रायपुर / बिलासपुर | मोहम्मद इसराइल बबलू
छत्तीसगढ़ की धरती पर एक बार फिर बेटियों ने साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और जज़्बे के आगे जीत असंभव नहीं।
डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय कोटा, बिलासपुर में 11 से 14 अक्टूबर तक आयोजित पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय महिला कबड्डी प्रतियोगिता (East Zone Inter University Women’s Kabaddi Championship) में अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय बिलासपुर की महिला टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को चौंकाते हुए ईस्ट जोन की विजेता ट्रॉफी अपने नाम की।
यह विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद पहला मौका है जब महिला कबड्डी टीम ने पूर्वी क्षेत्र की चैंपियन बनकर इतिहास रचा है।





मैदान में धमाका — बिलासपुर ने हर प्रतिद्वंद्वी को किया ध्वस्त
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पूर्वी भारत के 44 विश्वविद्यालयों की महिला टीमों ने भाग लिया, जिनमें से केवल चार विश्वविद्यालयों —
अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय बिलासपुर, डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय कोटा, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर, और एल.एन. मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा (बिहार) — ने ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कबड्डी चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया।
क्वालीफायर राउंड में बिलासपुर की टीम ने एम.जी. काशी विद्यापीठ, उत्तर प्रदेश को 44-34 के अंतर से मात देकर अगले चरण में प्रवेश किया।
इसके बाद लीग मैचों में बिलासपुर की खिलाड़ी संजू देवी, रोशनी, जागृति, सिमरन, मनीषा, निधि, अन्नू, नूतन, शब्बो, मुस्कान, त्रिजा, ज्योति, सरोजिनी, चांदनी और संध्या ने एक के बाद एक धमाकेदार प्रदर्शन किया।
पहला मैच: रायपुर पर 61 अंकों से ऐतिहासिक जीत
पहले मुकाबले में अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय बिलासपुर का सामना पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से हुआ, जिसमें बिलासपुर की टीम ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए रायपुर को 88-27 के भारी अंतर से हराया।
यह जीत केवल एक मुकाबला नहीं, बल्कि बिलासपुर की महिला शक्ति का आत्मविश्वास का प्रतीक बन गई।
दूसरा मैच: दरभंगा को हराकर दिखाया दमखम
दूसरे मुकाबले में बिलासपुर बनाम एल.एन. मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा (बिहार) के बीच जोरदार भिड़ंत हुई।
टीम की स्टार रेडर और इंडिया टीम की खिलाड़ी संजू देवी ने 54 अंक अर्जित करते हुए दरभंगा को 54-36 से परास्त किया।
यह मैच बिलासपुर की रणनीतिक सधी हुई रेड और मजबूत डिफेंस का नमूना साबित हुआ।
तीसरा मैच: रमन विश्वविद्यालय कोटा को 60-34 से हराकर बना चैंपियन
फाइनल मुकाबले में बिलासपुर की टीम ने डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय कोटा को एकतरफा मुकाबले में 60-34 से हराकर ईस्ट जोन की चैंपियनशिप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
इस जीत के साथ अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय ने तीसरी बार ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया है।
टीम पहले भी ‘खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स’ में दो बार छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुकी है।
कोचिंग, प्रबंधन और टीमवर्क का शानदार तालमेल
इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे वरिष्ठ NIS कोच दिल कुमार राठौर (खेलो इंडिया ट्रेनिंग सेंटर, बहतराई स्टेडियम, बिलासपुर) का योगदान सराहनीय रहा।
वे पिछले चार वर्षों से खिलाड़ियों को तकनीकी प्रशिक्षण और मनोबल बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।
टीम प्रबंधन की जिम्मेदारी डॉ. सुरेश सिंह पवार ने निभाई, जबकि डॉ. बसंत अंचल के नेतृत्व में विश्वविद्यालय लगातार खेल उपलब्धियों की नई ऊँचाइयाँ छू रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला
फाइनल मुकाबले के दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. तरनीश गौतम और खेल संचालक डॉ. प्रमोद तिवारी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और विजेता टीम को ट्रॉफी व गोल्ड मेडल प्रदान किए।
कुलपति प्रो. ए.डी.एन. वाजपेई ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा —
“यह सिर्फ जीत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की बेटियों के आत्मविश्वास और जज़्बे का प्रतीक है। आने वाले ऑल इंडिया मुकाबलों में यह टीम देश का नाम रोशन करेगी।”
बधाइयों की झड़ी – बिलासपुर की बेटियों ने रचा नया इतिहास
टीम की इस शानदार उपलब्धि पर श्री राजेश सिंह, शोभाराम टाइगर, श्री मुकेश बिहारी घोरे, डॉ. आलोक शर्मा, डॉ. सतीश गोयल, डॉ. शेख शाहिद, डॉ. अजय सिंह, डॉ. अजय यादव, डॉ. मनीष श्रीवास्तव और राकेश तिवारी सहित विश्वविद्यालय परिवार के सभी क्रीड़ा अधिकारियों ने हार्दिक बधाई दी।
“हम जीतेंगे, क्योंकि हम हार मानना नहीं जानते” — संजू देवी
विजेता टीम की स्टार खिलाड़ी संजू देवी ने कहा,
“हमारे लिए यह जीत सिर्फ ट्रॉफी नहीं, बल्कि चार वर्षों की मेहनत का फल है। आने वाले ऑल इंडिया मुकाबलों में हम बिलासपुर का नाम और ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।”
अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय की इस ऐतिहासिक जीत ने न केवल छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया, बल्कि देशभर में यह संदेश दिया कि जब बेटियां मैदान में उतरती हैं — तो इतिहास लिखा जाता है।



