✍️ मो इसराइल बबलू
पार्ट 2
कांग्रेस में संगठन सृजन अभियान तेज़ : ब्लॉक से लेकर प्रदेश तक शुरू हुई स्क्रीनिंग प्रक्रिया, निष्ठावान नेतृत्व को मिलेगी प्राथमिकता
बिलासपुर ,रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस में संगठन सृजन अभियान निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। पार्टी ने ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक कड़े स्क्रीनिंग अभियान के तहत उम्मीदवारों की छंटनी शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया में स्थानीय सक्रियता, संगठनात्मक दक्षता और जनस्वीकार्यता के साथ यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि पार्टी के साथ दगाबाजी करने वाले नेता चयन सूची में शामिल न हों। युवा और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को ही जिला और शहर नेतृत्व में प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे संगठन में नई ऊर्जा और विश्वास पैदा हो सके।
ब्लॉक स्तर से स्क्रीनिंग प्रक्रिया
संगठन सृजन अभियान के पहले चरण में ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों से नाम प्रस्तावित किए जा रहे हैं। इच्छुक कार्यकर्ताओं से आवेदन लिए जा रहे हैं और स्थानीय स्तर पर प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस प्रक्रिया में उम्मीदवारों की:
- स्थानीय सक्रियता
- पार्टी के प्रति निष्ठा
- पिछली चुनावी उपलब्धियाँ
को प्राथमिक आधार बनाया गया है।
जिला स्तर पर समीक्षा और शॉर्टलिस्टिंग
जिला स्तर पर गठित समीक्षा समितियाँ ब्लॉक से प्राप्त नामों का परीक्षण कर रही हैं। यदि सर्वसम्मति न बनती है, तो गुप्त मतदान का सहारा लिया जा सकता है। इस चरण में उम्मीदवार की:
- जनस्वीकार्यता
- संगठनात्मक दक्षता
- विवादरहित छवि
के साथ-साथ पार्टी के प्रति ईमानदारी और निष्ठा को निर्णायक मानदंड माना जा रहा है।
राज्य स्तर पर अंतिम मूल्यांकन और केंद्रीय पर्यवेक्षण
जिला स्तर से चयनित नामों को राज्य कांग्रेस कमेटी के पास भेजा जाएगा। कुछ संवेदनशील जिलों में AICC केंद्रीय पर्यवेक्षक भेजकर अंतिम समीक्षा करेंगे। पर्यवेक्षक टीम स्थानीय रिपोर्ट और उम्मीदवारों की ईमानदारी का मूल्यांकन कर निर्णय को अंतिम रूप देगी।
जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में युवा और निष्ठावान चेहरों को तरजीह
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने 50 वर्ष से कम उम्र के नेताओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया है कि जो नेता पार्टी के साथ निष्ठावान नहीं रहे या गुटीय खेल में लगे रहे, उनके लिए पदों की कोई गुंजाइश नहीं है।
नियुक्ति प्रक्रिया एक नजर में
स्तर कार्यवाही प्रमुख बिंदु ब्लॉक नामांकन और प्रारंभिक स्क्रीनिंग स्थानीय सिफारिश और रिपोर्ट जिला समीक्षा और शॉर्टलिस्टिंग सर्वसम्मति / मत संग्रह प्रदेश मूल्यांकन और सिफारिश वरिष्ठ नेताओं की सहमति AICC पर्यवेक्षण और अंतिम अनुमोदन पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करना
जिला अध्यक्ष चयन का पैमाना
मानदंड विवरण 1️⃣ संगठनात्मक सक्रियता पिछले 3 वर्षों में पार्टी अभियानों, बैठकों और आंदोलनों में सहभागिता 2️⃣ जनस्वीकार्यता स्थानीय कार्यकर्ताओं और जनता में लोकप्रियता एवं संपर्क 3️⃣ ईमानदारी व अनुशासन संगठन के प्रति निष्ठा, अनुशासन और विवादरहित छवि 4️⃣ आयु सीमा और अनुभव संतुलन 50 वर्ष से कम उम्र के नेताओं को प्राथमिकता; वरिष्ठ अनुभवियों से संतुलन 5️⃣ सामाजिक व क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व SC, ST, OBC, महिला और अल्पसंख्यक समुदायों का समुचित प्रतिनिधित्व 6️⃣ टीम भावना और नेतृत्व क्षमता सामूहिक कार्यशैली, संवाद कौशल और स्थानीय नेतृत्व क्षमता का मूल्यांकन 7️⃣ पर्यवेक्षक की रिपोर्ट गोपनीय रिपोर्ट अंतिम निर्णय का आधार
मुख्य उद्देश्य:
“कांग्रेस चाहती है कि हर जिला अध्यक्ष संगठन का चेहरा बने — जमीनी कार्यकर्ता, जनता से जुड़ा और संगठन को नई ऊर्जा देने वाला।”
बिलासपुर शहर व जिलाध्यक्षों की दावेदारी और शॉर्टलिस्टिंग
- शहर अध्यक्ष पद के लिए 16 दावेदार
- जिलाध्यक्ष पद के लिए 32 दावेदार
जिलाध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार
प्रमोद नायक, शिवबालक कौशिक, आत्मजीत मक्कड़, आशीष सिंह, आदित्य दीक्षित, संदीप शुक्ला, नीरज जायसवाल, संतोष दुबे, राजेन्द्र धीवर, महेन्द्र गंगोत्री, राजेन्द्र शुक्ला, लक्ष्मीनाथ साहू, विमल अग्रवाल, त्रिलोक श्रीवास, रविन्द्र सिंह, दिलीप पाटिल, जगदीश कौशिक
शहर अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार
विजय पांडेय (वर्तमान अध्यक्ष), शैलेष पांडेय (पूर्व विधायक), रामशरण यादव (पूर्व महापौर), शिवा मिश्रा, शेखर मुदलियार, महेश दुबे टाटा, राजकुमार तिवारी, नरेन्द्र बोलर
पारदर्शिता और निष्ठा पर जोर
- हर स्तर पर पर्यवेक्षक नियुक्त
- चयन प्रक्रिया को गुटीय दबाव और बाहरी प्रभाव से मुक्त रखा गया
- युवा और निष्ठावान नेताओं का संतुलन सुनिश्चित किया जा रहा है
प्रदेश नेतृत्व की निगरानी में अंतिम चरण
- हर जिले से रिपोर्ट मंगाई जा रही है
- अंतिम सूची दिल्ली मुख्यालय को भेजी जाएगी
- औपचारिक नियुक्ति की घोषणा जल्द होने की संभावना
- यह अभियान पार्टी को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने और आगामी चुनावों से पहले संगठन में नई जान डालने में अहम
“संगठन सृजन अभियान सिर्फ पदों का बंटवारा नहीं, बल्कि कांग्रेस के पुनर्गठन की प्रक्रिया है। युवा, निष्ठावान और जमीनी कार्यकर्ताओं को नेतृत्व देने की दिशा में पार्टी प्रतिबद्ध है। जो नेता पार्टी के साथ दगाबाजी करेंगे, उनके लिए कोई जगह नहीं है।”
— एक वरिष्ठ कांग्रेस पर्यवेक्षक, रायपुर
🔹 संगठन सृजन अभियान की झलक
- युवा उम्मीदवारों की हिस्सेदारी (अनुमानित) — 60%
- महिला प्रतिनिधित्व लक्ष्य — कम से कम 30%
- अगले चरण की समय-सीमा — नवंबर 2025 तक जिला अध्यक्षों की घोषणा



