मो इसराइल बबलू
बिलासपुर, 22 अक्टूबर 2025
शिक्षा गुणवत्ता को नई दिशा देने की ओर बिलासपुर जिला प्रशासन ने एक प्रेरणादायी पहल की है। जिले के सेवानिवृत्त प्राचार्य, व्याख्याता और शिक्षक अब विद्यालयों में विद्यार्थियों को निःशुल्क कक्षाध्यापन देंगे। यह कार्य पूरी तरह स्वैच्छिक और निःशुल्क होगा। सत्र के अंत में जिला प्रशासन इन शिक्षकों का सम्मान करेगा और उन्हें कलेक्टर द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
जिला कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों के अनुभव और समर्पण का लाभ बच्चों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने जिले के ऐसे शिक्षकों से अपील की है जो सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षण कार्य में योगदान देना चाहते हैं, वे अपनी प्रविष्टि जिला प्रशासन द्वारा जारी गूगल शीट में भरें। उन्हें उनके गांव या वार्ड के नजदीकी विद्यालयों में पढ़ाने की अनुमति दी जाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार टांडे ने बताया कि इस वर्ष को मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत “मिशन प्लस” कार्यक्रम संचालित है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और विषयगत दक्षता को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि “यह पहल अनुकरणीय है, इससे न केवल शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि छात्रों की अकादमिक रुचि भी बढ़ेगी।
पहल के मुख्य बिंदु
🔹 पहल का उद्देश्य: शिक्षा गुणवत्ता अभियान को सशक्त बनाना।
🔹 कौन कर सकेंगे अध्यापन: सेवानिवृत्त प्राचार्य, व्याख्याता, शिक्षक व सहायक शिक्षक।
🔹 कार्य का स्वरूप: पूर्णतः निःशुल्क एवं स्वैच्छिक।
🔹 प्रशासन की पहल: इच्छुक शिक्षक गूगल शीट में अपनी प्रविष्टि भरें।
🔹 सम्मान: सत्र के अंत में कलेक्टर द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
🔹 लाभ: विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों से मार्गदर्शन मिलेगा, शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि होगी।



