मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल ने तखतपुर से दी पहल को गति, नेत्र रोगियों की पहचान और उपचार के लिए विशेष अभियान शुरू
बिलासपुर।
जन-जन तक नेत्र स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रारंभ “संपूर्ण नेत्र सुरक्षा कार्यक्रम” का शुभारंभ बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड में किया गया। इस राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल के मार्गदर्शन में हुई। कार्यक्रम का संचालन सहायक नोडल अधिकारी राजेन्द्र शर्मा के निर्देशन तथा जिला नेत्र विभाग की समन्वय टीम द्वारा किया जा रहा है।
24 अक्टूबर से 1 नवंबर तक जिले के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर नेत्र सर्वेक्षण किया जाएगा। इस दौरान नेत्र सहायक अधिकारी, सुपरवाइजर, मितानिन और ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारी (RHO) की टीमें मिलकर प्रत्येक घर में नेत्र रोगों से पीड़ित व्यक्तियों की पहचान करेंगी। पूर्व में तैयार सर्वे सूची का सत्यापन भी इन टीमों द्वारा किया जाएगा।
इस विशेष अभियान में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश कुमार साहू, ब्लॉक नोडल एनपीसीबी आर.के. साहू, संजय शुक्ला, पंचराम बंजारे, अनिल दूबे, शिवप्रसाद ध्रुव, संजू आदित्य, जे.आर. ध्रुव, अनुप सिंह, निधि गुप्ता, पवन चौहान और राजेन्द्र उजागर जैसे अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी सक्रिय रूप से शामिल हैं।
डॉ. शुभा गरेवाल ने बताया कि यह नेत्र सत्यापन अभियान पूरे राज्य में एक साथ चलाया जा रहा है। बिलासपुर जिले में इसका शुभारंभ ग्राम भरनी, सैदा और अमसेना से किया गया। सर्वे टीमों ने इन ग्रामों में घर-घर जाकर नेत्र रोगियों की पहचान शुरू कर दी है।
पहचाने गए मोतियाबिंद के मरीजों का निःशुल्क ऑपरेशन जिला अस्पताल और सिम्स चिकित्सालय बिलासपुर में किया जाएगा। वहीं ग्लूकोमा, डायबिटिक रेटिनोपैथी, दृष्टिदोष, लो विजन और कंजक्टिवाइटिस जैसे अन्य नेत्र रोगों से पीड़ित मरीजों की सूची बनाकर उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
डॉ. गरेवाल ने कहा कि –
“इस अभियान का उद्देश्य उन लोगों तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है जो किसी कारणवश अस्पताल नहीं पहुंच पाते। हर नागरिक की दृष्टि सुरक्षा हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।”
नेत्र विभाग की टीमें जिले के सभी ब्लॉकों में सक्रिय रूप से सर्वे कार्य में लगी हैं। निर्धारित अवधि में संपूर्ण जिले में नेत्र रोगियों की विस्तृत सूची तैयार कर उपचार की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
कार्यक्रम की प्रमुख बातें
- अवधि : 24 अक्टूबर से 1 नवंबर 2025
- उद्देश्य : घर-घर जाकर नेत्र रोगियों की पहचान और निःशुल्क उपचार
- प्रमुख स्थल : भरनी, सैदा, अमसेना (तखतपुर)
- प्रमुख अधिकारी : डॉ. शुभा गरेवाल (सीएमएचओ एवं जिला नोडल अधिकारी)
- उपचार केंद्र : जिला अस्पताल एवं सिम्स बिलासपुर
- मुख्य लक्ष्य : मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, रेटिनोपैथी, दृष्टिदोष, लो विजन जैसे रोगों का शीघ्र उपचार



