
बिलासपुर, रायपुर, बस्तर।छत्तीसगढ़ के बीहड़ जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच सोमवार को मौत का मंजर बिखर गया। डीआरजी और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने भीषण मुठभेड़ में छह नक्सलियों को ढेर कर दिया। इस ऑपरेशन को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने “लाल आतंक के सफाए की दिशा में निर्णायक हमला” करार दिया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर में पहुँच चुका है, और 31 मार्च 2026 तक इसे नेस्तनाबूद करने का संकल्प किसी भी कीमत पर पूरा किया जाएगा।

बीजापुर के घने जंगलों में सोमवार सुबह सुरक्षाबलों को नक्सलियों की गतिविधियों का इनपुट मिला। इसके बाद डीआरजी और एसटीएफ की संयुक्त टीम जब सर्चिंग पर निकली तो नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने मोर्चा सँभालते हुए पलटवार किया, और घंटेभर से अधिक चली इस मुठभेड़ में कम से कम 6 नक्सली मौके पर ही ढेर हो गए।
सूत्रों के मुताबिक, नक्सलियों की संख्या दहाई में थी और कई सदस्य घने जंगल का फायदा उठाते हुए भागने में कामयाब रहे। इलाके में अतिरिक्त बल भेजा गया है और सर्च ऑपरेशन अभी जारी है। मारे गए नक्सलियों के पास से हथियार, विस्फोटक सामग्री और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सख्त बयान:
बीजापुर की कार्रवाई पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षाबलों को बधाई दी और कहा कि यह ऑपरेशन नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ते कदमों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा—
“लाल आतंक के समूल नाश का समय आ चुका है। नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है।”
साय ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के राष्ट्रीय संकल्प के अनुसार 31 मार्च 2026 तक देश और प्रदेश से नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
राष्ट्रीय सुरक्षा का बड़ा संकल्प:
केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त रणनीति के तहत लगातार बड़े ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। सुरक्षाबलों को तकनीकी सहायता, उन्नत हथियार और आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजापुर की इस मुठभेड़ ने नक्सलियों की रीढ़ पर एक और जोरदार चोट की है।
बीजापुर के जंगलों में पसीना-पसीना ऑपरेशन:
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक क्षेत्र में कई महीनों से नक्सलियों की उच्चस्तरीय बैठक होने की चर्चा थी। सुरक्षाबलों की इस त्वरित कार्रवाई से नक्सली नेटवर्क में फूट और असंतोष बढ़ा है। गश्ती दल को संभावित बड़े हमले की सूचना पहले से थी, जिसके बाद जवान पूरी तैयारी के साथ निकले थे।
विस्फोटक बरामद, इलाके में हाई अलर्ट:
ऑपरेशन के बाद बरामद हथियारों में एके-47, इंसास राइफल, देशी बंदूकें और भारी मात्रा में बम बनाने की सामग्री शामिल है। इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और आसपास के गांवों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।



