रायपुर, बिलासपुर 14 अक्टूबर 2025 | मो इसराइल बबलू
छत्तीसगढ़ में युवाओं को नशे और तंबाकू की लत से दूर रखने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘तंबाकू और नशा मुक्त स्कूल-कॉलेज अभियान’ का व्यापक शुभारंभ किया है।
यह अभियान भारत सरकार के ‘Tobacco Free Youth Campaign – TFYC 3.0’ के अंतर्गत चलाया जा रहा है, जिसका उद्घाटन 9 अक्टूबर 2025 को किया गया।
अभियान का मुख्य उद्देश्य है — युवाओं को स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त जीवन की दिशा में सशक्त बनाना।


राज्य सरकार का मिशन – हर शिक्षण संस्थान बने तंबाकू मुक्त क्षेत्र
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभागों ने राज्य के सभी जिलों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को “तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान (TOFEI)” के रूप में विकसित करें।
प्रत्येक संस्थान में जागरूकता कार्यक्रम, नशामुक्ति कार्यशालाएं, छात्र परामर्श सत्र, एनएसएस/एनसीसी स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण और ‘नो टोबैको ज़ोन’ के तहत प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
100 मीटर के दायरे में तंबाकू बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
राज्य सरकार ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि शैक्षणिक संस्थानों की 100 मीटर परिधि के भीतर किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पाद की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध लागू किया जाए।
इस दायरे में तंबाकू बेचते पाए जाने वालों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही, स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि छात्रों तक किसी भी प्रकार का नशा उत्पाद न पहुंच सके।
तंबाकू की बढ़ती लत — सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
भारत में युवाओं के बीच तंबाकू सेवन की प्रवृत्ति चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी है।
वैश्विक युवा तंबाकू सर्वेक्षण 2019 के अनुसार —
👉 13 से 15 वर्ष आयु वर्ग के 8.4% बच्चे तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं,
जो आने वाली पीढ़ी के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का संकेत है।
तंबाकू से शरीर के लगभग सभी अंग प्रभावित होते हैं और मुख, गले, फेफड़े और ग्रासनली के कैंसर के अधिकांश मामलों का कारण यही है।
अभियान को व्यापक स्वर — मीडिया और समाज की भागीदारी सुनिश्चित
राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि इस अभियान को सिर्फ सरकारी दायरे में सीमित नहीं रखा जाएगा।
इसके तहत स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों को भी जोड़कर सामूहिक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
टीवी, रेडियो, सोशल मीडिया और शैक्षणिक चैनलों पर तंबाकू के दुष्परिणामों को उजागर करने के लिए विशेष श्रृंखलाएं प्रसारित की जाएंगी।
नशामुक्त युवा – उज्जवल भविष्य की पहचान
‘तंबाकू और नशा मुक्त स्कूल-कॉलेज अभियान’ केवल एक स्वास्थ्य पहल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाने का सामाजिक संकल्प है।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के हर शिक्षण संस्थान में एक सकारात्मक, सुरक्षित और प्रेरक माहौल तैयार हो, जहाँ छात्र नशे से दूर रहकर रचनात्मकता और जिम्मेदारी के साथ जीवन में आगे बढ़ें।
राज्य की अपील – “युवाओं को बचाइए, भविष्य को सजाइए”
छत्तीसगढ़ सरकार ने अभिभावकों, शिक्षकों और समाज से भी अपील की है कि वे बच्चों को तंबाकू और नशे के दुष्परिणामों से परिचित कराएँ और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करें।
सरकार का स्पष्ट संदेश है —
“हर स्कूल, हर कॉलेज तंबाकू मुक्त बने — तभी बनेगा छत्तीसगढ़ का भविष्य स्वर्णिम।”



