मो इसराइल बबलू
संगठन सृजन अभियान में पहले ही दिन आवेदनों की बाढ़ — उमंग सिंघार बोले, “अब नेताओं की नहीं, कार्यकर्ताओं की चलेगी”
बिलासपुर | 10 अक्टूबर 2025
🔹 बिलासपुर में कांग्रेस संगठन सृजन अभियान का आगाज़
फाइल फोटो….



कांग्रेस में संगठन सृजन अभियान की औपचारिक शुरुआत के साथ ही जिलाध्यक्ष पद की दावेदारी को लेकर घमासान मच गया है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) से पर्यवेक्षक बनकर पहुंचे मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के सामने पहले ही दिन दर्जनों कार्यकर्ताओं ने आवेदन थमाए।
इससे स्पष्ट हो गया कि बिलासपुर जिला कांग्रेस की कमान पाने की होड़ कितनी तेज है।
भोपाल से आए सिंघार, पहले दिन दौरा तखतपुर–कोटा

उमंग सिंघार शुक्रवार को अमरकंटक एक्सप्रेस से बिलासपुर पहुंचे।
छत्तीसगढ़ भवन में पहुंचते ही उन्होंने ग्रामीण और शहरी जिलाध्यक्ष पद के दावेदारों से वन-टू-वन मुलाकात की।
फिर वे तखतपुर और कोटा विधानसभा क्षेत्रों के दौरे पर रवाना हुए।
तखतपुर में दीपक पैलेस, सकरी में और कोटा में अग्रसेन भवन में हुई बैठकों में
ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भाग लिया।
पर्यवेक्षक ने बंद कमरे में व्यक्तिगत रायशुमारी (वन-टू-वन इंटरैक्शन) की, जिसमें कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष पद के लिए अपने पसंदीदा उम्मीदवारों के नाम दिए।
थोक में आवेदन, युवा नेताओं में जोश



पहले ही दिन थोक में आवेदन मिलने से कांग्रेस संगठन में जोश और प्रतिस्पर्धा दोनों दिखाई दी।
इस दौड़ में महेंद्र गंगोत्री, त्रिलोक श्रीवास, लक्ष्मीनाथ साहू समेत आधा दर्जन से अधिक युवा नेताओं ने आवेदन दिया है।
संगठन में वर्षों से सक्रिय इन चेहरों को स्थानीय कार्यकर्ताओं का समर्थन भी मिल रहा है।
सिंघार बोले — “इस बार नेता नहीं, कार्यकर्ता तय करेंगे अध्यक्ष”

कांग्रेस भवन में पत्रकारवार्ता के दौरान उमंग सिंघार ने कहा —
“इस बार किसी गुट या नेता की नहीं, बल्कि आम कार्यकर्ताओं की राय से जिलाध्यक्ष का चयन किया जाएगा।
राहुल गांधी और अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का संदेश साफ है — जितनी हिस्सेदारी, उतनी भागीदारी।”
उन्होंने कहा कि
“देश में लोकतंत्र की हत्या हो रही है, चुनाव आयोग भाजपा की कठपुतली बन गया है।
भाजपा पूरे देश में संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है, इसलिए कांग्रेस को अब संगठन के स्तर पर और मजबूत होना जरूरी है।”
संगठन सृजन अभियान का उद्देश्य


सिंघार ने बताया कि यह अभियान गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश के बाद अब छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ है।
इसका लक्ष्य जवाबदेह, मजबूत और सक्रिय जिला इकाइयों का निर्माण है।
“हमें ऐसे जिलाध्यक्ष चाहिए जो जनता और कार्यकर्ताओं की आवाज सरकार तक पहुंचा सकें और भाजपा से सीधी लड़ाई लड़ने की क्षमता रखते हों।”
उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया एक माह तक चलेगी और
ब्लॉक, मंडल और ग्राम स्तर तक समितियों का पुनर्गठन किया जाएगा।
कोटा बैठक में भारी उपस्थिति
कोटा की बैठक में विधायक अटल श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी, ब्लॉक अध्यक्ष आदित्य दीक्षित,
महिला कांग्रेस अध्यक्ष वीणा मसीह, युवा कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पकांत कश्यप, प्रकाश जायसवाल, अरुण त्रिवेदी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
साथ ही सुरेश चौहान, संतोष गुप्ता, सुभाष अग्रवाल, देवेन्द्र कौशिक, जब्बार खान, माया मिश्रा, धर्मेन्द्र देवांगन, संजू चौहान जैसे नेता भी शामिल हुए।
बिलासपुर से अभयनारायण राय, राजेन्द्र शुक्ला, त्रिलोक श्रीवास, रंजीत सिंह, अभिषेक सिंह आदि नेता भी रायशुमारी में सम्मिलित हुए।
आज सिंघार का मस्तूरी-बिल्हा दौरा
शनिवार को उमंग सिंघार मस्तूरी और बिल्हा विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
सुबह 10 बजे दिनेश मंगलम (नहर किनारा), मस्तूरी में सीपत और मस्तूरी ब्लॉकों की बैठक होगी।
अपरान्ह 3 बजे कुर्मी समाज भवन, चकरभाठा (कैम्प) में बिल्हा और तिफरा ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों की बैठक ली जाएगी।
“कौन सीएम नहीं बनना चाहेगा” — सिंहदेव का स्पष्ट बयान



पत्रकारवार्ता में मौजूद पूर्व उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा —
“मैंने कभी नहीं कहा कि मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनना है। आखिर कौन नहीं चाहेगा सीएम बनना!
लेकिन पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है और वही सर्वमान्य रहेगा।”
उन्होंने कहा कि संगठन सृजन अभियान पार्टी की रीढ़ को मजबूत करने का निर्णायक कदम है।
‘नई पीढ़ी’ की दस्तक

बिलासपुर जिला कांग्रेस के भीतर यह अभियान संगठनात्मक पुनर्गठन से अधिक पीढ़ी परिवर्तन का संकेत दे रहा है।
जहां वरिष्ठ नेता अब प्रदेश स्तर पर भूमिका खोज रहे हैं, वहीं महेंद्र गंगोत्री, त्रिलोक श्रीवास, लक्ष्मीनाथ साहू जैसे युवा चेहरे
नई पीढ़ी की कांग्रेस का चेहरा बनते दिख रहे हैं।
यह प्रक्रिया आगामी 2028 विधानसभा और 2029 लोकसभा चुनावों के लिए संगठन की नई रणनीतिक दिशा तय कर सकती है।
- कार्यकर्ताओं की राय से जिलाध्यक्ष का चयन
- 🔸 युवा बनाम वरिष्ठ नेताओं के बीच नया समीकरण
- 🔸 प्रदेश नेतृत्व की निगरानी में पारदर्शी प्रक्रिया
- 🔸 अगले चुनावों से पहले संगठनात्मक मजबूती की तैयारी



