मो इसराइल बबलू
चेतना अभियान के तहत बुजुर्गों को दी दीपावली की सौगात, मिठाइयां बांटीं, फुलझड़ियां जलाईं — पुलिस कर्मियों ने सेवा व स्नेह से जीता दिल
बिलासपुर |
त्योहारों की ड्यूटी के बीच भी मानवीय संवेदनाओं का दीप जलाते हुए यातायात पुलिस बिलासपुर ने इस बार दीपावली को कुछ अलग अंदाज़ में मनाया। “चेतना अभियान” के तहत यातायात पुलिस ने शहर के नागरिक संगठनों और समाजसेवी संस्थाओं के साथ मिलकर वृद्धा आश्रम एवं शेल्टर होम में निवासरत बुजुर्गों और बच्चों संग दीपावली मनाई। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों व कर्मियों ने न केवल दीप जलाए और फुलझड़ियां जलाईं, बल्कि बुजुर्गों की सेवा-सुश्रुषा कर उनका आशीर्वाद भी प्राप्त किया।







वृद्धाश्रम के परिसर को रंग-बैलून से सजाया गया था। वहां मौजूद वरिष्ठ जनों को शाल, श्रीफल और दीपावली की मिठाइयां भेंट की गईं। उनके साथ मिलकर पुलिस कर्मियों ने दीप जलाए और पटाखों की रोशनी में आनंद साझा किया। इस अनोखे आयोजन में बुजुर्ग माता-पिता तुल्य वरिष्ठजन भावुक हो उठे। उन्होंने अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए उपस्थित पुलिस कर्मियों और समाजसेवियों को अपने परिवार का हिस्सा बताया।
मानवता की मिसाल बनी पुलिस
दीपावली पर्व के दौरान जब अधिकतर लोग अपने घर-परिवार के साथ उत्सव मनाते हैं, तब पुलिस बल शहर की सुरक्षा व्यवस्था में चौबीसों घंटे मुस्तैद रहता है। ऐसे में बिलासपुर यातायात पुलिस ने अपने कर्तव्य और करुणा दोनों का उदाहरण पेश करते हुए आम नागरिकों के साथ इस पर्व को सेवा और स्नेह के उत्सव में बदल दिया।
बुजुर्गों की भावनाएं और अपील
वृद्धाश्रम के निवासियों ने भावुक होकर कहा कि “परिवार ही बुजुर्गों की सबसे बड़ी शक्ति होता है। उन्हें अलग कर देने से जो मानसिक पीड़ा होती है, उसकी कल्पना कोई नहीं कर सकता।” उन्होंने समाज से अपील की कि कोई भी परिवार अपने बुजुर्ग माता-पिता को कभी भी अकेला न छोड़े, बल्कि जीवन के इस पड़ाव में उन्हें स्नेह और सम्मान का साथ दे।
पुलिस अधिकारियों और समाजसेवियों की अपील
इस मौके पर उपस्थित पुलिस अधिकारियों और समाजसेवियों ने कहा कि माता-पिता परिवार की आत्मिक धुरी हैं। उनकी सेवा करना हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। शासन द्वारा भी बुजुर्गों की देखभाल के लिए विधिक प्रावधान मौजूद हैं, जिन्हें हर परिवार को समझने और पालन करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में रहे ये प्रमुख उपस्थित
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे, यातायात विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, तथा समाजसेवी संस्था “स्वयं सिद्धा फाउंडेशन” की अध्यक्ष चंचल सलूजा, सदस्य ज्योति मिश्रा, सरभजित कौर, शेखर सरकार सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



