दिवाली की रोशनी के बीच जब पूरे प्रदेश में उत्सव का माहौल था, तब बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयु विज्ञान संस्थान (सिम्स) के डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ पूरी रात आपात सेवाओं में मुस्तैद रहे। सड़क दुर्घटनाओं, मारपीट और जलने के मामलों में तत्काल उपचार देकर सिम्स की टीम ने न केवल सतर्कता बल्कि उत्कृष्ट मानवीय सेवा भावना का परिचय दिया।
Mohammed israil
बिलासपुर, 22 अक्टूबर 2025।
दिवाली पर्व के दौरान सिम्स बिलासपुर ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में तत्परता का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया। 20 और 21 अक्टूबर को सिम्स की इमरजेंसी यूनिट में आए सड़क दुर्घटना, मारपीट और जलने के कुल 37 मरीजों का तत्काल उपचार किया गया।
20 अक्टूबर को सड़क दुर्घटना के 12, मारपीट के 5 और जलने का 1 मामला दर्ज हुआ। वहीं 21 अक्टूबर को सड़क दुर्घटनाओं के 12, मारपीट के 4 और जलने के 3 मरीज भर्ती किए गए। सिम्स प्रशासन ने बताया कि सभी मरीजों को समय पर उपचार प्रदान किया गया और अधिकांश की स्थिति अब स्थिर है।
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने बताया —
“दिवाली के दौरान संभावित हादसों को देखते हुए पहले से ही सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया था। इमरजेंसी वार्ड से लेकर सर्जरी यूनिट तक डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे तैयार रही, जिससे किसी भी मरीज को उपचार में देरी नहीं हुई।”
वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा —
“हमने त्योहार के दौरान दवाओं की आपूर्ति, डॉक्टरों की ड्यूटी और नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति की विशेष निगरानी रखी। समन्वय और टीमवर्क के कारण हर मामले में त्वरित प्रतिक्रिया देना संभव हुआ।”
सिम्स प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष दिवाली पर्व के दौरान पिछले वर्ष की तुलना में गंभीर मामलों की संख्या कम रही, जो नागरिक जागरूकता और प्रशासनिक तैयारियों का सकारात्मक संकेत है।
सिम्स की चिकित्सा टीम, नर्सिंग स्टाफ और सहयोगी कर्मचारियों ने दिवाली पर्व के दौरान अपनी निष्ठा और मानव सेवा के प्रति समर्पण से यह साबित किया कि त्योहार केवल उत्सव नहीं, बल्कि कर्तव्य और संवेदनशीलता का भी प्रतीक हो सकता है।
सिम्स की दिवाली ड्यूटी में सेवा की मिसाल
🔹 कुल आपात मामले – 37
🔹 सड़क दुर्घटनाएँ – 24 (दो दिन में)
🔹 मारपीट के मामले – 9
🔹 जलने के मामले – 4
🔹 सभी मरीजों का उपचार समय पर
🔹 कोई भी अत्यधिक गंभीर मामला दर्ज नहीं



