दुर्ग और जांजगीर-चांपा में खून से रंगी खुशियां — पटाखा फोड़ने के विवाद में दो अधेड़ों की निर्मम हत्या, आरोपी गिरफ्तार
मो इसराइल बबलू
जहां एक ओर पूरा प्रदेश दीपों की रोशनी में नहा रहा था, वहीं दूसरी ओर दुर्ग और जांजगीर-चांपा में अंधकार ने दस्तक दे दी। पटाखों की गूंज के बीच दो घरों में मातम पसर गया। मामूली विवाद ने ऐसी आग पकड़ी कि रिश्ते, समझ और इंसानियत सब जल गए। एक ने बुजुर्ग चाचा की सीने में चाकू उतार दी, तो दूसरे ने अधेड़ को घर के भीतर घुसकर मौत के घाट उतार दिया। दीपों के त्यौहार पर दो घरों के दीप सदा के लिए बुझ गए।
बिलासपुर, दुर्ग/जांजगीर-चांपा।
दिवाली की रात प्रदेश की दो जिलों में तबाही बनकर टूटी। पहले दुर्ग में, फिर जांजगीर-चांपा में—दोनों जगह मामूली ‘पटाखा विवाद’ ने रक्तरंजित रूप ले लिया।
दुर्ग के छावनी थाना क्षेत्र के बैरागी मोहल्ले में 55 वर्षीय गणेश बैरागी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मोहल्ले के कुछ युवक घर के सामने पटाखे फोड़ रहे थे। गणेश ने बस इतना कहा कि “थोड़ी दूर जाकर जलाओ बेटा…” लेकिन यह “बेटा” शब्द भी अब हमेशा के लिए चुप हो गया। युवकों ने बात का बतंगड़ बना दिया और गुस्से में बुजुर्ग की सीने में चाकू उतार दिया।
मौत की गूंज और गिरफ्तारी
सीएसपी हेमप्रकाश नायक ने बताया कि आरोपी संजय और शुभम बैरागी को वारदात के कुछ घंटों में ही दबोच लिया गया। पुलिस की तेज कार्रवाई से इलाके में कुछ राहत की सांस तो आई, लेकिन दीपावली की रात अब बैरागी मोहल्ले के लिए ‘खूनी रात’ बन चुकी है।
दूसरी वारदात: जांजगीर-चांपा का कोटमी सोनार गांव
इधर, जांजगीर-चांपा के कोटमी सोनार गांव में 45 वर्षीय बालमुकुंद सोनी की लाश घर के भीतर से बरामद हुई। परिजनों के मुताबिक, बालमुकुंद ने कुछ युवकों को पटाखा थोड़ी दूरी पर फोड़ने को कहा था। वही बात युवकों को नागवार गुजरी। रात के अंधेरे में घर में घुसे और बेरहमी से हत्या कर दी।
मौत के बाद का मंजर भयावह था। घर की दीवारों पर छिटका खून, बिखरे पटाखों के टुकड़े और खामोश गांव।
पटाखों के शोर में दब गई चीखें…
पास-पड़ोस में किसी ने कुछ नहीं सुना। चारों ओर धमाकों की गूंज थी, लेकिन एक अधेड़ की अंतिम चीख उस रात की सबसे अनसुनी आवाज बन गई।
घटना के बाद मौके पर डॉग स्क्वाड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट पहुंचे। पुलिस ने कई सुराग जुटाए हैं और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
वर्जन
“दिवाली की रात हुई हत्या बेहद दुखद है। समाज में छोटी-छोटी बातों पर हिंसा की प्रवृत्ति चिंताजनक है। दोनों मामलों में जांच जारी है और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।”
— हेमप्रकाश नायक, सीएसपी छावनी
- दोनों वारदातों की जड़ में पटाखा फोड़ने का विवाद
- दुर्ग में परिवारिक संबंध के भीतर उफना गुस्सा
- जांजगीर में गांव के युवकों का सामूहिक हमला
- दोनों मामलों में त्योहार की रात मातम में बदली
- पुलिस ने दुर्ग मामले में दो आरोपी गिरफ्तार किए, जांजगीर केस में तलाश जारी
मेरी भी सुनिए…
त्योहार अब केवल उत्सव नहीं रहे, संवेदनाओं की परीक्षा बन चुके हैं। जहां दीपक जलाने चाहिए थे, वहां आग रिश्तों में लग गई। यह केवल दो हत्याएं नहीं, बल्कि समाज की उस असहिष्णु प्रवृत्ति का प्रतिबिंब हैं जो “ना” सुनते ही हिंसा पर उतर आती है।
Mohammed israil



