति चाहती है” — मनीष अग्रवालजनादेश का संदेश स्पष्ट — बिहार बदला है, और अब वापस नहीं लौटेगा

जन mandato यह बताता है कि बिहार अब विकसित राज्यों की कतार में खड़ा होने का संकल्प ले चुका है।


“घुसपैठियों और उनके संरक्षकों को करारा जवाब” — वोट बना सुरक्षा नीति में विश्वास का प्रतीक

बिहार की जनता के एक-एक वोट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि—

  • देश की सुरक्षा सर्वोपरि है,
  • मतदाता सूची का शुद्धीकरण अनिवार्य है,
  • और वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को संरक्षण देने वाली पार्टियों का समय खत्म हो चुका है

चुनाव परिणाम बताते हैं कि जनता ने राष्ट्रीय सुरक्षा और कठोर नीति के पक्ष में मतदान किया।


कांग्रेस का ध्वंस — ‘नेगेटिव पॉलिटिक्स’ पर जनता का प्रहार

परिणामों में कांग्रेस का बिहार में आखिरी पायदान पर सिमटना इस बात का संकेत है कि
नकारात्मक राजनीति, भ्रम फैलाने और गैर-जिम्मेदार बयानबाज़ी से लोगों का भरोसा पूरी तरह उठ चुका है।

राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस जिस तरह से देश में नकारात्मकता फैलाने का प्रयास कर रही है, बिहार ने उसे साफ़ तौर पर नकार दिया।


“जनता अब परफॉर्मेंस आधारित राजनीति चाहती है” — मनीष अग्रवाल

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व एल्डरमैन मनीष अग्रवाल ने बिहार के ऐतिहासिक परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा—

“यह जीत विकसित बिहार में विश्वास रखने वाले हर बिहारवासी की जीत है। जनता ने साफ़ कर दिया है—
अब जंगल राज नहीं, सिर्फ़ सुशासन और परफॉर्मेंस की सरकार चाहिए।
कांग्रेस की नेगेटिव राजनीति का यही परिणाम है कि वह आज बिहार में अंतिम स्थान पर पहुंच गई है।”

उन्होंने आगे कहा कि—

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक मेहनत करने वाले लाखों भाजपा कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम ने इस जीत को संभव बनाया है।
मैं सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई देता हूँ।”


जनादेश का संदेश स्पष्ट — बिहार बदला है, और अब वापस नहीं लौटेगा

इस चुनाव ने यह तय कर दिया है कि बिहार जैसे बड़े और संवेदनशील राज्य में—

  • सुशासन बनाम जंगल राज,
  • परफॉर्मेंस बनाम परिवारवाद,
  • और राष्ट्रहित बनाम तुष्टिकरण

की लड़ाई में जनता ने साफ़-साफ़ अपना पक्ष एनडीए के पक्ष में दे दिया है।

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