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दीपावली पर बिलासपुर पुलिस ने रचा अनुशासन और संवेदनशीलता का नया इतिहास — एसएसपी रजनेश सिंह के नेतृत्व में सड़कों पर उतरी टीम, शहर ने कहा “वाह पुलिस!

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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मो इसराइल बबलू


फील्ड में उतरकर एसएसपी ने खुद संभाली कमान, हर चौक पर दिखाई अनुशासन, संवेदनशीलता और सेवा भावना — दीपावली की भीड़ में न जाम, न अफरा-तफरी, बस व्यवस्था और विश्वास की जगमग रोशनी

1. “When leadership walks the streets, discipline follows naturally — Bilaspur Police turned duty into celebration this Diwali.”

2. “In the glow of a thousand lamps, it was the uniform that shone brightest — Bilaspur Police lit up the night with service and sensitivity.”

3. “This Diwali, Bilaspur didn’t just celebrate light — it celebrated law, order, and humanity under SSP Rajneesh Singh’s command.”

4. “True policing is not about control, but care — Bilaspur Police proved that even festivals can be safer when compassion leads the force.”


बिलासपुर।

दीपावली की जगमग रात में जहां पूरा शहर उत्सव में डूबा था, वहीं बिलासपुर पुलिस “सुरक्षा और सेवा” के असली अर्थ को जी रही थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों और जवानों के साथ सड़कों पर उतरकर यह साबित कर दिया कि “अच्छी पुलिसिंग” केवल वर्दी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक है।

एसएसपी सिंह ने दीपोत्सव की रात स्वयं देवकीनंदन चौक, राघवेंद्र तिराहा, सिम्स चौक, कोरोना चौक, सदर बाजार, गोल बाजार, महामाया चौक, गांधी चौक, शिव टॉकीज चौक, तारबहार चौक, सीएमडी चौक और सत्यम चौक सहित शहर के सभी प्रमुख मार्गों का पैदल निरीक्षण किया। हर स्थल पर उन्होंने अपने अधीनस्थों को आवश्यक निर्देश दिए और नागरिकों से सीधा संवाद कर व्यवस्था का आकलन किया।


एसएसपी खुद मैदान में — पुलिस बनी जनता की साथी

दीपावली जैसे व्यस्त पर्व पर शहर में लाखों की भीड़ उमड़ी, लेकिन इस बार न कहीं अफरा-तफरी दिखी, न जाम। नागरिकों ने राहत की सांस ली।
एसएसपी ने बाजारों में घूम-घूमकर दुकानदारों, फेरीवालों और ठेला संचालकों से बातचीत की और उन्हें आग्रह किया कि सड़कों पर अतिक्रमण न करें, ताकि यातायात सुचारु रहे।
पुलिस की संवादशीलता और अनुशासन ने नागरिकों को यह महसूस कराया कि “पुलिस केवल नियंत्रण नहीं करती — व्यवस्था बनाती है।”


सुरक्षा के साथ मानवीयता — फटाका बाजारों में सुरक्षा की अनोखी तैयारी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने फटाका बाजारों और विस्फोटक पदार्थ विक्रय स्थलों का भी निरीक्षण किया। सभी पटाखा व्यापारियों को फायर एक्सटिंग्विशर और ज्वलन-रोधी उपकरण रखने के निर्देश दिए गए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के नेतृत्व में ट्रैफिक यूनिट ने ऐसी सुदृढ़ व्यवस्था बनाई कि पूरे शहर में यातायात निर्बाध रूप से चलता रहा।


दीपों के बीच संवेदनशीलता — पुलिस ने खरीदे मिट्टी के दीये

इस दीपावली बिलासपुर पुलिस ने मानवीय पहल भी की।
ग्रामीण इलाकों से आए मिट्टी के दीये, पूजन सामग्री और पारंपरिक वस्तुएं बेचने वाले विक्रेताओं से न केवल संवाद किया गया बल्कि पुलिस अधिकारियों ने स्वयं उनसे खरीदारी कर “स्थानीय कला” और “परंपरा” के प्रति सम्मान का संदेश दिया।
एसएसपी रजनेश सिंह की इस पहल ने पुलिस की छवि को और भी मानवीय बनाया।


हर अधिकारी रहा सतर्क — जमीनी स्तर तक नियंत्रण

रात भर चली पुलिस की सतर्कता में एएसपी शहर राजेंद्र जायसवाल, एएसपी ग्रामीण श्रीमती अर्चना झा, एएसपी यातायात रामगोपाल करियारे, सीएसपी कोतवाली गगन कुमार सहित सभी थाना प्रभारी और सैकड़ों पुलिस जवान शामिल रहे।
हर चौक पर पुलिस की मौजूदगी से नागरिकों को सुरक्षा और सहजता का अनुभव हुआ।


जनता का संदेश — “इस बार दीपावली सुरक्षित थी, पुलिस की वजह से”

दीपावली के अगले दिन सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा —

“बिलासपुर पुलिस को सलाम! पहली बार दीपावली पर ट्रैफिक सुचारु रहा, पुलिस की मौजूदगी से सुरक्षा का एहसास हुआ।”

नागरिकों ने पुलिस कप्तान रजनेश सिंह और उनकी टीम को “बिलासपुर का गौरव” बताते हुए धन्यवाद दिया।


मेरी भी सुनिए…

“वर्दी में व्यवस्था और विश्वास की ज्योति — बिलासपुर पुलिस ने दीपावली पर पेश किया अनुकरणीय उदाहरण”
जहां दीपक अंधेरे को दूर करता है, वहीं सजग पुलिस समाज में सुरक्षा का उजाला फैलाती है।
एसएसपी रजनेश सिंह के नेतृत्व में बिलासपुर पुलिस ने इस दीपावली “व्यवस्था, अनुशासन और संवेदनशीलता” का ऐसा संतुलन बनाया, जो आने वाले समय में पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बनेगा।
यह दीपावली बिलासपुर में केवल घरों में नहीं, सड़क पर खड़ी पुलिस की आंखों में भी चमक रही थी।


Mohammed israil

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