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बस में सर्राफा व्यापारी को बनाया निशाना — 90 लाख की ज्वेलरी लेकर फरार हुए गिरोह के सदस्य!

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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मो इसराइल बबलू

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रायपुर लौटते वक्त रतनपुर के पास  उठाईगिरी— नींद का फायदा उठाकर ले उड़े पूरा बैग, CCTV में कैद हुई वारदातबिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के रतनपुर में चलती बस में हुई “90 लाख की उठाईगिरी” ने पुलिस तंत्र की नींद उड़ा दी है।रायपुर के सर्राफा व्यापारी को नींद में ही कंगाल बना देने वाले शातिर गिरोह ने अंबिकापुर से रतनपुर के बीच बस में सफर के दौरान वारदात को अंजाम दिया।मामला गंभीरता से लेते हुए रतनपुर पुलिस ने 3–4 संदिग्धों के खिलाफ BNS की धारा 303(2), 3, 5 के तहत अपराध दर्ज कर तकनीकी साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।वारदात ऐसे हुई — नींद में व्यापारी और ‘सतर्क’ थे गिरोह के सदस्य 🚨 रतनपुर थाने में FIR दर्ज — पुलिस ने शुरू की जांचCCTV में मिले सुराग — रतनपुर में उतरे थे सभी संदिग्ध पुलिस इनपुट बॉक्स 🔍 पृष्ठभूमि — हाईवे पर सक्रिय गिरोहों की पुरानी चुनौती“अब बसों में सफर, भरोसे का नहीं बल्कि खतरे का सौदा!”संगठित अपराध नेटवर्क का संकेतचलती बस में 90 लाख की उठाईगिरी — यह सिर्फ एक वारदात नहीं,बल्कि प्रदेश के भीतर सक्रिय संगठित अपराध नेटवर्क का संकेत है।रतनपुर पुलिस पर अब भारी दबाव है कि वह जल्द से जल्द इस “गायब ज्वेलरी गैंग” को पकड़कर अपराधियों के हौसले तोड़े।

रायपुर लौटते वक्त रतनपुर के पास  उठाईगिरी— नींद का फायदा उठाकर ले उड़े पूरा बैग, CCTV में कैद हुई वारदात


बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के रतनपुर में चलती बस में हुई “90 लाख की उठाईगिरी” ने पुलिस तंत्र की नींद उड़ा दी है।रायपुर के सर्राफा व्यापारी को नींद में ही कंगाल बना देने वाले शातिर गिरोह ने अंबिकापुर से रतनपुर के बीच बस में सफर के दौरान वारदात को अंजाम दिया।मामला गंभीरता से लेते हुए रतनपुर पुलिस ने 3–4 संदिग्धों के खिलाफ BNS की धारा 303(2), 3, 5 के तहत अपराध दर्ज कर तकनीकी साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।


वारदात ऐसे हुई — नींद में व्यापारी और ‘सतर्क’ थे गिरोह के सदस्य

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी किशोर कुमार रावल, निवासी रायपुर, सर्राफा व्यवसाय से जुड़े हैं।
वे व्यापारिक कार्य से अंबिकापुर गए थे और रविवार रात बस से रायपुर लौट रहे थे।
रायपुर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि उनका ज्वेलरी से भरा बैग गायब है।
जब बस के CCTV फुटेज खंगाले गए तो सच सामने आया —

“अंबिकापुर से ही उनके पीछे बस में सवार हुए 3–4 व्यक्तियों ने, रतनपुर के रास्ते में,
व्यापारी के सो जाने का फायदा उठाकर बैग उठाया और रतनपुर स्टॉपेज में उतर गए।”

बताया जा रहा है कि बैग में लगभग 90 लाख रुपए मूल्य की सोने-चांदी की ज्वेलरी थी।


🚨 रतनपुर थाने में FIR दर्ज — पुलिस ने शुरू की जांच

फुटेज देखने के बाद प्रार्थी किशोर रावल ने रतनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
जिस पर पुलिस ने धारा 303(2), 3, 5 BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
मामले की विवेचना जारी है, और तकनीकी टीम को CCTV, मोबाइल लोकेशन व बस स्टॉप रिकॉर्ड्स की जांच का दायित्व सौंपा गया है।

एसडीओपी नूपुर उपाध्याय ने बताया —

“शिकायत प्राप्त होते ही अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है।
CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है।
शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।”


CCTV में मिले सुराग — रतनपुर में उतरे थे सभी संदिग्ध

बस में लगे CCTV फुटेज से साफ हुआ है कि तीन से चार युवक अंबिकापुर से ही व्यापारी के पीछे बैठे थे।
उन्होंने रतनपुर स्टॉपेज पर उतरने से पहले बैग उठाया, और वहां से गायब हो गए।
पुलिस अब रतनपुर बस स्टैंड और हाईवे कैमरों की भी जांच कर रही है।
संभावना है कि यह गिरोह इंटर-डिस्ट्रिक्ट नेटवर्क से जुड़ा हुआ है जो बस यात्रियों को टारगेट करता है।


पुलिस इनपुट बॉक्स

थाना: रतनपुर, जिला बिलासपुर
अपराध संख्या: (प्रस्तावित) धारा 303(2), 3, 5 BNS
मूल्यवान मशरूका: लगभग ₹90,00,000
प्रार्थी: किशोर कुमार रावल, निवासी रायपुर
स्थान: अंबिकापुर से रायपुर के बीच, घटना रतनपुर के पास
वर्तमान स्थिति: जांच जारी, तकनीकी टीम गठित


🔍 पृष्ठभूमि — हाईवे पर सक्रिय गिरोहों की पुरानी चुनौती

पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले कुछ महीनों में अंबिकापुर–रायपुर रूट पर उठाईगिरी के कई छोटे मामले सामने आए थे, परंतु
90 लाख के ज्वेलरी बैग की यह वारदात अब तक की सबसे बड़ी घटना मानी जा रही है।
इससे पहले भी रतनपुर–तखतपुर मार्ग पर कुछ यात्रियों के मोबाइल और बैग चोरी के मामले दर्ज किए गए थे।


“अब बसों में सफर, भरोसे का नहीं बल्कि खतरे का सौदा!”

यह घटना केवल एक व्यापारी के साथ हुई लूट नहीं, बल्कि पूरे यातायात सुरक्षा सिस्टम की विफलता है।
जब हर बस में CCTV कैमरे हैं, तब भी अपराधी इतनी आसानी से उतर जाते हैं —
यह बताता है कि सिस्टम केवल रिकॉर्ड करता है, रोकता नहीं।
जरूरत है कि पुलिस और परिवहन विभाग ऐसे हाईवेज़ को “सुरक्षा ज़ोन” घोषित कर रात्रिकालीन निगरानी बढ़ाए।


संगठित अपराध नेटवर्क का संकेत

चलती बस में 90 लाख की उठाईगिरी — यह सिर्फ एक वारदात नहीं,बल्कि प्रदेश के भीतर सक्रिय संगठित अपराध नेटवर्क का संकेत है।रतनपुर पुलिस पर अब भारी दबाव है कि वह जल्द से जल्द इस “गायब ज्वेलरी गैंग” को पकड़कर अपराधियों के हौसले तोड़े।

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